जानें क्‍यों सहेलियों के साथ समय बिताने से आपको मिलता है सुकून

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 09, 2015

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जब दो सहेलियां आपस में मिलती हैं तो जाहिर सी बात है लंबी बातें भी होंगी, लेकिन इससे इतर सहेलियों के साथ वक्‍त बिताने से सुकून मिलता है, इस स्‍लाइडशो में हम बता रहे हैं आखिर ऐसा क्‍यों होता है।
  • 1

    गर्लफ्रेंड के साथ समय

    'अरे यारों दोस्ती बड़ी ही हसीन है, ये ना हो तो क्या फिर, बोलो ये ज़िन्दगी है, कोई तो हो राजदार, बेगर्ज तेरा हो यार, कोई तो हो राजदार' बॉलीवुड के गाने के बोल अक्सर लड़कियां अपनी खास सहेलियों के साथ गुनगुनाती मिल सकती हैं। एक लड़की की जिंदगी में चाहे कितने भी खास रिश्ते क्यों ना हो पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रहने का सुकून बिल्कुल अलग होता है। आइयें जानते है इस सुकून के क्या कारण हैं।
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  • 2

    बांटे मन की बातें

    दोस्त का मतलब है ऐसा कोई, जिसके सामने तुम कुछ भी बोल सकते हो। हर किसी की शिकायत कर सकते हो उससे, अपने मनपसंद जोक्स सुना सकते हो, कोई पोयम या कहानी लिखी है तो उसे सुना सकते हो, कुछ मिल-बांटकर खा सकते हो। इसलिए संडे को अपने दोस्त के साथ कुछ देर बैठो और अपने दिल की सारी बातें उससे कहो और हां, उसकी बातें भी सुनना।
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  • 3

    दुख की साथी

    सहेलियों के साथ समय बिताने से उदासी और डिप्रेशन की शिकायत नहीं होती है। विशेषज्ञों के अनुसार दोस्तों के साथ समय बिताने पर आपको न केवल मानसिक, बल्कि भावनात्मक और शारीरिक स्तर पर भी राहत मिलती है। ये आपको कभी जज नहीं करती है। ना ही कोई गलत सलाह देती है। आपकी बातों को ध्यान से सुनकर आपकी परेशानी को दूर करती है।
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  • 4

    शापिंग पार्टनर

    आपकी सहेलियों का कोई ग्रुप है तो बहुत ही अच्छा, वरना नए मित्र बनाइए और छोटी-मोटी आउटिंग से लेकर पूल लंच-डिनर या यूं ही विंडो शॉपिंग करने निकल पड़िए। यही नहीं, थोड़ी-बहुत गॉसिप भी कभी-कभार के लिए कतई बुरी नहीं। इससे आप कुछ हल्के पल जिएंगी और खुद को तरोताजा महसूस करेंगी।
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  • 5

    आउटिंग के दौरान मस्‍ती ही मस्‍ती

    यकीन मानिये लड़कियां आपस में जितना मस्ती करती है वो कभी अपने बॉयफ्रेंड या फिर मेल फ्रेंड के साथ नहीं कर पाती है। लड़कियों के आपस के सीक्रेट्स, डर, पंसद, नापंसद सभी जितना खुलकर सामने आते है उतना कहीं भी नहीं होते है। लड़कियों का आपस में एक कंफर्ट होता है। गर्ल्स नाइटआउट पर होने वाली मस्ती, शरारतें कभी कभी सामने आने वाले व्यक्तित्व से अलग होती है।
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