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जीवन का उद्देश्य जानने के सात उपाय

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 04, 2014
बहुत लोग जीवनभर अपने जीवन के उद्देश्‍य को लेकर उहापोह की स्थिति में रहते हैं, वे यह नहीं जान पाते कि उनके जीवन का उद्देश्य क्या है? इसलिए अपने जीवन के उद्देश्‍यों को जरूर जानें।
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    क्‍या है जीवन का उद्देश्‍य

    प्रत्‍येक व्‍यक्ति के जीवन का एक उद्देश्‍य और लक्ष्‍य होता है और व्‍यक्ति जीवनभर उसे पूरा करने के प्रयास करता है। लेकिन बहुत सारे लोग जीवनभर अपने जीवन के उद्देश्‍य को लेकर उहापोह की स्थिति में रहते हैं, वे यह नहीं जान पाते कि उनके जीवन का उद्देश्य क्या है? मानव स्‍वभाव जब भी खुशियों से भरा होता है तब उसके मन में अपने उद्देश्‍यों को लेकर कोई सवाल नहीं उठता है, लेकिन जैसे ही असफलता मिलती है तब मन में पहला सवाल यही आता है कि हमारे जीवन का उद्देश्‍य क्‍या है। सभी लोग यह जानने की कोशिश में रहते हैं कि वे वास्‍तव में इस जगह पर क्‍यों हैं, और इस जगह पर रहने का उनका उद्देश्‍य क्‍या है। अगर आपके मन में भी यही सवाल बार-बार उठता है तो उसे जानने की कोशिश कीजिए और अपने जीवन के उद्देश्‍यों को जानने का प्रयास भी कीजिए।
    छाया आभार - गेटी इमेज

    क्‍या है जीवन का उद्देश्‍य
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    एक सूची बनायें

    आपने अपने जीवन में बहुत सारे काम किये होंगे, किसी काम को लेकर आपको दुख मिला होगा और किसी काम को करने के बाद आपको खुशी और अपनेपन का एहसास होगा। कहीं आपने मस्‍ती की होगी लेकिन आपका मन उदास रहा होगा और कई जगह आपने उदास रहकर भी अपने काम का लुत्‍फ उठाया होगा। तो सबसे पहले उन सबकी लिस्‍ट बनायें, खुशी और दुख दोनों पलों की। ऐसे पल जैसे - कार्यालय में काम करने का एहसास, किसी की मदद के दौरान कैसा अनुभव हुआ, कुछ बनाते वक्‍त क्‍या सोच रहे थे, खेल या पेंटिंग में कैसी रुचि थी, किसी को कुछ समझाते वक्‍त क्‍या अनुभव था, लोगों को परोपकार का पाठ पढ़ाने में कैसा लगा था, आदि। इन सबमें आपने किस पल को सबसे अधिक सुरुचिपूर्ण तरीके से जिया था, उसे याद कीजिए।
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    एक सूची बनायें
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    किस-किस ने आपको प्रभावित किया

    एक सूची और बनायें उन लोगों कि जिनकी जीवनी ने आपको प्रभावित किया था और उनके ही कदमों पर आपने चलने का भी ठाना था। लेकिन उन लोगों की सूची बनाने के साथ यह भी जानने की कोशिश कीजिए कि आखिर इन लोगों ने आपको किन गुणों के कारण और क्‍यों प्रभावित किया था। इन लोगों की सूची में कई तरह के लोग हो सकते हैं, एक संगीतकार भी हो सकता है जो लोगों को अपने संगीत के माध्‍यम में दुखों को भूलकर खुश रहने का मौका देता है, एक चिकित्‍सक भी हो सकता है जो निस्‍वार्थ भाव से लोगों को दूसरा जीवन देता है, एक इंजीनियर भी हो सकता है जो दूसरों के लिए आशियाना बनाता है। इन लोगों की सूचि में एक विचारक और लेखक भी हो सकता है जो अपने विचारों और लेखों के माध्‍यम से जीवन जीने का नजरिया बदल देता है। इन लोगों में अपने आपको ढालने की कोशिश करें और सोचें कि अगर आप इस जगह होते तो आपको कैसा एहसास होता।
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    किस-किस ने आपको प्रभावित किया
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    बिना सोचे किये गये काम

    आपने अपने जीवन में कई ऐसे काम भी किये होंगे जिनको करने से पहले उनके बारे में न तो सोचा होगा और ना तो उनके फायदे और नुकसान के बारे में सोचा होगा। ऐसे काम जिनको करने के बाद आपको सुखद एहसास हुआ होगा, उन कामों की लिस्‍ट भी बनायें। इस तरह के काम जैसे - बिना सोचे किसी की मदद कर दिया, बिना सोचे घूमने चले गये, बिना सोचे मस्‍ती कर ली‍, बिना सोचे अपने घरवालों को सरप्राइज दे दिया। इन सबमें एक काम ऐसा भी होगा जो प्राकृतिक रूप से आपको आता होगा, उसके बारे में सोचिये। यह आपके अंदर छिपा हुआ गुण है जो आपको पैदाइ‍शी मिला है उसकी पहचान करने की जरूरत है।
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    बिना सोचे किये गये काम
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    जुनून और जोश

    रोज एक ही तरह का काम और बिना रुचि दिखाये काम करते रहने से बोरियत होना स्‍वाभाविक है। आप वर्तमान में जो काम कर रहे हैं उसकी शुरूआत में भी आपके अंदर न कोई जुनून था और न ही उस काम को आपने दिल से किया था। लेकिन इन सबके बीच आपने अपने जीवन में कई ऐसे काम किये होंगे जिनको करने में आपने अपना पूरा जुनून, जोश, मेहनत सब झोंका होगा। ऐसे काम को करने में न केवल आपको खुशी मिली होगी बल्कि इसके बारे में सोचकर आज भी आप जोशीले हो जाते हैं।
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    जुनून और जोश
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    अपने अनुभवों पर ध्‍यान दें

    आप वास्‍तव में क्‍या अनुभव करते हैं, उसपर ध्‍यान देना बहुत जरूरी है। अगर आप अपने जीवन के उद्देश्‍यों के साथ जीवन यापन कर रहे हैं तो आपका जीवन खुशी, उत्‍साह, जोश, सकारात्‍मकता जैसी भावनाओं से भरा होगा। लेकिन अगर आप अपने जीवन के उद्देश्‍यों से भटकर जीवन यापन कर रहे हैं तो जीवन दुखियों, नकारात्‍मकता, उत्‍साह की कमी आदि से भरा होगा। इन बातों और अनुभवों को जानिये। कुछ लोग तो जीवनभर दुखी रहते हैं और उसे बदलने की कोशिश नहीं करते हैं, क्‍योंकि उनको लगता है कि उनका दूसरा कदम इससे भी दुखदायी होता है, ऐसे लोगों का जीवन भय और अंधकारपूर्ण हो जाता है। लेकिन वास्‍तव में आप अपने उद्देश्‍यों को जानने के इच्‍छुक हैं तो अपनी भावनाओं को सर्वोपरि रखें, उसे दबाने की कोशिश न करें।
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    अपने अनुभवों पर ध्‍यान दें
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    दोस्‍तों की सुनें

    वास्‍तव में आपके दोस्‍त आपके जीवन उद्देश्‍यों को जानने में मदद करते हैं। क्‍योंकि वे आपके विचारों, प्रतिक्रियों, जोश, डर, खुशी, गम, आदि से अच्‍छे से परिचित होते हैं। सही मायने में कहा जाये तो आपे दोस्‍त आपके जीवन का प्रतिबिंब होते हैं। जितना आप अपने आपको समझते हैं उससे कहीं अधिक आपका दोस्‍त आपके बारे में जानता और समझता है। इसलिए अपने दोस्‍तों की बातों और उनके विचारों को सुनें जो वे आपके प्रति रखते हैं। आपके दोस्‍त आपके जीवन के उद्देश्‍यों को जानने में आपकी मदद सबसे अच्‍छे तरीके से कर सकते हैं।
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    दोस्‍तों की सुनें
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    आप वास्‍तव में क्‍या चाहते हैं

    अपने उद्देश्यों और लक्ष्यों तक पहुंचना ही जीवन का अंतिम लक्ष्य है। इसके लिए हमें न केवल प्रयास करना है बल्कि एक विजेता के रूप में भी उभरना है। जब भी कोई काम हम करते हैं उसमें हमें या तो सफलता मिलती है या असफल होते हैं। इसके लिए हम निरंतर कोशिश भी करते रहते हैं, लेकिन बीच में हम अपनी कोशिश बदल देते हैं, क्‍योंकि हमें लगता है हम अपने उद्देश्‍य से भटक गये हैं और हमें जो करना चाहिए यह वो काम नहीं है। यही प्रक्रिया जीवनभर चलती है और हम अपने उद्देश्‍यों को जान नहीं पाते हैं। इसलिए जीवन के उद्देश्‍य को जानने के लिए सबसे पहले यह जानने की कोशिश कीजिए कि आप वास्‍तव में क्‍या करना चाहते हैं, उसी अनुसार प्रयास कीजिए।
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    आप वास्‍तव में क्‍या चाहते हैं
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Comments
  • Naman jha06 Dec 2014
    क्‍या बात कर रहे हैं, दोस्‍तों की सुनें। अरे आजकल अच्‍छे दोस्‍त मिलते कहां हैं। जो मिलते हैं वो आपकी टांग खींचने का काम करने में लगे रहते हैं। हां अगर दोस्‍त सही हों, तो बात अलग है, वरना तो लाइफ नरक हो जाती है। बाकी यह बात तो सही है कि अपने जीवन का उद्देश्‍य पता होना चाहिये। इसके बिना तो मनुष्‍य पशु समान है।