टेस्टिस में दर्द के कारण और उपचार

By:Pradeep Saxena, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 17, 2014

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अंडकोष बहुत संवेदनशील होता है और आसानी से इनको नुकसान हो सकता है, हल्‍का सा भी दबाव हो पड़े तो इनमें दर्द हो सकता है।
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    अंडकोष क्‍या है

    अंडकोष यानी टेस्टिस पुरुषों में पायी जाने वाली एक थैली है। अंडकोष की थैली के अंदर दो अंडकोष होते हैं। अंडकोष लाखों छोटे-छोटे शुक्राणु कोशिकाएं पैदा करते हैं और उन्हें सुरक्षित रखते हैं। इसके अलावा ये टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन भी बनाते हैं, एक ऐसा हार्मोन जिसके कारण लड़के शुक्राणु पैदा करते हैं। साथ ही टेस्‍टोस्‍टेरॉन मांसपेशियों और बालों के लिए जरूरी होता है। इसे मर्दाना हार्मोन भी कहते हैं। लेकिन कई कारणों से टेस्टिस में दर्द होता है परंतु उसका उपचार भी संभव है।

    iamge courtesy - getty images

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    टेस्टिस में दर्द के कारण

    अंडकोष बहुत अधिक संवेदनशील होता है और आसानी से उनको नुकसान पहुंच सकता है। यदि इसपर हल्‍का सा भी दबाव हो पड़े तो इसमें दर्द हो सकता है। इसके अलावा कुछ बीमारियों जैसे - टेस्टिकुलर टॉर्सन और एसटीआई के कारण भी अंडकोष में दर्द हो सकता है। पुरानी चोट के कारण भी इसका दर्द बाद में उभर सकता है।

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    दर्द के अन्‍य कारण

    पुरुष के अंडकोष में दर्द के अंडकोष से संबंधित बीमारियों के लिए कई अन्‍य बीमारियां भी जिम्‍मेदार हैं। डाययबिटिक नेफ्रोपैथी के कारण अंडकोष की नसें क्षतिग्रस्‍त हो सकती हैं, यह भी दर्द का प्रमुख कारण है। इसके अलावा क्‍लैमीडिया जैसे यौन संचारित रोग भी अंडकोष में दर्द के लिए जिम्‍मेदार होते हैं।

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    टेस्टिस की बीमारियों के कारण

    हाइड्रोशील के कारण भी अंडकोषों में दर्द होता है। यदि किसी व्‍यक्ति के टेस्टिकल्‍स में पहले से मरोड़ की समस्‍या हुई हो और उसने इसका उपचार कराया है तो टेस्टिकल्‍स के आसपास के कुछ ऊतक उपचार के दौरान खत्‍म हो जाते हैं और इसकी वजह से बाद में व्‍यक्ति को दर्द होता है। टेस्टिकुलर कैंसर के उपचार के बाद भी यह समस्‍या बाद में हो सकती है।

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    अन्‍य बीमारियों के कारण दर्द

    कुछ अन्‍य बीमारियों के कारण भी टेस्टिकल्‍स में दर्द हो सकता है। किड्नी में स्‍टोन इसमें प्रमुख है, स्‍टोन होने पर पेशाब करने में परेशानी होती है और पेशाब के दौरान अंडकोष में दर्द होता है।

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    कैंसर के कारण

    वृषण कैंसर की वजह से भी अंडकोष में दर्द होता है। वृषण कैंसर के उपचार के लिए यदि आपने रेडियेशन थेरेपी करवाया है तो इसके कारण बाद में भी अंडकोष में दर्द होता है। क्‍योंकि रेडियेशन से टेस्टिस के आसपास के अन्‍य ऊतक भी क्षतिग्रस्‍त होते हैं।

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    अंडकोष में सूजन

    यदि व्‍यक्ति के अंडकोष में सूजन हो जाये तो उसके कारण भी दर्द हो सकता है। वैरिकोसील ऐसी स्थिति है जिसमें अंडकोष के अंदर की नसें बड़ी हो जाती हैं जिसके कारण अंडकोष बड़ा हो जाता है और दर्द होता है।

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    टेस्टिस में दर्द का उपचार

    टेस्टिस के दर्द को कम करने के लिए आप सपोर्टर का सहारा ले सकते हैं, सपोर्टर का प्रयोग ज्‍यादातर एथलीट करते हैं। सपोर्टर आपके अंडकोष को आरामदायक स्थिति में रखता है जिसके कारण दर्द नहीं होता। सपोर्टर अंडकोष को बढ़ने से भी रोकता है।

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    बर्फ से सेकें

    यदि अंडकोष में दर्द हो रहा हो तो बर्फ के टुकड़े से इसकी सिंकाई कीजिए, इससे आपको आराम मिलेगा। बर्फ के टुकड़े से अंडकोष की सिंकाई 10-15 मिनट तक करने से दर्द कम हो जाता है। यह एक प्रकार का अस्‍थायी उपचार है जिसमें तुरंत आराम मिलता है।

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    गरम पानी से स्‍नान

    टेस्टिकल्‍स के दर्द को कम करने के लिए गरम पानी से स्‍नान कीजिए। इसके अलावा बॉथ टब में पानी गरम करके आप थोड़ी देर तक बॉथ टब में रहने से भी दर्द कम हो जाता है। हल्‍के गरम पानी से सिंकाई भी कर सकते हैं।

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    यौन बीमारियों से बचाव

    टेस्टिक्‍स में दर्द के लिए यौन संचारित बीमारियां भी जिम्‍मेदार हैं। यदि इनसे बचा जाये तो इसके कारण टेस्टिस में होने वाले दर्द से बचाव संभव है। इसलिए यौन संबंध बनाते वक्‍त ध्‍यान रखें और कंडोम का इस्‍तेमाल करें। 

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    चिकित्‍सक से मिलें

    यदि अंडकोष में ज्‍यादा दर्द हो रहा हो तो अपने चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए, अपने टेस्टिकल्‍स की जांच कराइए। इसके अलावा अपने मूत्र की भी जांच कराइए, इससे दर्द के वास्‍तविक कारणों का पता चल जायेगा।

     

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