हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

सोरायसिस के 7 प्रकारों की आपको होनी चाहिए जानकारी

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 18, 2015
सोरायसिस की समस्‍या त्वचा पर लाल रंग की सतह के रूप में उभरकर आती है और स्‍कैल्‍प (सिर के बालों के पीछे) हाथ-पांव अथवा हाथ की हथेलियों, पांव के तलवों, कोहनी, घुटनों और पीठ पर अधिक होती है, इसके प्रकारों के बारे में इस स्लाइडशो मे पढ़ें।
  • 1

    सोरायसिस

    सोरायसिस त्वचा पर होने वाली ऑटोइम्यून बीमारी है। जिसके होने से त्वचा का कोशिका मरने लगता है और लाल एवं सफ़ेद धब्बे के रूप में शरीर में दिखने लगता है। यह रोग प्रतिराकक्षा प्रणाली के गलत संदेश के कारण कोशिकाओ की तीव्र वृद्धि दर के कारण उत्पन्न होता है। लांकि यह रोग केवल 1-2 प्रतिशत लोगों में ही पाया जाता है।
    Image Source- Getty

    सोरायसिस
  • 2

    प्लेक सोरायसिस

    प्लेक सोरायसिस एक आम तरह का सोरायसिस होता है। 10 लोगों मे 8 लोग इसी सोरायसिस के शिकार होते है। प्लेक सोरायसिस के कारण शरीर पर सिल्वर रंग और सफेद की लाइन बन जाती है। लाल रंग के धब्बे के साथ जलन होने की समस्या हो जाती है। ये आपके शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकते है पर ज्यादातर कोहनी, घुटने, स्कल्प, पीठ मे नीचे होते है।
    Image Source- Getty

    प्लेक सोरायसिस
  • 3

    गटेट या चित्तीदार सोरायसिस

    ये बच्चों या युवाओं मे ज्यादा देखा जाता है। इसके मामले 2 फीसदी से भी कम आते है। इसमे आपके शरीर पर छोटे गुलाबी चित्ती सी उभर कर आती है। ये ज्यादतर अपर-आर्म, जांघों और स्कल्प पर नजर आता है। इसका मुख्य कारण तनाव, त्वचा मे चोट औऱ दवाइयों के रिएक्शन के कारण होता है। इसका उपचार कराने की जरूरत नहीं होती। ज्यादातर मामलों मे ये खुद ही ठीक होता है।
    Image Source- Getty

    गटेट या चित्तीदार सोरायसिस
  • 4

    इन्‍वर्स सोरायसिस

    इन्‍वर्स सोरायसिस  बाइट रेड, स्मूथ और शाइनी होते है। ये लाइनें नहीं बनाते। ये ज्यादातर आर्मपिट्स, ग्रोइन, स्तन के नीचे पाये जाते है। ये ज्यादा पसीने और रगड़ने के कारण होता है।
    Image Source- Getty

    इन्‍वर्स सोरायसिस
  • 5

    पस्‍चुलर सोरायसिस

    ये एक दुर्लभ तरह का सोरायसिस होता है। ये ज्यादातर बड़ो मे पाया जाता है। इसमे लाल रंग का फोड़ा सा होता है जिसमे पस भरा होता है। ये  देखने मे संक्रमित प्रतीत होते है पर ऐसा होता है। ये ज्यादातर हाथों और पैरो में होते है। लेकिन ये शरीर के किसी भी हिस्से मे हो सकते है। इशके कारण कई बार बुखार, मतली आदि जैसी समस्याएं भी होत जाती है।   
    Image Source- Getty

    पस्‍चुलर सोरायसिस
  • 6

    एरि‍थ्रोडर्मिक सोरायसिस

    ये सबसे दुर्लभ सोरायसिस का प्रकार होता है, हालांकि ये बहुत गंभीर होता है। ये ज्यादातर आपको शरीर को प्रभावित करता है। ये पूरी त्वचा मे फैल जाता है , इससे त्वचा मे जलन भी होती है। इसमे खुजली, हार्ट रेट बढ़ जाने और शरीर का तापमान कम ज्यादा होने जैसी समस्याएं हो जाती है। इसके कारण संक्रमण, निमोनिया भी हो सकता है।  
    Image Source- Getty

    एरि‍थ्रोडर्मिक सोरायसिस
  • 7

    नेल सोरायसिस

    इस तरह के सोरायसिस मे लोगो के नाखून प्रभावित होते है। ये समस्या ज्यादातर सोरियाटिक अर्थराइटिस से पीड़ित लोगो मे होती है। इससे जोड़ प्रभावित होते है। इस सोरायसिस मे नाखून मे दर्द, रंगों का बदलाव , नाखूनों के अंदर चॉक जैसा तत्व भर जाता है। ये ज्यादातर फंगल इंफेक्शन के कारण होता है।
    Image Source- Getty

    नेल सोरायसिस
  • 8

    सोरियाटिक अर्थराइटिस

    ये सोरायसिस और अर्थराइटिस का जोड़ होता है। इस तरह के 70 फीसदी रोगियों मे तकरीबन 10 साल से सोरायसिस की समस्या रहती है। इसके सामान्य लक्षण जोड़ो मे दर्द, उंगलियों और टखनों मे सूजन आदि जैसी समस्या होती है।  
    Image Source- Getty

    सोरियाटिक अर्थराइटिस
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर