बोन डेंसिटी बढ़ाएंगी ये एक्सरसाइज

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 17, 2015

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भारत में लोगों को हड्डियों से जुड़ी समस्या होना और उनका कमज़ोर होना बहुत आम बात है। हालांकि हड्डियों का घनत्व बढ़ाकर उन्हें मजबूत बनाने के लिये कुछ एक्सरसाइज मदद कर सकती हैं।
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    बोन डेंसिटी

    हमारी हड्डियां कैल्शियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन व अन्य कई प्रकार के मिनरल से मिलकर बनी होती हैं। किंतु अनियमित जीवनशैली, खान-पान व शारीरिक निष्क्रीयता की वजह से ये मिनरल खत्म होने लगते हैं, जिससे हड्डियों का घनत्व (बोन डेंसिटी) कम होने लगता है और धीरे-धीरे वो घिसने और कमजोर होने लगती हैं। कई बार हड्डीयों में यह कमजोरी इतनी हो जाती है कि मामूली सी चोट लगने पर भी फ्रैक्चर हो जाता है। इससे बचने के लिये और हड्डियों का घनत्व बढ़ाकर उन्हें मजबूत बनाने के लिये कुछ एक्सरसाइज मदद कर सकती हैं।  
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    क्यों जरूरी है हड्डियों की एक्सरसाइज

    भारत में लोगों को हड्डियों से जुड़ी समस्या होना बहुत आम बात है। हमारे देश में जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डी, जोड़ और कमर का दर्द जीवन का अभिन्न अंग बन जाता है। आज हर दस में से लगभग चार महिलाओं और चार में से एक पुरुष को हड्डी से जुड़ी कोई न कोई समस्या होती ही है। पर ध्यान रहे, हड्डियां रातों-रात कमजोर नहीं होती, यह प्रक्रिया तो सालों-साल चलती है। डॉक्टरों की मानें तो 15 से 25 साल तक की उम्र में हड्डियों का मास
    (द्रव्यमान) पूरी तरह से विकसित हो जाता है। ऐसे में बचपन और युवावस्था के समय का खान-पान, पोषण, जीवनशैली और व्यायाम आगे चल कर हड्डियों की सेहत को निर्धारित करने वाले महत्वपूर्ण कारक बनते हैं।
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    बोन बिल्डिंग एक्सरसाइज

    कैलिफ़ोर्निया लूथरेन यूनिवर्सिटी में एक्सरसाइज साइंस के प्रोफेसर स्टीवन हॉकिन्स के अनुसार हड्डियों का घनत्व जितना अधिक होगा, ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा उतना ही कम रहेगा। हम नियमित एक्सरसाइज से हड्डियों को होने वाले नुकसान को रोक सकते हैं। एक्सरसाइज से हड्डियों के साथ-साथ जोड़ों को सपोर्ट देने वाली मसल्स भी मजबूत बनती हैं। यही कारण है कि शारीरिक गतिविधि करते रहने से हिप फ्रैक्चर होने के जोखिम 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है (जोकि आमतौर पर ऑस्टियोपोरोसिस के कारण होता है)।
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    वेट बियरिंग एक्सरसाइज

    ये हड्डियों की मजबूती के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज़ों में से एक होती हैं। इससे हड्डियों पर सही तरीके से दबाव पड़ता है और उन्हें मजबूती मिलती है। कोई भी ऐसा काम जिससे शरीर पर गुरूत्वाकर्षण शक्ति विपरीत दबाव पड़े उसे वेट बियरिंग एक्सरसाइज कहा जाता है। ये एक्सरसाइज हड्डियों को मजबूत बनाने और इनका घनत्व बढ़ाने का काम करती हैं। हालांकि इस एक्सरसाइज की इंटेंसिटी शरीर की क्षमता और मजबूती के हिसाब से निर्धारित की जानी चाहिए। साथ ही एक्सरसाइज का टाइम और इंटेंसिटी धीरे-धीरे करके ही बढ़ाई जानी चाहिए।
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    वेट ट्रेनिंग

    वेट ट्रेनिंग के अंतर्गत भारी वजन उठाना होता है जो पूरी तरह से स्वस्थ व्यक्ति को ही करना चाहिए। वे पुरूष व महिलाएं जो बीस साल की उम्र में यह व्यायाम शुरू कर देते हैं उनकी अधिकतम बोन डेंसीटी बाकी लोगों की तुलना में अधिक होती है।
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    हाइकिंग

    अगर आप ऐडवेंचर के शौकिन हैं, तो आपको फिट होना व आपकी हड्डियां मज़बूत होना जरूरी है। लेकिन वहीं हाइकिंग, ट्रैकिंग और माउंटियरिंग जैसे ऐडवेंचर आपकी हड़ियों को मजबूत करते हैं और उनका घनत्व भी बढ़ाते हैं। यकीन मानिये ये कमाल की फन एक्सरसाइज होती है।
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    डांस और एरोबिक्स

    जिन लोगों को डांस का शौक होता है, उनके लिए तो इससे बेहतर व्यायाम कोई और हो ही नहीं सकता है। डांस न सिर्फ एक कमाल की फिज़िकल एक्सरसाइझ होती है बल्कि मानसिक तौर पर भी रिलेक्स करती है। आप एरोबिक्स एक्सरसाइज भी कर सकते हैं।
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    सीढ़ियां चढ़ें या दौड़ लगाएं

    रोज कुछ किलोमीटर दौड़ें। यह आदत उम्र बढ़ने के बाद भी आपको दौड़ने लायक रखेगी जब आपके बराबर वाले चल पाने में भी तकलीफ महसूस करेंगे। इसके अलावा हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देने के लिये लिफ्ट से जाने के बजाये सीड़ियां चढ़ने की आदत डालें। जो लोग किसी कारण से अन्य एक्सरसाइज नहीं कर सकते, उन्हें रोजाना 30 मिनट तेज कदमों से टहलना तो ज़रूर चाहिए।
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    ऑस्टियोपोरोसिस वाले लोगों के लिये

    जिन लोगों को पहले से ही ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या है, अनके लिये हड्डियों को बचाने का सबसे बेहतर विकल्प होता है कि वे अपनी सहनशक्ति और संतुलन में सुधार करें, जिससे गिरने और गिरने से लगने वाली चोटों से बचाव हो पाएगा।
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