ह्यूमन पेपिलोमा वायरस की जानकारी

By: ओन्लीमाईहैल्थ लेखक, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 10, 2014

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ह्यूमन पेपिलोमा वायरस संक्रमण ऐसा संक्रमण है, जिसके लक्षण आमतौर पर नजर नहीं आते। ज्‍यादातर मामलों में यह संक्रमण स्‍वत: ही ठीक हो जाता है। लेकिन, गंभीर रूप लेने पर यह सरवाइकल कैंसर का कारण भी बन सकता है।
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    मानव पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) इंफेक्‍शन

    एचपीवी वायरस बहुत सामान्‍य है और सेक्‍स करने वाले कम से कम 50 फीसदी लोगों को अपने जीवन में इस संक्रमण का सामना करना पड़ता है। लोगों को आमतौर पर इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते और एचपीवी वायरस अपने आप चला जाता है। कुछ प्रकार के एचपीवी सरवाइकल कैंसर के कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही इससे गुदा अथवा लिंग का कैंसर भी हो सकता है।

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    एचपीवी के तथ्‍य

    एचपीवी का अर्थ ह्यूमन पेपिलोमा वायरस होता है। जिस ग्रुप का यह वायरस है, उसमें 100 से अधिक वायरस होते हैं। हर एचपीवी वायरस को एक खास नंबर दिया जाता है। पेपिलोमा एक खास प्रकार का मस्‍सा होता है, जो किसी विशेष प्रकार के एचपीवी से फैलता है।

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    कहां रहता है एचपीवी

    एचपीवी शरीर की उपकला कोशिकाओं में रहता है। ये त्‍वचा की सतह पर पायी जाने वाली सपाट और पतली कोशिकायें होती हैं। इसके साथ ही ये कोशिकायें योनि, गुदा, योनी, गर्भाशय ग्रीवा, लिंग के शीर्ष, मुंह और गले की त्‍वचा की सतह पर भी मिलती हैं।

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    मस्‍सा है अधिक सामान्‍य

    100 में से 60 फीसदी वायरस के कारण हाथों और पैरों पर मस्‍से हो सकते हैं। वहीं बाकी चालीस फीसदी एचपीवी यौन संचारित होते हैं और शरीर की श्लेष्मा झिल्ली, जैसे गुदा और जननांग क्षेत्र के आसपास नम परतों में रहते हैं।

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    कैसे फैलता है एपीवी

    यौन संचारित एचपीवी संक्रमित गुदा की त्‍वचा, श्लेष्मा झिल्ली, या शारीरिक तरल पदार्थ, या संभोग और मौखिक सेक्स के माध्यम से दूसरे व्‍यक्ति में फैलता है। एचपीवी बिना कण्‍डोम के संभोग करने से भी संक्रमित कर सकता है। इसके साथ ही अगर लिंग पर कण्‍डोम सही प्रकार से नहीं चढ़ा हो तो भी यह वायरस संक्रमित कर सकता है। इसके साथ ही कुछ लोग जो इस वायरस से संक्रमित होते हैं, लेकिन उन्‍हें इस बात का ज्ञान नहीं होता, वे भी अपने साथी को सं‍क्रमित कर सकते हैं।

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    हाई रिस्‍क एचपीवी

    यौन संचारित 40 प्रकार के सभी वायरस स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें नहीं पैदा करते। उच्‍च जोखिम वाले वायरस में एचपीवी 16 और 18 आते हैं। सरवाइकल कैंसर के 70 फीसदी मामलों में ये वायरस जिम्‍मेदार होते हैं। इसके साथ ही 31, 35, 39, 45, 51, 52, 58 और कुछ अन्‍य एचपीवी भी उच्‍च जोखिम की श्रेणी में आते हैं।

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    लो रिस्‍क एचपीवी

    लो रिस्‍क एचपीवी में एचपीवी 6 और 11 आते हैं। ये वायरस 90 फीसदी मामलों में गुदा पर मस्‍सों का कारण बनते हैं। ये मस्‍से बहुत ही दुर्लभ मामलों में कैंसर का रूप लेते हैं। गुदा पर होने वाले मस्‍से या तो उसी आकार में रहते हैं या फिर उसमें बढ़ोत्तरी भी होती रहती है। कभी-कभार ये फूल गोभी के आकार के भी होते हैं। ये वायरस संक्रमित होने के बाद कई सप्‍ताह और महीनों बाद नजर आते हैं।

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    कितना सामान्‍य एचपीवी

    अमेरिका में हर समय करीब 2 करोड़ लोग इस संक्रमण से हमेशा प्रभावित रहते हैं। अमेरिकन सोशल हेल्‍थ एसोसिएशन  एक अनुमान के अनुसार 15 से 49 वर्ष की आयु के बची के करीब 75 फीसदी लोगों को कभी न कभी यह संक्रमण जरूर होता है।

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    कैसे हो सकता है एचपीवी

    कम उम्र में सेक्‍स करने, कई सेक्‍स पार्टनर बनाने, ऐसे व्‍यक्ति के साथ सेक्‍स करने जिसके कई सेक्‍स पार्टनर हों, से यह वायरस संक्रमित कर सकता है। आमतौर पर कई लोग सोचते हैं कि एचपीवी केवल किशोर युवक-युवतियों अथवा जवानों को ही प्रभावित कर सकता है। लेकिन वास्‍तविकता यह है कि एचपीवी किसी भी उम्र में संक्रमित कर सकता है।

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    क्‍या होता है एचपीवी संक्रमण के दौरान

    इस संक्रमण के लक्षण आमतौर पर नजर नहीं आते और यह अपने आप ठीक हो जाती है। कुछ लोगों को तो अपने संक्रमण के बारे में पता ही नहीं चल पाता। एक शोध के मुताबिक 90 फीसदी महिलाओं को संक्रमित होने के दो साल बाद तक इसके कोई लक्षण नजर नहीं आए।

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    अगर उच्‍च हो संक्रमण

    यदि एचपीवी उच्‍च जोखिम वाला हो, तो यह गर्भाशय में कई आसामान्‍य बदलाव कर सकता है, जिसके कारण कैंसर हो सकता है। हालांकि, गुदा और लिंग की कोशिकाओं में दुर्लभ मामलों में ही कोई बदलाव करता है।

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    कैसे कम करें एचपीवी के खतरे को

    इस संक्रमण से पूरी तरह बचने का एक ही तरीका है और वह है कि आप सेक्‍स से दूर रहें। इसके अलावा अधिक लोगों से सेक्‍स संबंध न बनायें। अगर आप अपने साथी के प्रति वफादार रहते हैं, तो इस संक्रमण के खतरे को काफी कम कर सकते हैं।

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