जानें क्‍या हैं कभी बीमार न पड़ने वाली महिलाओं के राज

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 01, 2015

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आपने अपनी दादी नानी को उम्र उम्र की ढलान तक एनर्जेटिक और निरोग देखा होगा, यह आपके लिए भी संभव है, हम आपको ऐसे राज के बारे में बता रहे हैं जिनको जानकर और अपनाकर आप भी हमेशा निरोग रह सकती हैं।
  • 1

    स्वस्थ रहें

    प्रदूषित हवा, पानी और भोजन के साथ जीवन बिताने की मजबूरी के चलते आज शायद ही ऐसा कोई बचा हो जो बगैर किसी दवा या डॉक्टरी सलाह के पूरी तरह से फिट हो। लेकिन ऐसा मुमकिन है कि आप बिना दवा का प्रयोग करके निरोग रह सकती हैं। कुछ उपायों को अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करके इंसान अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को इस सीमा तक बढ़ा सकता है कि उस पर किसी बीमारी का असर न हो। हम आपको विस्‍तार से बताते हैं।
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  • 2

    मुंह स्वास्थ्य

    दांत और उसके आसपास के हिस्से में अगर इंफेक्शन हो, तो यह सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। कैविटी या बैक्टीरियल डिपॉजिट दांत व मसूड़ों के आसपास ब्लड से होते हुए पूरे शरीर तक पहुंच सकते हैं। इनकी वजह से ब्लड प्रेशर व शुगर नियंत्रित करना मुश्किल होता है, कई बार इसकी वजह से हार्ट ब्लॉकेज तक की समस्या आ सकती है। इसलिए दांतों की सेहत पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
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  • 3

    रोजाना एक सेब

    अंग्रेजी में कहा गया है, "एन एपल ए डे, कीप्स द डॉक्टर अवे" अर्थात एक सेब जो रोज है खाता डॉक्टर को वह दूर भगाता। सेब सेहत के लिहाज से सबसे अच्छा फल माना जाता है। सेब में विटामिन सी और खास तौर पर रेशे बहुतायत में पाए जाते हैं। सेब के सेवन से ह्वदय रोग, कैंसर, मधुमेह के साथ ही दिमागी बीमारियों जैसे पार्किंसन और अल्जाइमर आदि में भी आराम मिलता है।
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  • 4

    न लें तनाव

    विशेषज्ञों के अनुसार डॉक्टर्स के पास जाने वाले 90 प्रतिशत मरीज तनाव से संबंधित रोगों के कारण आते हैं। जब हमारे शरीर या मन को किसी चुनौती का सामना करना पड़ता है तो हमारी चयापचय प्रक्रिया तेज हो जाती है, रक्तचाप, हृदय गति और नाड़ी की गति बढ़ जाती है और शरीर में खून का दौरा तेज होता है।शरीर में एड्रनलीन की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्थिति अधिक देर बनी रहे तो कई शारीरिक व मानसिक समस्याएँ पैदा हो जाती हैं।
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  • 5

    सकारात्मक सोच

    सकारात्मक सोच तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है।सकारात्मक सोच का असर व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ता है। सकारात्मक सोच रखने से प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है। इससे न केवल व्यक्ति खुश रहता है बल्कि सकारात्मक सोच रखकर परिस्थितयों का सामना करने से सफलता की संभावना भी अधिक रहती है।
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  • 6

    विटामिंस की कमी न होने दें

    तरह-तरह के पोषक तत्व मिल कर हमारी सेहत को दुरुस्त रखते हैं, जिनमें विटामिन्स की भी खास भूमिका होती है। यदि आवश्यक विटामिन जीवन भर मनुष्य को मिलते रहे तो मनुष्य निरोगी, तेजस्वी और दीर्घायु जीकर जीवन के समस्त आनन्द का उपभोग कर सकता है।शारीरिक दुर्बलता, रोग आदि को दूर करने के लिए विटामिनों की आवश्यकता होती है।
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  • 7

    योग रखे निरोग

    खानपान, योग और ध्यान समन्वित इस जीवन शैली के उत्साह वर्धक परिणाम आए। जिन साधकों ने योगपरक जीवन शैली अपनाई थी उनके बाडी मास इंडेक्स (बीएनएल), कोलेस्ट्रोल और रक्तचाप नियंत्रित मिले। मधुमेह, हृदय रोग और अस्थमा जैसे आधुनिक सभ्यता के रोगों पर योग से नियंत्रण की दिशा में उत्साह वर्धक परिणाम आए हैं।
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  • 8

    दोस्त बनाएं

    दोस्तों के बीच ज्यादा से ज्यादा रहने से हम ज्यादा लम्बी जिंदगी जीते हैं। दोस्त आपके व्यवहार को रिश्तेदारों की तुलना में ज्यादा प्रभावित करते हैं। इससे आपके स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन होते हैं।
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