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बीमार व्‍यक्ति से न कहें ये 7 बातें

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 21, 2015
बीमारी से पीडित व्‍‍यक्तियों को कुछ बातें बोलना सच में उसमें परेशानी पैदा कर सकता है। हालांकि आपका इरादा उनकी भावनाओं को आहत करना नहीं होता हैं।
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    बीमारी व्‍यक्ति के प्रति सकारात्‍मक व्‍यवहार रखें

    बीमारी इलाज के साथ दूर हो जाती है, यह एक सामान्‍य धारणा है। लेकिन लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां इतनी आसानी से दूर नहीं होती, इसलिए इसे समझना बहुत मुशिकल होता है। हालांकि क्रोनिक माइग्रेन, लुपस और ऑर्थोस्टैटिक सिंड्रोम जैसी समस्‍याएं बीमार की उपस्थिति को प्रभावित न कर, शायद पूरे जीवन के दौरान शरीर के कार्य को प्रभावित करती है। और लंबी बीमारी से पीडित व्‍‍यक्तियों को कुछ बातें बोलना सच में उसमें परेशानी पैदा कर सकता है। हालांकि आपका इरादा उनकी भावनाओं को आहत करना नहीं होता हैं। और आपको उन्‍हें समझाने के लिए सहानुभूति भी रखते हैं। यहां ऐसी ही कुछ बातों की जानकारी दी गई हैं, आपको बीमार व्‍यक्ति से कभी नहीं कहनी चाहिए।     
    Image Courtesy : Getty Images

    बीमारी व्‍यक्ति के प्रति सकारात्‍मक व्‍यवहार रखें
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    "लेकिन आप बीमार तो नहीं लग रहे"

    अदृश्य बीमारियों में आप किसी को देखकर नहीं बता सकते कि वह बीमार है। इसलिए आप तो कहीं से बीमार नहीं लग रहे, बोलने पर उन्‍हें अच्‍छा नहीं लगता। जैसे आपका कोई दोस्‍त तलाक का सामना बहादुरी से कर रहा हैं, लेकिन उस समय आपका यह कहना कि तुम्‍हें देखकर तो नहीं लग रहा कि तुम तलाक के लिए जा रहे हो, बुरा लग सकता हैं। यही बात बीमार व्‍यक्ति पर भी लागू होती है। क्‍योंकि हर कोई अपने जीवन में संघर्ष का सामना कर बेहतर दिनों की तलाश में रहता है।
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    "लेकिन आप बीमार तो नहीं लग रहे"
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    "यह उम्र बीमार होने की नहीं हैं"

    किशोर या 20-22 साल की उम्र के युवाओं के स्‍वास्‍थ्‍य को अच्‍छा माना जाता है। लेकिन युवा हमेशा स्‍वस्‍थ रहें ऐसा जरूरी नहीं होता। कई बीमारियां उम्र देखकर नहीं आती है। और इस तरह की बीमारियों में पूरी तरह से अप्रासंगिक होती है। इसलिए किसी युवा से ऐसा कहना कि यह उम्र बीमार होने की तो नहीं है, उसमें शर्मिदगी और अपराधी की भावना भर देता है।
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    "यह उम्र बीमार होने की नहीं हैं"
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    "हम सभी थकते हैं"

    यह बात सच हैं कि हम सभी को थकान होती है। लेकिन बीमारी से ग्रस्‍त व्‍यक्ति की थकान को आप नहीं समझ सकते। एक दिन दोस्‍तों के साथ बाहर पीने जाने के प्रोगाम के बाद देर से आने पर, कैसे उस दिन को रिकवर करने में एक हफ्ता लग जाता है या एनर्जी की बचत के लिए हर रोज गतिविधि की योजना और एक थके दिन के बाद शॉवर लेने के बाद कैसे थकान छूमंतर हो जाती है, इस बात की कल्‍पना कीजिए! इन सब बातों को ध्‍यान में रखते हुए अपनी थकान की तुलना किसी बीमार व्‍यक्ति से न करें।
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    "हम सभी थकते हैं"
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    "अभी आपके बुरे दिन चल रहे हैं"

    किसी को प्रेरित करने और बेहतर महसूस कराने के लिए ऐसे शब्‍दों को प्रयोग करना अच्‍छा नहीं होता है। निजी तौर पर, बीमार लोगों में से कम से कम 10 लोग अपने जीवन में इन शब्‍दों को जरूर सुनते हैं। और किसी बीमार व्‍यक्ति को यह शब्‍द वास्‍तव में हतोत्‍साहित करते हैं।
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    "अभी आपके बुरे दिन चल रहे हैं"
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    "यह अच्छा है कि आप काम के लिए नहीं जाते"

    अच्‍छा है कि आप स्‍कूल या काम पर नहीं जाते, यह बात सुनना भी बीमार व्‍यक्ति को बहुत बुरा लगता है। क्‍योंकि हर कोई आजादी चाहता है। और ऐसा न कर पाने पर बीमारी व्‍यक्ति स्‍वयं से और आने वाले दिनों से नफरत करने लगता है। यहां तक कि उत्‍पादक होने की बजाय घर में रहने से वह स्‍वयं को दर्द या थकान से विचलित करने के तरीके खोजने लगता है।  
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    "यह अच्छा है कि आप काम के लिए नहीं जाते"
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    "तुम्‍हें अधिक एक्‍सरसाइज की जरूरत है"

    यह बात सच है कि एक्‍सरसाइज किसी भी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या में सुधार करने में मदद करती हैं। लेकिन ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करने से बीमारी को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता। जैसे जिसकी दिल की दर नियमित रूप से 120 प्रति मिनट के हिसाब से धड़कता है, उनके लिए हमेशा एक्‍सरसाइज करना बेहतर नहीं हैं। उनकी एक्‍सरसाइज अन्‍य लोगों की तुलना में फिजिकल थेरेपी की तरह होती है। लेकिन अगर ऐसे लोग एक्‍सरसाइज नहीं करते तो भी उनकी बीमारी ठीक नहीं होती।  
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    "तुम्‍हें अधिक एक्‍सरसाइज की जरूरत है"
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    "क्‍या तुमने वैकल्पिक चिकित्सा को अपनाया"

    आप ऐसे लोगों को ऐक्यूपंचर, क्रिस्टल थैरेपी, योग या किसी और वैकल्पिक चिकित्सा आदि की सलाह न दें। नहीं, आपकी सलाह में कोई बुराई नहीं है लेकिन ये मानकर चलें कि जो इंसान किसी लंबी बीमारी से जूझ रहा हो वो सब कुछ ट्राई कर चुका होगा। हर कोई चाहता है कि वो जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाए। हां, अगर आप कोई डॉक्टर या चिकित्सीय विशेषज्ञ हैं तब आपकी सलाह उनके काम की हो सकती है।
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    "क्‍या तुमने वैकल्पिक चिकित्सा को अपनाया"
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