हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

7 कारणों से घास पर चलना स्वास्थ्य के लिए है लाभदायक

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 23, 2015
चलने के फायदे सभी को पता होंगे और यह एक तरह का व्‍यायाम भी है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि नंगे पैर घास पर चलना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से कितनी फायदेमंद है। तो क्‍यों न हर रोज घास पर चलकर इसका फायदा उठायें।
  • 1

    हरी घास पर चलना

    अच्छे स्वास्थ्य के लिए वॉक यानी टहलना बहुत महत्वपूर्ण होता है। सिर्फ वॉक कितनी देर की जाए, इस बात पर ध्यान देने से ही फायदा नहीं होता बल्कि ये भी सोचना चाहिए कि वॉक कहां की जाए। वॉक के लिए पार्क जाइये, हरियाली देखिये और फूलों को सहलाइये। हरियाली के बीच सुबह का टहलना न केवल तनाव से मुक्ति दिलाता है, बल्कि दिल के लिए भी अच्छा है। हृदय रोगियों को हरियाली के बीच टहलना चाहिए। घास पर टहलने के और भी कई लाभ होते हैं। आइये जानते हैं उनके बारे में।
    Image Source- Getty Images

    हरी घास पर चलना
  • 2

    तनाव होता है कम

    आप जितनी देर और जितना अधिक हरियाली के बीच रहेंगे, उतने ही स्वस्थ और तनावरहित रहेंगे। हरियाली का प्रभाव हमें सुरक्षा का एहसास दिलाता है, जो धीरे-धीरे मांसपेशियों का खिंचाव कम करता है और तनावरहित बनाता है। ग्रीन थेरेपी से मस्तिष्क की शक्ति भी बढ़ती है।
    Image Source- Getty Images

    तनाव होता है कम
  • 3

    मधुमेह में उपयोगी

    मधुमेह रोगियों के लिए हरियाली के बीच बैठना, टहलना और उसे देखना बहुत अच्छा माना जाता है। ऐसे लोगों में कोई भी घाव आसानी से नहीं भरता, परन्तु मधुमेह रोगी यदि हरियाली के बीच रह कर नियमित गहरी सांस लेते हुए टहले तो शरीर में ऑक्सीजन की पूर्ति होने से समस्या से निजात पाया जा सकता है।
    Image Source- Getty Images

    मधुमेह में उपयोगी
  • 4

    छींक, एलर्जी का इलाज

    ग्रीन थेरेपी का मुख्य अंग है हरी-भरी घास पर नंगे पैर चलना या बैठना। सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलना बहुत बेहतर माना जाता है। जो पांवों के नीचे की कोमल कोशिकाओं से जुड़ी तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक राहत पहुंचाता है। घास पर कुछ देर प्यार भरी भावना से बैठ जाने से तनाव, एलर्जी और छींक तक दूर हो जाती है।
    Image Source- Getty Images

    छींक, एलर्जी का इलाज
  • 5

    आंखों की रोशनी तेज होती है

    सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलने से आंखों की रोशनी भी तेज होती हैं। जो लोग चश्मा लगाते है कुछ दिन नंगे पैर हरी घास पर चलने से उनका चश्मा उतर जाता है या चश्मे का नम्बर कम हो जाता है। ये भी ग्रीन थेरेपी का चमत्कार है।
    Image Source- Getty Images

    आंखों की रोशनी तेज होती है
  • 6

    प्रदूषित वायु से बचाव

    जो लोग देर तक प्रदूषित वायु के संपर्क में रहते है, उनमें सांस रोग होने की संभावना ज्यादा होती है, यह वायु उनके मस्तिष्क पर भी असर डालती है। व्यक्ति में याद रखने की क्षमता घटने लगती है। यहां भी ग्रीन थेरेपी काम आती है। यदि आप अपने कार्यस्थल के आस-पास हरियाली रखेंगे, तो प्रदूषणकारी तत्व आप तक नहीं पहुंच पाएंगे।
    Image Source- Getty Images

    प्रदूषित वायु से बचाव
  • 7

    उच्च रक्तचाप में लाभदायक

    उच्च रक्तचाप के सभी रोगियों को प्रतिदिन सूर्योदय के समय भ्रमण के लिये किसी पार्क में जाकर एक घंटे शुद्ध वायु के वातावरण में प्रतिदिन बैठने व इसी अवधि में ओस पडी हरी घास पर कुछ समय नंगे पैर नियमित चलने से पर्याप्त लाभ मिलता है।
    Image Source- Getty Images

    उच्च रक्तचाप में लाभदायक
  • 8

    ऊर्जा का निर्माण

    ग्रीन थेरेपी से शरीर में ऊर्जा का निर्माण होता है। हरियाली के बीच टहलने पर पसीना निकलता जिससे शरीर में जमा वसा जलती और ऊर्जा मिलती है। टहलते हुए जब शरीर अतिरिक्त ऑक्सीजन की मांग करता है तो हृदय तेजी से पंपिंग करता है और जल्दी से फेफड़ों से ऑक्सीजन की सप्लाई मांगता है। ऐसे करने से हृदय और फेफड़े दोनों का काम होता हैं। इसे कहते हैं ग्रीन थेरेपी का कमाल।
    Image Source- Getty Images

    ऊर्जा का निर्माण
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर