आईवीएफ के बाद ब्रेस्टफीडिंग से पहले ये जरूर पढ़ें

By:Devendra Tiwari , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 10, 2016

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

आईवीएफ के बाद ब्रेस्टफीडिंग के दौरान आपसे कोई गलती न हो, इसलिए इन बातों को जरूर ध्यान में रखें।
  • 1

    आईवीएफ और ब्रेस्टफीडिंग

    ऐसा सभी मानते हैं स्तनपान यानी ब्रेस्टफीडिंग की कला महिला को प्रसव के बाद खुद-ब-खुद आ जाती है, जो कि गलत है। चूंकि प्रसव के बाद महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोन का बदलाव होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि महिला स्तनपान नहीं करा सकती। यहां सामान्य प्रसव और आईवीएफ तकनीक से गुजरी महिला के लिए स्थिति अलग-अलग हो सकती है। सी-सेक्शन या आईवीएफ के बाद महिला को स्तनपान कराने में अधिक समस्या का सामना करना पड़ता है। तनाव, हार्मोन में असमानता और थकान के कारण शरीर में दूध बनने की प्रक्रिया बाधित होती है। ऐसे में इस स्लाइडशो में हम आपको बता रहे हैं कि आईवीएफ के बाद महिला ब्रेस्टफीडिंग के दौरान किन बातों को ध्यान में रखे।

  • 2

    तनाव से बचें

    प्रसव के बाद तनाव होना सामान्य बात है और अगर पहली बार आप मां बनी हैं और प्रक्रिया प्राकृतिक न होकर आईवीएफ के जरिये आगे बढ़ी है तो तनाव लाजमी है। लेकिन मां बनने के बाद बच्चे का पालन-पोषण प्राथमिक होना चाहिए और बातें द्वितीयक। अगर आप स्तनपान करा रही हैं तो इसका सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ेगा। चूंकि जन्म के 6 महीने तक बच्चा केवल मां के दूध पर ही निर्भर रहता है, इसलिए तनाव को दूर करें और बच्चे की सेहत के बारे में ही सोचें। तनाव से बचने के लिए नियमित व्यायाम करें, और नहाते वक्त इसेंशियल ऑयल का प्रयोग करें।

  • 3

    थोड़ा आराम भी जरूरी है

    यह जरूरी नहीं कि आप दिनभर बच्चे को अपनी गोद में ही लेकर बैठी रहें और लगातार उसे ब्रेस्फीडिंग कराती रहें। बच्चे को लगातार गोद में लिये रहने और लगातार ब्रेस्टफीडिंग कराते रहने से आपके शरीर में दूध का निर्माण सही तरीके से नहीं हो पायेगा। इसलिए एक बार बच्चे को स्तनपान कराकर घर के दूसरे सदस्यों को दें और दोबारा चिकित्सो द्वारा बताये गये समय या फिर जब बच्चे को भूख लगे तब ही स्तनपान करायें।

  • 4

    फोलिक एसिड लेती रहें

    फोलिक एसिड के गोलियों की जरूरत गर्भधारण की योजना बनाने के दौरान ही हो जाती है। हालांकि महिला को यह लगता है कि गर्भधारण के दौरान ही फोलिक एसिड की जरूरत होती है और प्रसव के बाद इसका सेवन नहीं करना चाहिए। यहीं महिला की सोच गलत हो जाती है। दरअसल फोलिक एसिड की जरूरत प्रसव के बाद ब्रेस्टफीडिंग के दौरान भी पड़ती है। फोलिक एसिड महिला के शरीर में दूध के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।

  • 5

    खानपान का विशेष ध्यान रखें

    सामान्यतया गर्भधारण के बाद महिला खानपान पर विशेष ध्यान देती है और प्रसव के बाद खानपान के प्रति लापरवाह हो जाती है। जबकि सच्चाई यह है कि प्रसव के बाद मां को खानपान पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है, क्योंकि सही और पौष्टिक आहार से ब्रेस्ट में दूध का निर्माण भी अच्छे तरीके से होगा। हालांकि बच्चे की देखभाल में आप सारी रात जागती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अपनी सेहत से खिलवाड़ करने लगें। इन दिनों सही और पौष्टिक भोजन जरूरी है।

  • 6

    सलाह जरूरी है

    गलतियां इंसान से ही होती हैं। ऐसे में एक मां से गलती न हो यह संभव नहीं। इसलिए जब भी आपको लगे कि आपके या बच्चे के साथ कुछ गलत हो रहा है, बेझिझक बड़ों से या फिर चिकित्सक से इसके बारे में सलाह लें। अगर आप शुरूआत में चीजों को सही तरीके से नहीं कर पा रही हैं तो विशेषज्ञ की मदद लेने में हिचकिचायें नहीं। यह ध्यान रहे कि एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ तरीके से बच्चे का लालन-पालन कर सकती है।

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर