हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

अगर शरीर दे रहा हो ये संकेत, तो आपको भी हो सकती है विटामिन-सी की कमी

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 29, 2017
जब आपके शरीर में कुछ महत्वपूर्ण विटामिनों की कमी होती है तो, शरीर इसके कुछ संकेत देने लगता है। विटामिन की कमी शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है।
  • 1

    विटामिनों की कमी के संकेत

    जब आपके शरीर में कुछ महत्वपूर्ण विटामिनों की कमी होती है तो, शरीर इसके कुछ संकेत देने लगता है। विटामिन की कमी शरीर और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। खासकर आज की प्रोसेस्ड फूड डाइट के चलते तो यह आम बात होती जा रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ले ही विटामिनों की कमी से आपको कोई रोग न हो, लेकिन दैनिक जीवन के काम-काज में इसके कारण कई समस्याएं हो सकती हैं। क्योंकि विटामिन शरीर में सभी जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं के लिए सह-कारक हैं। और हमें ठीक ढंग से काम करने के क्रम में इनकी बेहद जरूरत होती है। तो हमेशा निम्न असामान्य विटामिन की कमी के चेतावनी संकेत के प्रति सचेत रहें।
    Image courtesy: © Getty Images

    विटामिनों की कमी के संकेत
  • 2

    मुंह के कोनों में दरारें पड़ना

    यह नियासिन (बी 3), राइबोफ्लेविन (बी 2), और बी 12, आयरन, ज़िंक, और विटामिन बी की कमी का लक्षण है। शआकाहारी लोगों में  यह आम होता है। इससे बचने के लिए दाल, अंडा, मछली, ट्यूना, क्लेम, टमाटर, मूंगफली, और फलियां आदि खाएं।
    Image courtesy: © Getty Images

    मुंह के कोनों में दरारें पड़ना
  • 3

    चेहरे पर लाल दाने, या बाल झड़ना

    यह अकसर बायोटिन (बी 7) जिसे कि हेयर विटामिन के नाम से भी जाना जाता है, की कमी से होता है। जब आपका शरीर वसा में घुलनशील विटामिन (जैसे ए, डी, ई, के आदि) का भंडारण कर रहा होता है तो यह पानी में घुलनशील, विटामिन बी को नहीं बचाता। इससे बचने के लिए पकाए हुए अंडे, सामन, एवकाडो, मशरूम, फूलगोभी, सोयाबीन, नट, रसभरी व केले आदि का सेवन करें।
    Image courtesy: © Getty Images

    चेहरे पर लाल दाने, या बाल झड़ना
  • 4

    लाव व सफेद एक्ने (गाल, हाथ, जांघों और कूल्हों पर)

    ऐसा आमतौर पर आवश्यक फैटी एसिड और विटामिन ए और डी की कमी से होता है। इससे बचने के लिए संतृप्त वसा और ट्रांस वसा का सेवन कम करें और और स्वस्थ वसा में वृद्धि करें। आप चाहें तो केवल डॉक्टर की सलाह से इसके लिए सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।
    Image courtesy: © Getty Images

    लाव व सफेद एक्ने (गाल, हाथ, जांघों और कूल्हों पर)
  • 5

    हाथ, पैर आदि में झुनझुनी, चुभन, और स्तब्ध होना

    यह विटामिन बी ,जैसे फोलेट (B9), बी -6, और बी 12 की कमी के कारण होता है। यह परिधीय नसों और जहां वे खतम होती हैं, वहां से संबंधित एक समस्या होती है। इन लक्षणों के साथ चिंता, अवसाद, एनीमिया, थकान, और हार्मोन असंतुलन आदि भी देखे जा  सकते हैं। इससे बचने के लिए पालक, शतावरी, बीट, सेम, अंडे आदि का सेवन करना चहिए।
    Image courtesy: © Getty Images

    हाथ, पैर आदि में झुनझुनी, चुभन, और स्तब्ध होना
  • 6

    मांसपेशियों में ऐंठन

    पैर की उंगलियों, पैरों की मेहराब में दर्द, पैरों के पीछे की ओर दर्द व ऐंठन मैग्नीशियम, कैल्शियम और पोटेशियम आदि की कमी के कारण होत है। इससे बचने के लिए केले, बादाम, अखरोट, स्क्वैश, चेरी, सेब, अंगूर, ब्रोकोली आदि का नियमित सेवन करें।
    Image courtesy: © Getty Images

    मांसपेशियों में ऐंठन
  • 7

    प्रोटीन की कमी से होने वाली मसूडों की बीमारियां

    मसूड़ों की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। लेकिन 35 वर्ष की उम्र के बाद मसूड़ों की बीमारी का खतरा बढ जाता है। और अगर शरीर में प्रोटीन की कमी हो तो इस उम्र में हर चार में से तीन लोग मसूड़ों की बीमारी से पीड़ित होते हैं। प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम प्रोटीन और विटामिन खाने से मसूडों की समस्या कम होती है।
    Image courtesy: © Getty Images

    प्रोटीन की कमी से होने वाली मसूडों की बीमारियां
  • 8

    मल्टीपल स्क्लेरोसिस

    जिन लोगों में विटामिन 'डी' की कमी होती है उन्हें मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने का जोखिम अधिक रहता है। कनाडा में हुए एक शोध के अनुसार सूरज की रोशनी से मिलने वाला यह विटामिन मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) को रोकता है। स्क्लेरोसिस में अंग या टिश्यू  कठोर हो जाते हैं। इस अध्ययन की रिपोर्ट मांट्रियल में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर आयोजित एक सम्मेलन में प्रस्तुत की गई थी।
    Image courtesy: © Getty Images

    मल्टीपल स्क्लेरोसिस
  • 9

    शिशुओं की मांसपेशियों में मरोड़ और सांस लेने में परेशानी

    शिशुओं में विटामिन डी की कमी होने पर मांसपेशियों में मरोड़े, सांस लेने में परेशानी और दौरे आने की समस्या हो सकती है। उनके शरीर में कैल्शियम की भी कमी हो जाती है। सांस की तकलीफ की वजह से बच्चे की पसलियां नर्म रह जाती हैं और आस-पास की मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं।
    Image courtesy: © Getty Images

    शिशुओं की मांसपेशियों में मरोड़ और सांस लेने में परेशानी
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.