दिल को मजबूत करने के लिए व्‍यायाम

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 31, 2014

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दिल की बीमारियों के बढ़ने कारण शारीरिक परीश्रम की कमी है, नियमित रूप से व्‍यायाम न करने के कारण दिल के मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है, व्‍यायाम करके दिल को मजबूत बनाया जा सकता है।
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    दिल के लिए व्‍यायाम

    दिल को स्‍वस्‍थ रखने और मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से व्‍यायाम बहुत जरूरी है। शारीरिक परिश्रम की कमी दिल की बीमारियों की सबसे बड़ी वजह मानी जाती है। विशेषज्ञ भी दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए नियमित रूप से व्‍यायाम पर जोर देते हैं। नियमित व्यायाम करने वालों का दिल मजबूत होता है साथ ही दिल के मरीजों को व्‍यायाम करने से राहत भी मिलती है। तो क्‍यों न दिल को मजबूत बनाने के लिए रोज व्‍यायाम करें।

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    क्‍यों जरूरी है व्‍यायाम

    एक्‍सरसाइज के समय सांस के द्वारा अधिक मात्रा में हवा शरीर में प्रवेश करती है और दिल तेजी से धड़कता है। ऑक्सीजन की अधिक मात्रा फेफड़ों से खून के जरिए शरीर के दूसरे भागों में पहुंचती है। वहीं सांस बाहर छोड़ते समय कार्बनडाईऑक्साइड शरीर से बाहर निकलती है और ऑक्सीजन रहित रक्त दिल से होते हुए फेफड़ों में पहुंचता है। मांसपेशियां ऑक्सीजन का इस्तेमाल अधिक ऊर्जा के निर्माण के लिए करती हैं। इसलिए व्यायाम आपको ऊर्जावान बनाए रखता है।

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    शोध की मानें तो

    अमेरिकन हार्ट इंस्टीट्यूट के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना चाहिए। नियमित व्यायाम करने वालों में हृदयरोगों की आशंका अन्यों की अपेक्षा लगभग 45% तक कम हो जाती है। कोलेस्ट्रॉल और लिपिड के स्तर में भी सुधार होता है। बुरे कोलेस्ट्रॉल यानी एलडील का स्तर कम होता है। हालांकि अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार के लिए अधिक मेहनत वाला व्यायाम करना जरूरी है।

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    कार्डियो व्‍यायाम

    दिल को मजबूत बनाने के लिए कार्डियो व्‍यायाम कीजिए। कार्डियो व्‍यायाम में दौड़ना, जॉगिंग करना, तैरना जैसे व्‍यायाम आते हैं। ये व्‍यायाम करते वक्‍त आप इनकी गति बढ़ाकर दिल की धड़कन को बढ़ा सकते हैं। इससे रक्‍त का संचार अच्‍छे से होगा और दिल मजबूत होगा।

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    स्‍ट्रेचिंग करना

    दिल को मजबूत बनाने के साथ-साथ शरीर को लचीला बनाने के लिए स्‍ट्रेचिंग कीजिए। सप्‍ताह में केवल दो दिन स्‍ट्रेचिंग करना दिल को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्‍त है। स्‍ट्रेचिंग के वक्‍त सावधानी बरतें ताकि आपकी मांसपेशियों को समस्‍या न हो।

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    स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग

    स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग यानी अधिक परीश्रम वाले व्‍यायाम। स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से दिल के साथ-साथ शरीर भी गठीला और मजबूत होता है। सीने को मजबूत बनाने वाले स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग से दिल की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से सांसों की गति और धड़कन बढ़ जाती है जिससे शरीर में रक्‍त का संचार अच्‍छे से होता है।

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    साइक्लिंग करें

    नियमित रूप से साइकिल चलाने से भी दिल मजबूत होता है। रोज साइकिल चलाना दिल के लिए बेहतर व्‍यायाम है। अगर आप रोज 30-40 मिनट तक साइकिल चलाते हैं तो आपको दिल की बीमारियां नहीं होंगी और दिल मजबूत रहेगा। साइकिल चलाने से सांसों की गति बढ़ती है जो दिल के लिए फायदेमंद है। साइक्लिंग से हृदय की मांसपेशियों का भी खिंचाव होता है।

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    पुशअप्‍स करें

    दिल को मजबूत बनाने के लिए पुश-अप्‍स बहुत ही आसान व्‍यायाम है और इसे कभी और कहीं भी किया जा सकता है। पुशअप्‍स करने से दिल के साथ-साथ बाजुओं, चेस्‍ट, कंधों का व्‍यायाम होता है। यह दिल के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

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    योग करें

    दिल को मजबूत बनाने के लिए योग भी कर सकते हैं। योग के दौरान लंबी सांसे लेना और उन्‍हें छोड़ना दिल को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है। योग की कुछ मुद्रायें जैसे - ताड़ासन, सर्वांगासन, स्‍वास्तिकासन, शीर्षासन आदि करने से दिल मजबूत होता है।

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    वर्कआउट भी करें

    दिल को मजबूत बनाने के लिए वर्कआउट करें। वर्कआउट की शुरूआत वार्म-अप से करें, उसके बाद लंज, बर्पी, ब्रिज, क्‍वैट्स आदि कर सकते हैं। सप्‍ताह में केवल तीन दिन तक व्‍यायाम करके ही दिल को मजबूत बना सकते हैं।

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