आयुर्वेदिक नुस्‍खों से हो सकते हैं ये साइड इफेक्‍ट

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 13, 2016

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आयुर्वेदिक नुस्‍खों को साइड-इफेक्‍ट से परे माना जाता है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कुछ औषधियां ऐसी भी हैं जिनके प्रयोग से साइड-इफेक्‍ट भी होता है, अगर आपकेा विश्‍वास नहीं तो ये स्‍लाइडशो पढ़ें और खुद जान जायें।
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    आयुर्वेदिक नुस्‍खों के भी होते हैं साइड इफेक्‍ट

    अक्‍सर हम सेहत से जुड़ी कई समस्‍याओं का समाधान किचन में मौजूद मसालों, जड़ी बूटियों या सब्जियों से कर लेते हैं। हालांकि आयुर्वेद इन जड़ी बूटियों के उपयोग को सही मानता है। लेकिन वैज्ञानिक इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं होते, उनका मानना है कि हर आयुर्वेदिक नुस्‍खा शरीर के लिए फायदेमंद हैं इस बात को नहीं माना जा सकता है। साथ ही उनका यह भी कहना है कि अति हर चीज की बुरी होती है। सेहत को दुरुस्‍त रखने वाली जड़ी-बूटियों का इस्‍तेमाल करते समय हमें उसकी सही मात्रा के बारे में जानकारी नहीं होती। और अधिक लेना हमारे लिये नुकसानदायक हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आयुर्वेद पूरी तरह से सुरक्षित है—यह एक मिथ है। प्राचीन शोधों में यह दावा कभी नहीं किया गया कि आयुर्वेदिक दवाइयों के दुष्प्रभाव नहीं हैं या उन्हें विशेषज्ञ के मार्गदर्शन के बगैर लिया जा सकता है। आइए घरेलू उपचार और आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल होने वाली चीजों के नुकसान के बारे में जानें।

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    एलर्जी का कारण करेला

    माना जाता है कि करेले का रस ब्‍लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज को करेला खाने की सलाह दी जाती है।
    साइड-इफेक्‍ट : लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि करेले के ज्‍यादा सेवन पाचन तंत्र को खराब कर सकता है और इससे एलर्जी भी हो सकती है। करेले का बीज में लेक्टिन नामक तत्व है जो आंतों तक प्रोटीन के संचार को रोक सकता है। करेले के अत्याधिक सेवन से हेमोलाइट‌िक एनीमिया हो सकता है। इसके अलावा करेले के रस में मोमोकैरिन नामक तत्व होता है जो पीरियड्स के फ्लो को बढ़ा देता है।

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    पाचन तंत्र के लिए नुकसानदायक गिलोय

    अमृत बेल गिलोय को अमृता भी कहा जाता है। माना जाता है कि गिलोय में डायबिटीज से लड़ने के गुण होते हैं और यह चीनी खाने की इच्छा को कम करता हैं। साथ ही इसके बीजों में जाम्बोलिन नाम का केमिकल पाया जाता है जो ब्‍लड और यूरिन में मौजूद शुगर को कम करता है।
    साइड-इफेक्‍ट : लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि गिलोय के अधिक सेवन से यह शुगर लेवल का प्रभावित कर पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही यह कब्‍ज का कारण भी बनता है। इसके अलावा गिलोय प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित कर इसे और अधिक एक्टिव करता हैं। इस तरह से यह ल्‍यूपस, मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस, और रुमेटाइड अर्थराइटिस जैसी स्व-प्रतिरक्षित बीमारियों के लक्षणों को बढ़ा देता है।

    एलर्जी का कारण करेला

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    लीवर को नुकसान पहुंचाये दालचीनी

    गर्म मसालों और औषधि के रूप में इस्तेमाल होने वाली दालचीनी का इस्‍तेमाल हम कई समस्‍याओं को दूर करने के लिए लेते हैं। चाहे वह वजन कम करना हो, या पाचन तंत्र को बेहतर बनाना हो या फिर डायबिटीज को कंट्रोल में करना हो। माना जाता है कि दालचीनी में मौजूद हाइड्रॉक्सीकेलकोन इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाता है और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम करता है।
    साइड-इफेक्‍ट : क्‍या आप जानते हैं कि दालचीनी में लगभग 5 प्रतिशत कॉमरिन पाया जाता है, इसलिए इसके अधिक सेवन से लीवर को नुकसान हो सकता है।

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    सूजन का कारण मेथीदाना

    मेथी के छोटे और पीले दाने सख्त और स्वाद में कसैले जरूर होते हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिए अमृत से कम नहीं हैं। इसका उपयोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और पेट संबंधी समस्या में फायदेमंद होता है। मेथीदाना का उपयोग डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। माना जाता है कि इसमें मौजूद सैपोनिन्स भोजन के बाद कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करके इंसुलिन के स्तर को बेहतर बनाता है।
    साइड-इफेक्‍ट : लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि मेथी का स्वभाव गर्म होता है। अधिक मात्रा में खाने से पित्त को बढ़ती है इससे गैस, सूजन और दस्त की समस्या हो सकती है और इससे खून पतला होने का जोखिम भी रहता है।

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    पाचन तंत्र कमजोर बनाये जामुन

    ज्‍यादातर लोग डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए जामुन का सेवन करते हैं। कहा जाता है कि इसके बीजों में जाम्बोलिन नामक रसायन पाया जाता है जो शुगर लेवल को कम करता है। और डायबिटिज को कंट्रोल करने में मदद करता है। विभिन्न प्रकार के मिनरल जैसे कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और विटामिन सी अच्छी मात्रा में है। इसकी वजह से यह हड्डियों के लिए फायदेमंद तो है ही, साथ ही शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को भी बढ़ाता है।
    साइड-इफेक्‍ट : इसका ज्यादा सेवन करने से पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है, क्‍योंकि इसको पचाने में बहुत समय लगता है।  
    Image Source : Getty

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