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मौसम और जोड़ों के दर्द के बीच क्या है संबंध

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 24, 2015
बदलते मौसम में खासकर ठंड के मौसम में जोड़ों में असहनीय दर्द होता है, उम्रदराज लोगों और महिलाओं को अधिक समस्‍या होती है, इसलिए मौसम बदलने के साथ इनका ध्‍यान रखें।
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    मौसम और जोड़ों का दर्द

    बदलते मौसम में जोड़ों में दर्द की समस्‍या अधिक देखने को मिलती है और उम्रदराज लोगों को यह समस्‍या अधिक होती है। ठंड के मौसम में जोड़ों का दर्द किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है। लेकिन यदि आपकी हड्डियां थोड़ी कमजोर हुईं तो सर्दी उनको अधिक प्रभावित करती है। बदलते मौसम का जोड़ों के दर्द से गहरा संबंध है और इसे समझने की जरूरत है। जोड़ों के दर्द की समस्‍या ठंड के मौसम में अधिक देखी जाती है।

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    मौसम और जोड़ों का दर्द
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    सर्दियां और जोड़ों में दर्द

    ठंड के मौसम में जोड़ों के दर्द की समस्‍या अधिक देखने को मिलती है। सर्दियों की हल्की-सी ही दस्तक के साथ लोगों के लिए परेशानियों का दौर शुरू हो जाता है। ऐसा माना जाता रहा है कि बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर उम्रदराज लोगों पर पड़ता है, लेकिन अब ऐसा भी नहीं है। आज जोड़ों का दर्द एक ऐसी समस्या बन गया है कि इससे कोई भी अछूता नहीं रहा। जैसे-जैसे ठंडक बढ़ती जाती है, लोगों में जोड़ों के दर्द की परेशानियां भी बढ़ती जाती हैं।

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    सर्दियां और जोड़ों में दर्द
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    तापमान कम होने से अधिक दर्द

    जैसे-जैसे तापमान में कमी आती है, जोड़ों की रक्तवाहिनियां सिकुड़ने लगती हैं और उस हिस्से में रक्त का तापमान कम हो जाता है। इससे जोड़ों में अकड़ाहट बढ़ जाती है और इसके कारण ही दर्द होता है। दरअसल ठंड के मौसम में हमारे दिल के आसपास रक्त की गर्माहट बनाए रखने के लिए शरीर के अन्य अंगों में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है, जिस कारण जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है। जब त्वचा ठंडी होती है तो दर्द का असर अधिक तेजी से काम करता है।

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    तापमान कम होने से अधिक दर्द
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    अर्थराइटिस में अधिक समस्‍या

    अगर कोई व्‍यक्ति अर्थराइटिस से पीडि़त है तो ठंड का मौसम उसके लिए दुखदायी हो जाता है। अर्थराइटिस में हड्डियां पहले से ही कमजोर रहती हैं और उनमें रक्‍त की आपूर्ति सही तरीके से न हो तो दर्द अधिक होता है। कई बार तो यह दर्द असहनीय हो जाता है। सुबह के वक्‍त अधिक दर्द होता है।

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    अर्थराइटिस में अधिक समस्‍या
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    उम्र का भी पड़ता है असर

    ठंड के मौसम के साथ जोड़ों का दर्द उम्र के हिसाब से भी प्रभावित करता है। यानी यह जोड़ों की दर्द की समस्‍या कम उम्र के लोगों को अधिक परेशान नहीं करती है जबकि उम्रदराज लोग इसकी चपेट में अधिक आते हैं। क्‍योंकि बढ़ते उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और उनपर अर्थराइटिस जैसी बीमारी भी हावी होने लगती है।

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    उम्र का भी पड़ता है असर
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    हड्डियां कमजोर होने पर

    अगर आपकी हड्डियां कमजोर हैं तो ठंड का मौसम उनपर अधिक प्रभावी हो जाता है। दरअसल उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों से कैल्शियम और अन्य खनिज पदार्थों का क्षरण होने लगता है। इसके कारण किसी भी जोड़ में हड्डियां आपसी संपर्क में नहीं आतीं। जोड़ों के बीच में एक कार्टिलेज का कुषन होता है। उम्र बढ़ने के साथ ही कुषन को लचीला और चिकना बनाए रखने वाला लुब्रीकेंट कम होने लगता है। लिगामेंट्स की लंबाई और लचीलापन भी कम हो जाता है, जिसकी वजह से जोड़ अकड़ जाते हैं।

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    हड्डियां कमजोर होने पर
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    महिलाओं पर अधिक असर

    पुरुषों की तुलना में बदलते मौसम में महिलाओं में जोड़ों के दर्द की समस्‍या अधिक देखी जाती है। 40 वर्ष की उम्र से अधिक की महिलाओं के शरीर में स्त्री हार्मोन एस्ट्रोजन की कमी के साथ-साथ शरीर में आ रहे बदलाव के कारण मौसम जोड़ों के दर्द को प्रभावित करता है। कभी-कभी आनुवंशिक कारणों का भी असर जोड़ों पर पड़ता है।

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    महिलाओं पर अधिक असर
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    मौसम की इस मार से कैसे बचें

    अमेरिका में हुए एक शोध की मानें तो ठंड के दिनों में यदि विटामिन डी की भरपूर खुराक ली जाए तो कमर दर्द और जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है। इसके अलावा नियमित व्‍यायाम के साथ योग के आसन जैसे - गिद्धासन व प्राणायाम जोड़ों को दर्द कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा भरपूर मात्रा में पानी पियें और स्‍वस्‍थ और पौष्टिक आहार का सेवन कीजिए।

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    मौसम की इस मार से कैसे बचें
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