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माहवारी न होने का अर्थ हर बार गर्भावस्‍था नहीं

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Sep 12, 2014
कई बार पीरियड्स न होने मतलब गर्भावस्‍था समझा जाता है। लेकिन वास्‍तविकता में, तनाव, जीवनशैली में परिवर्तन और आहार जैसे कई कारण महिलाओं में अनियमित माहवारी का कारण हो सकते हैं।
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    माहवारी न होने का अर्थ गर्भावस्‍था नहीं

    हम में से बहुत से लोगों के लिए पीरियड्स न होने मतलब गर्भावस्‍था समझा जाता है। लेकिन वास्‍तविकता में कई बार मामला यह नहीं होता। हालांकि इससे आपके शरीर में अन्‍य महत्‍वपूर्ण बदलाव का संकेत मिलता है, और इस पर ध्‍यान देने की आवश्‍यकता होती है। तनाव, जीवनशैली में परिवर्तन और आहार जैसे कई कारण महिलाओं में अनियमित माहवारी का कारण होते हैं। लेकिन अगर आपकी उम्र 50 वर्ष से नीचे हैं, तो माहवारी न होने पर सबसे पहले आपको गर्भावस्‍था की जांच करवानी चाहिए। यहां पर माहवारी न होने के कारणों के बारे में बताया गया है। image courtesy : getty images

    माहवारी न होने का अर्थ गर्भावस्‍था नहीं
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    तनाव

    अत्यधिक काम से संबंधित चिंताओं या अन्‍य कारणों से होने वाले तनाव का असर आपके स्‍ट्रेस हार्मोन पर पड़ता है जो शरीर में एस्‍ट्रोजन और प्रोजेस्‍टेरोन के ज्‍यादा या कम होने के लिये जिम्‍मेदार होता है। जिससे रक्तस्त्राव में अनियमितता आती है और माहवारी चक्र अनियमित होने लगता है। image courtesy : getty images

    तनाव
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    आहार

    अनियमित भोजन, अपर्याप्त पोषण या वजन कम करने के लिए भूखे रहने भी म‍ाहवारी के अनियमित होने का एक और कारण है। सही आहार न लेने से शरीर में हार्मोंन के स्‍तर में परिवर्तन आने लगता है। इसका असर माहवारी पर पड़ता और वह अनियमित हो जाती है। image courtesy : getty images

    आहार
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    सिस्ट

    माहवारी ना होने का कारण अंडाशय में सिस्‍ट भी हो सकता है। यह भी पीसीओएस या पोलीसिस्टिक ओविरियन सिन्ड्रोम हो सकता है। सिस्ट के चलते कई बार महिलाओं को माहवारी में दिक्कतें पैदा हो जाती हैं। इसलिए अगर आपको माहवारी बीच-बीच में नहीं होती है तो अपने सिस्‍ट का पता लगाने के लिए अपने श्रोणि की सोनोग्राफी करवाये। image courtesy : getty images

    सिस्ट
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    बीमारी

    लंबी बीमारी और अधिक क्षमता वाली एंटीबायोटिक दवाएं भी माहवारी में चूक का कारण बन सकती है। यह एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्‍तर पर असर कर ऑव्युलेशन की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। अगर आपको इस तरह की कोई भी समस्‍या हो तो तुरंत अपने चिकित्‍सक से मिलें। image courtesy : getty images

    बीमारी
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    बहुत अधिक एक्‍सरसाइज

    बहुत अधिक एक्‍सरसाइज करने से हार्मोंन असंतुलित हो जाते है। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन आपकी मासिक धर्म प्रक्रिया को सामान्य रखने में मदद करते हैं लेकिन जरूरत से ज्यादा एक्‍सरसाइज करने से एस्ट्रोजन की संख्या में वृद्घि होने से पीरियड्स में बदलाव आने लगता है। image courtesy : getty images

    बहुत अधिक एक्‍सरसाइज
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    अधिक वजन

    सामान्य से अधिक वजन वाली महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन अधिक होने लगता है। एस्ट्रोजन हार्मोन के स्‍तर पर बदलाव आने से माहवारी अनियमित हो जाती है। यकीन मानिए आप वजन घटाकर इस समस्‍या पर काबू पा सकती हैं। image courtesy : getty images

    अधिक वजन
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    अत्‍यधिक थकान

    आहार, पानी और आराम की कमी से माहवारी चक्र प्रभावित होती है। इसलिए अनियमित माहवारी की समस्‍या से बचने के दिन भर की गतिविधियों में से अपने लिए पर्याप्‍त समय निकालें और भरपूर आराम करें। image courtesy : getty images

    अत्‍यधिक थकान
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