10 मिनट या उससे कम समय में आपको रिलेक्स करें ये 7 ब्रीदिंग एक्सरसाइज

By:Shabnam Khan , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 17, 2015

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रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम कई प्रकार के तनाव से गुजरते हैं। सोते-जागते, खाते-पीते हर समय दिमाग में कोई न कोई परेशानी या तनाव चलता ही रहता है। इसके चलते सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, कमर का दर्द, मोटापा और थकान जैसी समस्याएं अक्सर हो जाती हैं। ऐसे में ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद से दिमागी तनाव और अन्य समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
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    ब्रीदिंग एक्सरसाइज

    रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम कई प्रकार के तनाव से गुजरते हैं। सोते-जागते, खाते-पीते हर समय दिमाग में कोई न कोई परेशानी या तनाव चलता ही रहता है। इसके चलते सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, कमर का दर्द, मोटापा और थकान जैसी समस्याएं अक्सर हो जाती हैं। ऐसे में ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद से दिमागी तनाव और अन्य समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। जब हम सांस लेते हैं तो इसके साथ हमारे शरीर में पहुंचने वाली ऑक्सीजन खून के माध्यम से शरीर की कोशिकाओं को पोषण देती है। ब्रीदिंग का महत्व सालों पहले भी प्राणायाम के रूप में बताया गया है। केवल गहरी सांस लेने और छोड़ने से ही हमें कई तरह के फायदे होते हैं।

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    समा वृत्ति

    चार की गिनती तक सांस अंदर खीचें और फिर चार की गिनती तक सांस बाहर करें। सांस लेने की ये प्रक्रिया नाक से की जाती है। ऐसा करने से आपका नर्वस सिस्टम शांत हो जाता है, फोकस बढ़ता है और स्ट्रेस कम होता है। ये क्रिया को आप कहीं भी कभी भी कर सकते हैं लेकिन सोने से तुरंत पहले करने से आपको इसका सबसे ज्यादा लाभ मिल सकता है। जिन लोगों को नींद की समस्या होती है उनके लिए ये क्रिया बहुत फायदेमंद है।

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  • 3

    एब्डॉमिनल ब्रीदिंग टेकनीक

    इसके लिए एक हाथ छाती पर और दूसरा पेट पर रखें। नाक से एक गहरी सांस अंदर लें। इससे आपको फेफड़ों में खिंचाव महसूस होगा। ऐसा 6 से 10 बार हर रोज करें। इससे आपको दिल की धड़कन और रक्तचाप नियंत्रित होता हुआ लगेगा। छह से आठ हफ्ते तक इस क्रिया का अभ्यास करने से हमेशा के लिए फायदा मिलता है। इसे तब करें जब तनाव महसूस हो रहा हो।

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  • 4

    नाड़ी शोधन

    जिन लोगों को उच्च रक्तचाप या अन्य कोई बिमारी न हो तो इसी दौरान अन्दर और बाहर कुछ क्षणों के लिए सांस रोक सकते हैं तो यही नाड़ी शोधन प्राणायाम कहलायेगा। जब हम थोडा पेट पिचकाएंगे तो ऐसा लगेगा कि हमारे शरीर में रक्तप्रवाह तेज हो रहा है और कुछ देर में आंखों को सुख की अनुभूति होने लगेगी।

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    कपालभाति

    कपालभाति की मदद से वजन घटाने काफी आसान है। नियमित रुप से सुबह-सुबह कपालभाति करने से कुछ ही दिनों में पको फर्क महसूस होने लगेगा। किसी सपाट जगह पर बैठ जाएं। बैठने के बाद पेट को ढीला छोड़ दें। अब तेजी से सांस बाहर निकालें और पेट को भीतर की ओर खींचें। सांस को बाहर निकालने और अंदर की ओर खींचते समय संतु‍लन बनायें संतुलन बना कर रखें। शुरूआत में दस बार और बाद में 60 बार तक भी इस क्रिया को कर सकते हैं।

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  • 6

    प्रॉग्रेसिव रिलेक्सेशन

    पूरे शरीर का तनाव दूर करने के लिए आंखें बंद करें और अपनी तनावग्रस्त मांसपेशियों पर दो से तीन मिनट ध्यान लगाएं। पहले अपने पैरों से शुरुआत करें फिर शरीर के हर अंग पर ध्यान लगाएं। इस दौरान नाक से सांस अंदर लें, पांच तक गिनें और फिर सांस बाहर छोड़ें। इसके बाद मुंह से सांस लें और छोड़ें। इस प्रक्रिया को आप घर या दफ्तर कहीं भी कर सकते हैं।

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    कल्पना और ध्यान

    आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं। गहरी सांस लें और किसी सकारात्मक छवि किसी खुशमिजाज़ इंसान की कल्पना करें, उस पर ध्यान लगाएं। ऐसा करते हुए धीमी धीमी सांसें लें। इस क्रिया से नकारात्मकता दूर होती है और दिमाग केंद्रित होता है। इस क्रिया को आप कहीं भी कर सकते हैं।

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    ब्रीदिंग एक्सरसाइज के फायदे

    डीप ब्रीदिंग न सिर्फ शरीर को पूरी तरह रिलैक्स करेगी, बल्कि आपको मानसिक सुकून भी देगी ब्रीदिंग के जरिए शरीर के 70 प्रतिशत टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं। इसे नियमित करें। डीप ब्रीदिंग से दर्द से भी राहत मिलती है। इसे प्राकृतिक पेन किलर के रूप में जाना जाता है। डीप ब्रीदिंग न सिर्फ शरीर को पूरी तरह रिलैक्स करेगी, बल्कि आपको मानसिक सुकून भी देगी। ब्रीदिंग के जरिए शरीर के 70 प्रतिशत टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं। इसे नियमित करें। डीप ब्रीदिंग से दर्द से भी राहत मिलती है। इसे प्राकृतिक पेन किलर के रूप में जाना जाता है।

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