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आठ कुदरती उपाय जो चैन की नींद दिलायें

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 11, 2014
अगर आपको भी रात में ठीक से नींद नहीं आती? या फिर एक बार नींद खुल जाने के बाद दोबारा सोने में बहुत समस्‍या होती है? तो आप एक से अधिक-काउंटर नींद की दवा को खरीदने के लिए दवा की दुकान की ओर भागने से पहले, यहां दिये प्राकृतिक उपचारों को अपना सकते हैं।
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    नींद में मददगार प्राकृतिक उपचार

    अच्छी नींद स्वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद होती है। भरपूर नींद कई तरह की बीमारियों से दूर रखती हैं। पूरी नींद न लेने से दिनभर सिरदर्द, मन न लगना, थकान, उर्जाहता जैसी समस्‍यओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन, इसके बावजूद क्‍या हम पूरी नींद ले पाते हैं। बहुत कम लोग ऐसे हैं, जो चैन-ओ-सुकून की नींद का लुत्‍फ उठा पाते हैं। अगर आपको भी रात में ठीक से नींद नहीं आती? या फिर एक बार नींद खुल जाने के बाद दोबारा सोने में बहुत समस्‍या होती है? तो आप एक से अधिक-काउंटर नींद की दवा को खरीदने के लिए दवा की दुकान की ओर भागने से पहले, यहां दिये प्राकृतिक उपचारों को अपना सकते हैं। ये उपाय सुरक्षित और साइड इफेक्ट रहित है। इन में से कई उपाय तो आपको अच्‍छी नींद लाने में मदद करने के साथ मांसपेशी को रिलैक्‍स करने में भी बढ़ावा देते हैं।
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    नींद में मददगार प्राकृतिक उपचार
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    मैग्नीशियम और कैल्शियम

    मैग्नीशियम और कैल्शियम दोनों स्‍लीप बूस्टर्स हैं। दोनों का साथ सेवन बहुत ही प्रभावी साबित होता है। इसके अलावा, केवल कैल्शियम लेने से पैदा होने वाली हृदय समस्‍याओं को कैल्शियम के साथ मैग्‍नीशियम लेकर रोका जा सकता है। नींद न आने की समस्‍या होने पर नियमित रूप से हर रात मैग्‍नीशियम की 200 मिलीग्राम और कैल्शियम की 600 मिलीग्राम लें। लेकिन ध्‍यान रहें कि डायरिया की समस्‍या होने आपको इसकी खुराक कम लेनी चाहिए।
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    मैग्नीशियम और कैल्शियम
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    वाइल्ड लेटिष

    अगर आपको अकसर चिंता, सिरदर्द या मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द का सामना करना पड़ता हैं तो आप वाइल्ड लेटिष के साथ पहले से ही परिचित होंगे। यह इस तरह की समस्‍याओं को कम करने के लिए परिचित है। इसके साथ ही यह बेचैनी शांत करने और चिंता को कम करने में बहुत प्रभावी होता है, और यहां तक बेचैन लेग सिंड्रोम को वश में करने में भी मददगार होता है। नींद की समस्‍या होने पर थोड़ी सी मात्रा में वाइल्ड लेटिष को लेकर एक कप पानी में उबाल लें, ठंडा होने पर इस रस को सोने से पहले लें।
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    वाइल्ड लेटिष
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    हॉप

    बीयर के प्रशंसक पहले से ही हॉप्‍स से परिचित होंगे क्‍योंकि यह बीयर बनाने में इस्‍तेमाल किये जाने वाले मादक फूल है। नींद की समस्‍या से बचने के लिए इसके सत्त का इस्‍तेमाल व्यापक रूप से चिंता और अनिद्रा को दूर करने के लिए हल्के शामक के रूप में किया जाता है।
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    हॉप
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    अरोमा थेरेपी

    आजकल की जीवन शैली चलते नींद न आने की समस्या लगभग हर व्यक्ति को परेशान करती है। दरअसल यह रोग कई दूसरी बीमारियों का कारण बन सकता है। वैज्ञानिकों की मानें तो अब अनिद्रा के शिकार लोगों को नींद की गोलियां खाने की कोई जरूरत नहीं है। अरोमा थेरेपी में इस्तेमाल होने वाला लैवेंडर का तेल इसमें काफी हद तक मदद करता है। एक शोध के मुताबिक लैवेंडर के तेल में कुछ ऐसे प्राकृतिक अर्क पाए जाते हैं, जो अच्छी नींद में मदद करते हैं। यह नींद लाना का आसान, सुरक्षित और कुदरती उपाय है। रिपोर्ट के अनुसार, लैवेंडर के तेल से की गई थेरेपी से व्यक्ति ऊर्जावान भी महसूस करता है।
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    अरोमा थेरेपी
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    एल-थियानाइन

    यह एमिनो एसिड हरी चाय में होता है, और यह दिन में सतर्कता बनाये रखने के साथ-साथ रात में गहरी नींद लाने में भी मदद करता है। हालांकि हरी चाय में रेम चक्र को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्‍त मात्रा में एल-थियानाइन नहीं होता है। लेकिन फिर भी यह नींद को लाने में बहुत मददगार होता है। क्‍योंकि इसके नियमित और संतुलित सेवन से तनाव पैदा करने वाले हॉर्मोन कार्टिसोल के स्तर में भी गिरावट आती है। इसके अलावा इससे बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की शरीर की क्षमता बढ़ जाती है।
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    एल-थियानाइन
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    मेलाटोनिन

    मेलाटोनिन नींद को नियंत्रित करने वाला हार्मोन है, यह प्राकृतिक हार्मोन स्‍वाभाविक रूप से नींद लाता है। अध्‍ययन के अनुसार, इसकी कम खुराक बहुत प्रभावी होती है, साथ ही इसकी बहुत ज्‍यादा खुराक लेने से विषाक्तता के कारण अवसाद या बांझपन का खतरा बढ़ सकता है जो एक चिंता का विषय है। सूर्य का प्रकाश और शारीरिक घड़ी मिलकर मेलाटोनिन के स्राव को नियंत्रित करते हैं। धूप के जाते ही मेलाटोनिन का स्राव बढ़ जाता है, और सुबह धूप आते ही मेलाटोनिन का स्राव कम होने लगता है। यह मेलाटोनिन नींद को आमंत्रित करता है। नींद के गड़बड़ होने से मेलाटोनिन का स्राव भी गड़बड़ हो सकता है, और इसका उल्टा तो देखा ही जाता है। इसीलिए सभी अनुभवी लोग नियम से सोना आवश्यक मानते हैं।

    मेलाटोनिन
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    योग और ध्यान

    वैसे तो सेहतमंद शरीर के लिए योग और ध्‍यान को कारगर माना ही जाता है पर कुछ ऐसे भी योग हैं जिन्हें करने से नींद अच्छी आती है। जैसे शवासन, वज्रासन, भ्रामरी प्राणायम आदि। इन्हें नियमित रूप से करने से अनिद्रा की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा और थकान पूरी तरह दूर होगी। ध्‍यान द्वारा बिस्‍तर पर बैठकर सरल योग स्‍ट्रेच करने की कोशिश करें। इसके लिए 5 से 10 मिनट के लिए अपनी आंखों को बंद करके सिर्फ अपनी सांसों पर ध्‍यान क्रेंद्रित करें।
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    योग और ध्यान
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    वलेरियान

    वलेरियान अनिद्रा के लिए सबसे आम उपायों में से एक है। इसका इस्‍तेमाल प्राचीन काल से नींद में सुधार और चिंता को कम करने के लिए किया जा रहा है। यह एक बारहमासी जड़ीबूटी है जिसके फूल हल्के बैंगनी होते हैं। कई अध्ययनों के अनुसार, वेलेरियन गहरी नींद, सोने की गति, और नींद की समग्र गुणवत्ता में सुधार करने में मददगार होता है। हालांकि इसका समय की एक लंबी अवधि में इस्तेमाल सबसे अधिक प्रभावी होता है।
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    वलेरियान
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