जानें मेटल ब्रेसेज पहनने के क्‍या होते हैं नुकसान

By:Devendra Tiwari , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 27, 2016

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दांतों को शेप में लाने के लिए आजकल युवाओं में मेटल ब्रेसेज पहनने का चलन बढ़ा है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं यह कितना नुकसानदेह है, इसके नुकसान के बारे में जानने के लिए इस स्‍लाइडशो को पढ़ें।
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    दांत और ब्रेसेज

    आजकल युवाओं में ब्रेसेज पहनने का चलन बढ़ा है। यह फैशन भी बनता जा रहा है। दांतों को शेप में लाने वाली इस तकनीक के खतरों को लोग नजरअंदाज करने लगे हैं। एक शोध की मानें तो मात्र अमेरिका में 3 मिलियन किशोर ब्रेसेज पहनते हैं। ब्रेसेज जबड़ों और दांतों के बीच के तालमेल को संतुलित करता है जिससे दांत शेप में आ जाते हैं। मेटल ब्रेसेज में वायर और मोलर लगे होते हैं, मोलर वायर यानी ताल के माध्‍यम से दांतों को सीधा रखने में मदद करता है। हालांकि मेटल लगाने से दांत शेप में तो आ जाते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं दांतों पर इसका बुरा प्रभाव भी पड़ता है। इस स्‍लाइडशो में हम आपको बता रहे हैं कि दांतों के लिए कितना नुकसानदेह होते हैं ब्रेसेज।

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    जबड़ों में दर्द और सिरदर्द

    मेटज ब्रेसेज पहनने से जबड़ों में दर्द तो होता है साथ ही यह सिरदर्द का भी कारण बन जाता है। चूंकि ब्रेसेज के जरिये दांतों पर दबाव बनाया जाता है जिससे कि वे शेप में आ जायें। इस दबाव के कारण जबड़ों में दर्द होता है और हर बार जब आप डेंटिस्‍ट के पास नियमित चेकअप के लिए जाते हैं तब वह ब्रेसेज को कसता है और दबाव बढ़ता जाता है। इस दबाव का असर मुंह और चेहरे पर भी पड़ता है। ब्रेसेज दांतों को उनकी वास्‍तविक स्थिति से हटाकर शेप में लाते हैं, यह रक्‍त कोशिकाओं के जरिये होता है। जब रक्‍त कोशिकायें एक जगह से दूसरी जगह जाती हैं तो इससे सूजन भी हो सकती है। इसके कारण कभी-कभी तेज दर्द भी हो सकता है। दांतों की कोशिकायें अधिक संवेदनशील होती हैं इसलिए ब्रेसेज पहनने के दौरान अगर आप किसी ऐसे फूड का सेवन करते हैं जिससे चबाने में अधिक जोर लगाना पड़ता है तो उससे रक्‍तस्राव भी हो सकता है और यह सिरदर्द का कारण बनता है।

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    ऊतकों पर प्रभाव

    जब आप पहली बार ब्रेसेज पहनते हैं तो शुरूआत में अधिक समस्‍या का सामना करना पड़ सकता है, क्‍योंकि ब्रेसेज रक्‍त कोशिकाओं को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। इसका सीधा असर कोशिकाओं पर पड़ता है और कोशिकायें क्षतिग्रस्‍त भी होती हैं। बार-बार ब्रेसेज से होने वाले घिसाव के कारण रक्‍तस्राव, दर्द आदि की समस्‍या हो सकती है। इसके कारण मुंह में छाले भी हो सकते हैं और यह संक्रमण का कारण भी बन सकते हैं।

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    यौन संबंध के दौरान

    अगर आपने ब्रेसेज पहने हैं (खासकर लड़कियां) तो यौन संबंध के दौरान ओरल सेक्‍स से बचें। क्‍योंकि ओरल सेक्‍स के दौरान मेटल ब्रेसेज जब पुरुष के जननांग के संपर्क में आते हैं तो घिसाव की वजह से वे छिल भी सकते हैं। जिसके कारण घाव और संक्रमण हो सकता है। इसके काराण यौन संक्रमित रोग क्‍लैमाइडिया या फिर हेपेटाइटिस बी या सी के होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

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    वायर का टूटना

    हालांकि ब्रेसेज पहनने के दौरान वायर के टूटने की संभावना बहुत ही कम देखी जाती है। चूंकि मेटल वॉयर इतने पतले होते हैं कि उनके टूटने से इंकार नहीं किया सकता है। इसलिए ब्रेसेज पहनने के दौरान खानपान को लेकर बहुत पांबंदी होती है। आप खुलकर अपना पंसदीदा फूड नहीं खा सकते हैं, खासकर अगर वह रेसे वाला है तो। ब्रेसेज के दौरान नट्स, कैंडी, कॉर्न, चिकन, आदि का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। ये दांतों में फंसते हैं साथ ही इनकी वजह से वॉयर भी क्षतिग्रस्‍त हो सकती है। और अगर मेटल ब्रेसेज की वॉयर टूट जाये तो मुंह में चोट या घाव हो सकता है।

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    अधिक ध्‍यान की जरूरत

    ब्रेसेज पहनने वालों को अधिक से अधिक ध्‍यान देने की जरूरत होती है। डेंटिंट भी आपको सलाह देते हैं कि मेटल ब्रेस पहनने के दौरान हर बार खाने के बाद ब्रश करें। दिन में एक बार फ्लोसिंग करना जरूरी है। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो ब्रेसेज के बीच में खाने का टुकड़ा फंस जायेगा और यह संक्रमण का कारण भी बन सकता है। इसलिए ब्रेसेज पहनने के दौरान दांतों पर अधिक ध्‍यान दें।

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