डायबिटीज में पैरों की सूजन कम करने के 8 तरीके

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 20, 2015

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ब्‍लड में शुगर बढ़ने के कारण डायबिटिज होती है, इससे पूरा शरीर प्रभावित होता है, इसके कारण पैरों में रक्‍त का संचार ठीक तरह से न हो पाने के कारण सूजन हो जाती है, उपचार के जरिये इस सूजन को नियंत्रित किया जा सकता है।
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    डायबिटीज में पैरों की सूजन

    ब्‍लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से डायबिटीज की समस्‍या होती है, लेकिन इसके उपचार में केवल ब्‍लड शुगर को नियंत्रित नहीं किया जाता है। बल्कि इसके कारण दूसरी शारीरिक समस्‍यायें भी होती हैं उनका भी उपचार किया जाता है। इस रोग से ग्रस्‍त व्‍यक्ति के पैरों को भी नुकसान हो सकता है। डायबिटीज में पैरों की नसें क्षतिग्रस्‍त होने लगती हैं। साथ ही ब्‍लड सर्कुलेशन धीरे होने के कारण पैर में लगी चोट को ठीक होने में बहुत समय लगता है। सही देखभाल और इलाज के अभाव में पैरों में सूजन, छाले आदि की समस्‍या होती है। अगर आप भी इस समस्‍या से जूझ रहे हैं तो पैरों को स्‍वस्‍थ रखने और सूजन को कम करने के यहां दिये टिप्‍स आपकी मदद कर सकते हैं।    
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    आरामदायक जूते पहनें

    डायबिटीज से ग्रस्‍त लोगों को टाइट जूते नहीं पहनने चाहिए। तंग जूते पहनने से ब्‍लड सर्कुलेशन कम होने के कारण पैरों में सूजन आ जाती है। इसलिए अपने पैरों के आकार से थोड़े बड़े जूते पहने। इसके अलावा, डायबिटीज से ग्रस्‍त महिलाओं को ऊंची एड़ी के जूते पहनने से बचना चाहिए।
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    धूम्रपान से बचें

    वैसे तो धूम्रपान से हर किसी को दूरी बनाकर रखनी चाहिए। लेकिन डायबिटीज से ग्रस्‍त व्‍यक्ति को इससे खासतौर पर दूरी बनाकर रखनी चाहिए क्‍योंकि धूम्रपान से ब्‍लड सर्कुलेशन अवरुद्ध होने के कारण ब्‍लड सही तरीके से पंजों तक नहीं पहुंच पाता और तरह-तरह की समस्याएं पैदा होती हैं।
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    दबाव वाले मोजे

    डायबिटीज से ग्रस्‍त ज्यादातर लोगों में पैरों में सूजन के कारण उनका चलना फिरना मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस समस्‍या से बचने के लिए आप बाजार में उपलब्ध दबाव बनाने वाले मोजों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। ये मोजे प्रभावित हिस्‍से पर दबाव डालते है जिससे ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। जिससे पैरों में सूजन, थकान व अन्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है। यह मोजा इतना लचीला और बेहतर होता है कि पूरा दिन पहने रहने के बावजूद आप खुद को सहज महसूस करेंगे।
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    नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करें

    डायबिटीज में नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करने से आपके पैरों में ब्‍लड सर्कुलेशन सही तरह से होने से सूजन कम होती है और साथ ही ब्‍लड शुगर का स्‍तर भी स्थिर बना रहता है। कठिन एक्‍सरसाइज करने से पैरों की सूजन बढ़ भी सकती है इसलिए किसी भी एक्‍सरसाइज को करने से पहले अपने डाक्‍टर से संपर्क जरूर करें। चलने, तैराकी या साइकिलिंग जैसी एक्‍सरसाइज आपके पैरों पर दबाव डाले बिना रक्तसंचार को सुचारू रखने में मदद करती है।
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    पैरों की मसाज करें

    डायबिटीज में ब्‍लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं होने के कारण पैरों में सूजन आने लगती है। लेकिन ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाने के लिए पैरों की मालिश करें। इससे पैरों की सूजन कम करने और दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है।
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    नमक का कम सेवन

    डायबिटीज में नमक का सेवन कम करना चाहिए क्‍योंकि नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ने के साथ पैरों की सूजन को भी कारण बनता है। इसलिए अपने आहार में सोडियम की मात्रा कम रखें। अपने आहार में थोड़ा सा परिवर्तन करके डायबिटीज रोगी अपने पैरों की सूजन को काफी हद तक कम कर सकता है।  
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    मुद्रा का ध्‍यान रखें

    डायबिटीज में अपने उठने बैठने के तरीके का भी विशेष रूप से ध्‍यान रखना चाहिए। ज्यादा देर तक बैठे रहने या खड़े रहने से पैरों में अकड़न या सूजन हो सकती है। इसके अलावा डायबिटीज में आपको पालथी कर भी नहीं बैठना चाहिए क्‍योंकि इससे ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है।
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    पैरों की एक्‍सरसाइज करें

    पैरों की एक्‍सरसाइज में पैरों को ऊपर उठाने से ऊतकों के आस-पास जमा तरल पदार्थ बाहर निकल जाता है और ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। और पैरों की सूजन भी कम हो जाती है। इसे करने के लिए आप अपने पैरों को ऊपर उठाये, कुछ देर के लिए रूके, फिर पैरों को नीचे ले आये। ऐसा नियमित रूप से 10-15 मिनट के लिए करें।
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