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विजन में बदलाव के 7 अजीब कारण

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 30, 2015
इलेक्‍ट्रॉनिक गजेट्स की चमचमाती रोशनी और खानपान में अनियमितता के अलावा कई दूसरे अजीब कारण भी हैं जिनकी वजह से आपके आंखों की रोशनी कम हो सकती है।
  • 1

    आंखों की रोशनी कम होना

    स्मार्टफोन को किनारे रखिए और फल खाइये। जी हां, ये आपके आखों की रोशनी को सलामत रखेगा। एक रिसर्च का कहना है कि जरूरत से ज्यादा
    कोई काम करने से आपके आखों की रोशनी कम हो सकती है। विटामिन डी की कमी के अलावा कई ऐसी अजीब चीजें है जिनसे आखों की रोशनी
    प्रभावित होती है। इस स्लाइड शों में विस्तार से आखों की रोशनी कम होने के कारणों के बारे में पढ़ें।
    ImagesCourtesy@GettyImages

    आंखों की रोशनी कम होना
  • 2

    आउटडोर गेम न खेलना

    किशोरावस्था में पहुंचने के बाद आपके बच्चे की आखों की दृष्टि सही-सलामत रहे तो बचपन से ही उनमें बाहर खेलने की आदत डालें। एक अध्ययन
    से पता चला है कि बाहर खेलने वालों बच्चों में निकट दृष्टि दोष यानी मायोपिया की आशंका कम होती है। यह पहला अध्ययन है, जिसमें बताया गया है कि बाहर खेलने से बच्चों की आखें सूरज की रोशनी के संपर्क में आती हैं, जिससे टीन एज में निकट दृष्टि दोष का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
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    आउटडोर गेम न खेलना
  • 3

    विटामिन डी की कमी

    सूर्य की प्रात:कालीन किरणें भी विटामिन डी का सर्वोत्तम स्रोत है। यह भी नेत्रों के लिये परम हितकारी पाया गया है। इस प्रकार आप नियमित हरी
    साग-सब्जियों एवं ताजे फलों का सेवन कीजिए। स्वत: ही आंखों के रोग विदा होने लेने लग जाएंगे। नेत्र-ज्योति में आशातीत वृद्धि होगी और चश्मा तो कोसों दूर रहेगा।
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    विटामिन डी की कमी
  • 4

    पढ़ाई के दौरान

    खराब रोशनी में महीन काम या पढाई ना करें। इस बात का ध्‍यान रखें कि पढते वक्‍त पीछे से या फिर उपर की ओर से रोशनी आए। सामने से आने
    वाली तेज रोशनी आखों को नुकसान पहुंचा सकती है। पढाई करते समय लगातार दो घंटे से अधिक न बैठें। बीच में 10 मिनट के लिए अपनी हथेली
    से आखों को ढंक लें। इससे आपकी आंखों को काफी हद तक राहत मिलेगी।
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    पढ़ाई के दौरान
  • 5

    बेरीज का सेवन ना करना

    विटामिन सी से भरपूर स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त कणों को खत्म कर, हमारी
    रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। सूरज की रोशनी और यूवी किरणों से आंखों के लेंस के प्रोटीन को नुकसान पहुंच सकता है। विटामिन सी से
    भरपूर स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी के एंटीऑक्सीडेंट तत्व इनसे आंखों की रक्षा करते हैं।
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    बेरीज का सेवन ना करना
  • 6

    जरूरत से ज्यादा टेक्नोलॉजी का प्रयोग

    घंटो स्मार्टफोन, लैपटॉप या टैबलेट की ब्लू लाइट आपकी आखों के लिए नुकसानदेह है। ये आपको कम्प्यूटर सिड्रोम (एक तरह की आखों की समस्या )का शिकार बना सकती है। इसमें आपको धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द और मतली आने जैसी समस्साएं हो जाती है। अगर आपकों देर तक काम करना भी हो तो थोड़ी थोड़ी देर के आखों को आराम देना जरूरी है। इसके लिए आप 20-20 वाला रूल अपना सकते है। हर 20 मिनिट में 20 सेंकेंड के लिए 20 फीट तक देखनें की कोशिश करें।   
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    जरूरत से ज्यादा टेक्नोलॉजी का प्रयोग
  • 7

    डायबटीज के कारण

    डायबटीज रोगियों को अपनी आखों की नियमित रुप से जाच करानी चाहिए क्योंकि डायबटीज में सफेद मोतिया की समस्या, आखों में तनाव, आखों के पर्दे के कमजोर होने से धुंधला दिखना शुरु हो जाता है। कई बार तो डायबिटीज से अंधे होने की भी समस्या हो जाती है। आंखों की जाच के समय
    अपने डॉक्टर यह जरूर बताएं कि आप डायबटीज के शिकार हैं।
    ImagesCourtesy@GettyImages

    डायबटीज के कारण
  • 8

    मुंहासों की दवा से

    कई बार चेहरे से मुंहासें गायब करने के चलते आखों की रोशनी भी प्रभावित हो जाती है। मुंहासों के इलाज के लिए खाने वाली दवाइयों में कुछ
    केमीकल्स होते है जो आखों की रोशनी को कम कर देते है। मुंहासों की दवाई में पाया जाने वाला इसोट्रेटिनॉइन नामक तत्व आखों की यूवी लाइट को
    बढ़ा देता है जो आखों को खराब करता है।
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    मुंहासों की दवा से
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