पुरुषों में इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन के कारण

By: ओन्लीमाईहैल्थ लेखक, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 08, 2013

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

पुरुषों में सेक्‍स को लेकर कई समस्‍यायें होती हैं जिसके कारण वह अपने पार्टनर को खुश नही कर पाते हैं। इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन या स्‍तंभनदोष के कारणों को जानें इस स्‍लाइड शो में।
  • 1

    इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन के कारण

    सेक्‍स की इच्‍छा में कमी या फिर समय से पहले स्‍खलन होना पुरुषों में पायी जाने वाली सेक्‍स समस्‍या है। लेकिन ईडी से जूझ रहे पुरुषों में कामेइच्‍छा तो होती है, लेकिन उनमें इरेक्‍शन की समस्‍या होती है। इस समस्‍या के कारण वह अपने पार्टनर को यौन रूप से संतुष्‍ट नहीं कर पाते। यह शारीरिक और मानसिक समस्‍या है।

  • 2

    अन्‍य रोगों के कारण

    कई अन्‍य रोग भी इस समस्‍या का कारण हो सकते हैं। डायबिटीज रोगियों में यह समस्‍या अधिक देखने को मिलती है। एक अध्‍ययन के अनुसार डायबिटीज ग्रस्‍त हर दो लोगों में से एक मरीज को ईडी की समस्‍या होती है। इसके अलावा किडनी, लीवर, दिल आदि की बीमारी और उच्‍च रक्‍तचाप भी इस समस्‍या के पीछे हो सकते हैं।

  • 3

    धूम्रपान के कारण

    स्‍मोकिंग भी इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन का कारण है। धूम्रपान का ब्‍लड सर्कुलेशन पर असर होता है। जिस कारण जननांगों के आसपास रक्‍त कणिकायें प्रभावित होती हैं। अगर आप धूम्रपान कर रहे हैं तो इसकी आदत से छुटकारा पाने की कोशिश कीजिए। 30 और 40 साल की उम्र में धूम्रपान के कारण स्‍पर्म प्रोडक्‍शन की क्षमता कम हो जाती है।

  • 4

    सर्जरी के बाद सावधानियां

    अगर आपने किसी प्रकार की सर्जरी करवायी है तो उसके कारण पेनिस के आसपास की खून सप्‍लाई करने वाली नसें प्रभावित होती हैं जिसके कारण इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन होता है। अगर सर्जरी कराने के बाद आप प्री-कॉशन ले रहे हैं तो यह समस्‍या कुछ दिनों में समाप्‍त हो जाती है, इसके लिए एक छोटा सा इलाज ही प्रभावी है।

  • 5

    दवाओं का साइड-इफेक्‍ट

    ज्‍यादा मात्रा में दवाओं का प्रयोग भी ईडी का कारण हो सकता है। अगर आप थॉयराइड, एंटीडिप्रेशन जैसी एंटीबॉयोटिक दवाओं का प्रयोग करते हैं तो यह समस्‍या आपको हो सकती है। इसलिए कोई भी दवा खाने से पहले चिकित्‍सक से परामर्श अवश्‍य ले लीजिए।

  • 6

    साइकिलिंग से बचे

    2005 में  जर्नल ऑफ सेक्‍सुअल मेडिसन में प्रकाशित एक रिव्‍यू आर्टिकल में यह पाया गया था कि सप्‍ताह में तीन घंटे से अधिक समय साइकिल पर बिताने वाले चार प्रतिशत पुरुषों में ईडी की समस्‍या थी। वहीं उसी आयु वर्ग के केवल एक फीसदी धावक पुरुषों में यह परेशानी देखी गयी। जब आप साइकिल की सीट पर बैठते हैं, तो पुरुष जननांग रक्‍त ले जाने वाली वाहिनियां और नसों को आपका भार सहना पड़ता है। समय के साथ ये नसों को नुकसान पहुंचता है, जिसकी वजह से लिंग तक पूरा रक्‍त नहीं पहुंच पाता, जिसकी वजह से यह परेशानी होती है।

  • 7

    तनाव

    तनाव ध्‍यान केंदित करने की क्षमता पर असर डालता है। तनावग्रस्‍त व्‍यक्ति शांत चित्त भी नहीं रह पाता। तनाव किसी भी रूप में हो, भावनात्‍मक या मानसिक, यह सेक्‍स लाइफ पर बुरा असर डालता है। तनाव शीघ्र पतन का महत्‍वपूर्ण कारण है।

  • 8

    अति संवेदनशीलता

    अतिसंवेदनशील लिंग शीर्ष तथा संभोग के दौरान प्रदर्शन चिंता या घबराहट का संयोग भी इसे पैदा कर सकता है। इसके लिए आप किसी विशेषज्ञ चिकित्‍सक की सहायता ले सकते हैं। याद रखिए राह चलते नीम-हकीमों से इसका इलाज करवाना आपको भारी पड़ सकता है।

  • 9

    डर

    यह डर अक्सर पहले हुये शीघ्रपतन के अनुभव के कारण हो सकता है। पुरुष का मन भय, शोक, चिंता, क्रोध, अरुचि आदि विकारों से ग्रस्त होकर अस्वस्थ हो जाता है, जिससे वह स्त्री सहवास करने में असमर्थ हो जाता है, इसे मानसिक क्लैब्य कहते हैं।

  • 10

    मसूड़ों की समस्‍या

    लंबे समय तक सूजे हुए और संक्रमित मसूड़े भी स्‍तंभन दोष का कारण हो सकते हैं। जर्नल ऑफ सेक्‍सुअल मेडिसन में प्रकाशित एक स्‍टडी में यह बात कही गई थी। चूहों पर किए गए शोध में स्‍तंभन दोष और मसूड़ों के संबंधों पर चर्चा की गयी। लेकिन, मनुष्‍यों पर यह नियम कितना लागू होता है यह अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं है। मसूड़ों की खराब सेहत को दिल की बीमारी से भी जोड़कर देखा जाता है, जो इरेक्‍टिक डिस्‍फंक्‍शन का एक महत्‍वपूर्ण कारण है।

Related Slideshows
    Tags:
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर