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पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 12, 2014
पुश-अप और पुल-अप दोनों ही शरीर के कोर पर काम करते हैं और प्रभावी व्यायाम होते हैं, लेकिन इन दोनों के फायदे एक दूसरे से अलग होते हैं।
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स

    ऐसा जरूरी नहीं कि सभी हाई इंटेसिटी वर्कआउट वेट के साथ ही किये जाएं। आप डंबल या रॉड उठाए बिना बेहतरीन फुल बॉडी एक्सरसाइज कर सकते हैं। पुश-अप और पुल-अप दरअसल दो ऐसे व्यायाम हैं जो शीरीर के कोर पर काम करते हैं और उसे सुडोल, आकर्शक व मजबूत बनाती हैं। अक्सर लोग कहते हैं कि पुश-अप्स या पुल-अप्स में से कौंन सी एक्सरसाइज बेहतर है? तो इसका जवाब ये है कि दोनों ही एक्सरसाइज शरीर पर अपनी तरह से काम करती हैं, और महत्वपूर्ण भी हैं। हां इनमें विभेद जरूर किया जा सकता है।
    courtesy: © Healthmeup.com

    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स
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    क्या हैं फायदे

    इसके दो बड़े फायदे हैं। पहला, आपका शरीर बेहतर और चुस्त महसूस करता है और दूसरा इसकी हाई इंटेसिटी आपकी कसरत करने की क्षमता को आगे ले जाती है क्योंकि ये दोनों ही पावर एक्सरसाइज हैं।
    courtesy: © Thinkstock photos/ Getty Images

    क्या हैं फायदे
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    पुश अप्स

    शरीर के ऊपरी हिस्से को बढ़िया शोप देने के लिए पुश अप्स कमाल की एक्सरसाइज है। साथ ही पुश-अप आपकी बाहों का वजन कम करने का कारगर तरीका है। आप नजदीकी लाकर सख्त पकड़ वाली पुश-अप कर अपनी बाहों पर अधिक दबाव डाल सकते हैं।
    courtesy: © Thinkstock photos/ Getty Images

    पुश अप्स
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    पुश अप्स करने का तरीका

    पुश-अप करने के लिए, जमीन पर घुटने के बल बैठें और फिर पैर सीधे कर हाथों और पंजों पर पूरे शरीर का भाप ले लें। अब कुहनी को मोड़ें और साने को फर्श के पास लाएं, फिर हाथों के दम पर वापस लौट जाएं। बेहतर नतीजों के लिए, 15 से 20 पुश अप रोज करें। इससे आपके सीने व बाहों को संतुलित बनाने एवं मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
    courtesy: © Thinkstock photos/ Getty Images

    पुश अप्स करने का तरीका
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    पुल अप्स

    पुश अप्स के बाद बेहतर नतीजों के लिए पुल अप्स करना चाहिए। इसे करते समय हाथों के बीच दूरी बनाकर रखें और ऊपर जाते समय सांस लें और नीचे आते वक्त उसे छोड़ें। ठीक से इसे करने के लिए अपनी अपर चेस्ट को हर बार रॉड से टच करें।
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    पुल अप्स
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    पुल-अप में रखें ध्यान

    पुल-अप करने के बाद आपने शरीर को पूरी तरह न लटका लें या फिर आपकी कुहनियां मुड़ी रहें। कहने का मतलब है कि शरीर को न तो पूरी तरह से छोड़ दें और न ही उसे टांगे रखें। अर्थात नीचे आने के बाद अपने शरीर के वजन को ताकत से संभाले रखें। यह बाजू और कमर को मजबूत बनाने की दमदार कसरत है। इसके रोज छह से आठ रैप लगाएं।
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    पुल-अप में रखें ध्यान
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स - 1

    जहां एक ओर नियमित रूप से व सही ढंग से पुश-अप्स करने से चयापचय दर बढ़ जाती है, वहीं पुल-अप करना शरीर के लिए एक अच्छा कार्डियो व्यायाम होता है।
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स - 1
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स - 2

    पुश-अप्स करने से शरीर में रक्त और ऑक्सीजन के परिसंचरण में सुधार होता है, वहीं पुल-अप्स का नियमित अभ्यास विषमकोण मांसपेशियों (rhomboid muscles) और हाथ की मांसपेशियों के लिए बहुत ही अच्छा होता है।
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स - 2
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स - 3

    पुश-अप कोर मांसपेशियों और शरीर के ऊपरी हिस्से की मांसपेशी समूहों के लिए प्रभावी व्यायाम होता है और इन्हें बेहतर शेप देकर मजबूत बनाता है, जबकि पुल-अप अभ्यास पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स - 3
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स - 4

    पुश-अप्स करने के लिए स्ट्रेच करते समय अपने हाथों पर बहुत ज्यादा दबाव डालने से बचना चाहिये, जबकि पुल-अप्स के दौरान अपके हाथों की चौड़ाई आपके कंधों की चौड़ाई से कम होनी चाहिए।
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    पुश-अप्स बनाम पुल-अप्स - 4
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