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लौंग के नकारात्मक प्रभाव

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 06, 2014
लौंग की प्रवृत्ति बेहद गर्म होती है, इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन करना नुकसानदेय हो सकता है। लौंग जरूरत से अधिक नहीं खाना चाहिए।
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    लौंग का नेगेटिव प्रभाव

    आमतौर पर लौंग का इस्‍तेमाल, खाद्य पदार्थों में स्‍वाद को बढ़ाने, मसूड़ों के इलाज और तम्‍बाकू में थोड़ी मात्रा में इस्‍तेमाल किया जाता है। लौंग का तेल, तकनीकी रूप से लौंग के तेल को युगेनॉल के नाम से बुलाया जाता है, इसमें एंटी इफ्लेमेंटरी, दर्द से राहत और एंटीबैक्‍टीरियल गुण राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान द्वारा नोटिस किये गये हैं। लेकिन जब आप लौंग के तेल को  आंतरिक या सिगरेट में लेकर धूम्रपान करते हैं, तो इसके दुष्प्रभाव, कुछ गंभीर हो सकते है। image courtesy : getty images

    लौंग का नेगेटिव प्रभाव
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    ज्‍यादा लौंग के नुकसान

    लौंग की प्रवृत्ति बेहद गर्म होती है, इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन करना नुकसानदेय हो सकता है। अत: अपने शरीर की प्रकृति को समझते हुए ही इसका सेवन करना चाहिए। लौंग जरूरत से अधिक नहीं खाना चाहिए। ज्‍यादा लौंग खाने से गुर्दे और आंतों को नुकसान पहुंच सकता है। image courtesy : getty images

    ज्‍यादा लौंग के नुकसान
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    सामयिक साइड इफेक्ट्स

    एनआईएच के अनुसार, लौंग में स्‍तब्‍ध (नमिंग) प्रभाव के कारण, त्‍वचा या मुंह के अंदर लगाने से दर्द को कम किया जा सकता है। इसके विपरीत, लौंग के तेल के अधिक गंभीर प्रभाव हो सकते है। इससे उत्‍पन्‍न होनी वाली उत्तेजना, ऊतकों के नुकसान और होंठों के सूखने का कारण बनती है। इसके अलावा यह दांतों को नुकसान पहुंचता है और कैविटी के खतरे को बढ़ा सकता है। इंटेलीहेल्थ के अनुसार, आंखों पर लौंग को लगाने से अंधापन हो सकता है। एनआईएच के अनुसार, लौंग से युक्त हर्बल क्रीम को लिंग पर लगाने से कभी-कभी स्‍तंभन दोष या स्खलित होने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। image courtesy : getty images

    सामयिक साइड इफेक्ट्स
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    असामान्‍य रक्तस्राव

    एनआईएच के अनुसार, लौंग के तेल से असामान्‍य रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। ब्‍लीडिंग डिस्‍आर्डर जैसे हीमोफिलिया से ग्रस्‍त लोग, जो दवाओं या जड़ी बूटी के रूप में आंतरिक रूप से लौंग के तेल लेने से पहले सतर्क होना चाहिए क्‍योकि इसमें खून को पतला करने के गुण होते हैं। इसमें एंटी-कोगुलेंट्स जैसे वारफारिन और हेपरिन और नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्‍स जैसे एस्पिरिन और नेपरोक्सन मौजूद होता हे। इसलिये मरीजों को सर्जरी या दंत प्रक्रिया से पहले लौंग का तेल कई दिनों लेने बंद कर देना चाहिए। image courtesy : getty images

    असामान्‍य रक्तस्राव
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    ब्‍लड शुगर में कमी

    इंटेलीहेल्थ के अनुसार, लौंग के तेल के आंतरिक इस्‍तेमाल से रक्त शर्करा की मात्रा कम हो जाती है। निम्न रक्त शर्करा (हाइपोग्लाइसीमिया) से ग्रस्त लोगों को लौंग के तेल का उपयोग के बारे में सावधान रहना चाहिए। साथ ही, रक्त शर्करा के स्तर को विनियमित करने के लिए मेटफार्मिन या इंसुलिन के रूप में दवा लेने वाले व्यक्तियों को भी लौंग का तेल लेने के दौरान और अधिक बारीकी से उनके रक्त में ग्लूकोज की निगरानी करनी चाहिए।  image courtesy : getty images

    ब्‍लड शुगर में कमी
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    एलर्जी रिएक्शन

    हालांकि बहुत कम होता है, लेकिन फिर भी कुछ लोगों को लौंग या लौंग के तेल से एलर्जी की प्रतिक्रिया का अनुभव होता है। एनआईएच द्वारा सूचीबद्ध लक्षणों में दाने, खुजली और सांस की तकलीफ शा‍मिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों को लौंग का सिगरेट में इस्‍तेमाल से पित्ती और सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। लौंग के तेल से एलर्जी की प्रतिक्रिया के रूप में एक आपातकालीन चिकित्सा पर विचार किया जाना चाहिए।  image courtesy : getty images

    एलर्जी रिएक्शन
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    विषाक्तता

    विशुद्ध (बिना पानी मिले) लौंग के तेल की अधिक खुराक विषाक्त प्रभाव पैदा कर सकती है। एनआईएच द्वारा सूचीबद्ध दुष्प्रभावों में मतली, उल्टी, गले में खराश, बेहोशी, सांस लेने में कठिनाई, फेफड़ों में तरल पदार्थ शामिल हैं। विशुद्ध लौंग के तेल की बड़ी मात्रा में रक्त विकार, किडनी की विफलता और लीवर की क्षति का कारण भी बन सकती है। इसलिए किडनी या लीवर की समस्‍याओं से ग्रस्‍त लोगों को लौंग का तेल नहीं लेना चाहिए।  image courtesy : getty images

    विषाक्तता
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    गर्भावस्था और स्तनपान

    लौंग का इस्‍तेमाल थोड़ी मात्रा में मुंह द्वारा लिया जाना सु‍रक्षित हो सकता है। लेकिन गर्भवती या स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को औषधीय खुराक में लौंग नहीं लेना चाहिए। कभी-कभी, लौंग से गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है। एलर्जी की प्रतिक्रिया के रूप में गर्भवती महिलाओं में चेहरे की सूजन, निगलने में कठिनाई, सांस की तकलीफ या तीव्रता से त्वचा में खुजली जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। ऐसी प्रतिक्रियाओं एक गर्भवती महिला या उसके बच्चे के लिए घातक हो सकती है, ऐसे परिस्थिति आने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।  image courtesy : getty images

    गर्भावस्था और स्तनपान
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