स्ट्रोक रोकने में मददगार 7 प्रभावी तरीके

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 17, 2015

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हालांकि जीवनशैली में परिवर्तन जैसे धूम्रपान छोड़ना, शराब से परहेज, फल और सब्जियों का अधिक सेवन, वजन कम करना और ब्‍लड प्रेशर और ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करना आदि दिल के रोगों और स्‍ट्रोक को रोकने के सबसे अच्‍छे तरीके हैं। लेकिन बहुत से ऐसे उपाय भी है जिनसे लगभग हम सभी अनजान हैं। आइए स्‍ट्रोक को रोकने के ऐसे ही कुछ सरल उपायों के बारे में जानते हैं।
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    इन उपायों से स्ट्रोक को रोकें

    दिल की बीमारियों से पीड़ि‍त लोगों की औसत संख्‍या दिन ब दिन बढ़ रही है। पहले सोचा जाता था कि स्‍ट्रोक की समस्‍या बहुत ही दुर्लभ होती है, लेकिन दैनिक आधार पर डॉक्‍टरों को स्‍ट्रोक के कई मामले देखने को मिलते हैं। हालांकि जीवनशैली में परिवर्तन जैसे धूम्रपान छोड़ना, शराब से परहेज, फल और सब्जियों का अधिक सेवन, वजन कम करना और ब्‍लड प्रेशर और ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करना आदि दिल के रोगों और स्‍ट्रोक को रोकने के सबसे अच्‍छे तरीके हैं। और हम सभी इन उपायों के बारे में जानते भी हैं। लेकिन बहुत कम लोग स्‍ट्रोक को रोकने के इन सरल तरीकों के बारे में जानते हैं।
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    जैतून तेल का इस्‍तेमाल

    रिसर्च से पता चला है कि जैतून का तेल न केवल दिल को दौरे को रोकता है बल्कि यह स्‍ट्रोक को भी रोकता है। 7,600 से अधिक 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के फ्रेंच वयस्‍कों पर किए गये ओब्ज़र्वेशनल अध्‍ययन के अनुसार, जिन लोगों ने नियमित रूप से जैतून के तेल का उपयोग किया उनमें स्‍ट्रोक का खतरा लगभग 40 प्रतिशत कम पाया गया। इसलिए स्‍ट्रोक से बचने के लिए अपने आहार में जैतून के तेल का उपयोग करें।
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    गुस्‍सा कम करें

    जर्नल हाइपरटेंशन में प्रकाशित एक अध्‍ययन के अनुसार, क्रोध और आक्रामकता आपको स्‍ट्रोक के उच्‍च जोखिम में डाल सकती है। साथ ही इससे ब्‍लड प्रेशर बढ़ जाता है और आपके समग्र स्‍वास्‍थ्‍य पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए अपने मन को शांत करने के लिए आप डीप और रिलैक्सेशन तकनीक का अभ्‍यास करें।
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  • 4

    पूरी नींद लें

    हार्वर्ड के वैज्ञानिकों अनुसार, सात घंटे से कम की अपर्याप्‍त नींद स्‍ट्रोक के जोखिम को 63 प्रतिशत तक बढ़ा देती है। इसके अलावा नींद की समस्‍याये जैसे खर्राटे भी हृदय रोग और डायटबिटीज से अलग स्‍ट्रोक के खतरे को बढ़ा देती है। इसलिए पर्याप्‍त नींद सोने की कोशिश करें।
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  • 5

    नियमित रूप से वॉक करें

    ह‍र किसी का जीवन व्‍यस्‍त है, लेकिन उसे खुद के लिए समय निकालना पड़ता है। रोजाना 20 मिनट वॉक करने से आपको स्‍ट्रोक को रोकने में मदद मिलती है। 40,00 महिलाओं पर किये गये एक बड़ अध्‍ययन के अनुसार, सप्‍ताह में कुल 2 घंटे वॉक करने आप स्‍ट्रोक के खतरे को लगभग 30 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। अतिरिक्‍त लाभ पाने के लिए आप ब्रिस्क वॉकिंग कर सकते हैं। यह स्‍ट्रोक की संभावना को लगभग 40 प्रतिशत तक कम कर सकता है।    
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    माइग्रेन को दूर करें

    एक अलग तरह का सिरदर्द, जिसमें तेज रोशनी और धब्‍बे दिखाई देते है। जी हां माइग्रेन भी स्‍ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देता है। हालांकि इस बारे में स्‍पष्‍ट संकेत नहीं कि माइग्रेन के उपचार से स्‍ट्रोक को दूर किया जा सकता है, लेकिन कई विशेषज्ञों को मानना है कि यह एक अच्‍छा निवारक उपाय है। इसलिए अगर आपको बारबार माइग्रेन की समस्‍या हो रही है तो चिकित्सक से सलाह लें। साथ ही माइग्रेन से बचने के लिए आप तनाव प्रबंधन, मेडिटेशन और योग को अपनाये।
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    डिप्रेशन से बचें

    80,000 महिलाओं पर हुए एक अध्‍ययन के अनुसार, डिप्रेस लोगों में स्‍ट्रोक से पीड़ि‍त होने की आंशका लगभग 29 प्रतिशत बढ़ जाती है। डिप्रेशन से अन्‍य बुरी आदतों जैसे स्‍मोकिंग, अनहेल्‍दी डाइट, कम फिजीकल एक्टिविटी और अनियंत्रित स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं जैसे हाई ब्‍लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्‍या भी होने लगती है। यह सभी स्‍ट्रोक के खतरे को बढ़ा देती है। भावनाएं जैसे लगातार उदासी, निराशा, चिंता, चिड़चिड़ापन, थकान, अपनी मनपंसद चीजों में रूचि कम होना, नींद की समस्‍या आदि की ओर ध्‍यान देने की जरूरत है।
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    बढ़ती दिल की धड़कन को नजरअंदाज न करें


    बढ़ती धड़कन, सांस की तकलीफ, चेस्‍ट में पेन, माइग्रेन जैसे लक्षण असामान्‍य दिल की धड़कन की ओर इशारा करते है। और असामान्‍य दिल की धड़कन स्‍ट्रोक के खतरे को पांच गुना बढ़ा देती है। इसलिए दिल की धड़कन को सामान्‍य रखने की कोशिश करें। अगर धड़कने की समस्या किसी प्रकार की चिंता परेशानी, ज्यादा भागदौड़, ज्यादा जल्दबाजी या फिर किसी तरह के तनाव की वजह से होती है तो बेहतर यही होगा कि जीवन को जहां तक हो सके और जितना भी हो सके, शांत ढंग से जीने से कोशिश करें।
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