दोपहर बाद आलस आने के 7 कारण और उससे उबरने के तरीके

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 13, 2015

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दोपहर के बाद कई कोशिशों के बावजूद आप अपनी नींद पर काबू नहीं कर पाते हैं और आपको आलस आता है, इसके लिए आपकी रोजमर्रा की आदतों के अलावा कुछ बीमारियां भी जिम्‍मेदार हो सकती हैं।
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    दोपहर में नींद आना

    दोपहर के बाद कई कोशिशों के बावजूद आप अपनी नींद पर काबू नहीं कर पाते हैं और आपको आलस आता है। इसका असर आपके काम पर पड़ता है। अधूरी नींद, अवसाद, ओवरईटिंग, व्‍यायाम न करना, कुछ बीमा‍रियां आदि प्रमुख कारण हैं जिनके कारण आपको दोपहर बाद आलस आता है। आगे की स्‍लाइडशो में विस्‍तार से जानिये उन प्रमुख कारणों के बारे में जिनके कारण आपको नींद आती है और इससे उबरने के तरीके भी जानिये।

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    नींद पूरी न करना

    रात में देर से सोने और सुबह जल्‍दी उठने के कारण पूरे दिन नींद आना सामान्‍य बात है। बहुत कम नींद लेना सेहत और एकाग्रता दोनों पर असर डालता है। इसलिए एक वयस्क को रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। शहरी जीवनशैली के बीच शरीर की इस सबसे आसान व प्राकृतिक जरूरत को पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके कारण दोहपर के बाद आलस आता है।  
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    ब्रेकफास्‍ट न करना

    सुबह के वक्‍त नाश्‍ता करने से हमें न केवल एनर्जी मिलती है बल्कि इसके कारण हम पूरे दिन ऊर्जावान रहते हैं। लेकिन अगर आपने सुबह के वक्‍त नाश्‍ता नहीं किया है तो इसके कारण दोहपर के बाद आपको नींद सतायेगी। इसलिए सुबह का नाश्‍ता करना न भूलें।
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    ओवरईटिंग के कारण

    लंच में अधिक और अस्‍वस्‍थ खाने के कारण दोपहर के बाद आलस आना स्‍वाभाविक है। इसके अलावा दोपहर में आपने क्‍या खाया इसके कारण भी दोपहर बाद आलस आता है। इसलिए लंच में ऐसा खाना खायें जो आसानी से पच जाये। सलाद, हरी सब्जियों, फलों का अधिक मात्रा में सेवन करें। मीट, मछली, मसालेदार आदि हैवी फूड के सेवन से बचें।
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    हाइपोथाइरॉयडिज्‍म के कारण

    थाइरॉएड एक ऐसी ग्रंथि है, जो मेटाबॉलिज्म को काबू में रखती है, इस प्रक्रिया के तहत शरीर भोजन को पचा कर ऊर्जा में बदलता है। जब यह ग्रंथि असक्रिय हो जाती है तो इसे हाइपोथाइरॉएडिज्म कहते हैं। इसके कारण मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, और व्यक्ति को थकावट होती है और उसका वजन बढ़ने लगता है। अगर कोई व्‍यक्ति इस समस्‍या से ग्रस्‍त है तो उसे दोपहर बाद आलस आयेगा।
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    तनाव और अवसाद के कारण

    तनाव का सबसे नकारात्‍मक असर हमारी नींद पर पड़ता है। अगर कोई व्‍यक्ति तनाव और अवसाद से ग्रस्‍त है तो इसके कारण उसे अच्‍छी नींद नहीं आयेगी, थकावट, सिरदर्द और भूख न लगने जैसी समस्‍यायें भी होंगी। इसलिए अगर तनाव से ग्रस्‍त हैं तो इससे उबरने की कोशिश करें।
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    व्‍यायाम न करना

    अगर आप व्‍यायाम करने में आलस करेंगे तो पूरा दिन आलस में ही बीतेगा। दोपहर के बाद नींद आने के लिए जिम्‍मेदार प्रमुख कारणों में से व्‍यायाम न करना भी एक कारण है। इसलिए सुबह के वक्‍त व्‍यायाम के लिए 30-40 मिनट जरूर निकालें।
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    कुछ बीमारियां

    दिल की बीमारी, स्‍लीप एप्‍नीया, एनीमिया, यूरीनरी इंफेक्‍शन आदि कई स्‍वास्थ्‍य समस्‍यायें हैं जिनके कारण भरपूर नींद लेने के बाद भी आपको दोपहर के बाद आलस के साथ नींद भी सताती है। इसलिए अगर भरपूर सोने के बाद भी आपका मन दिन में सोने के लिए बेताब रहता है तो इस बीमारियों की जांच जरूर करायें।
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    दोपहर के आलस को कैसे करें दूर

    दोपहर के बाद नींद आने की समस्‍या को आप आसानी से दूर कर सकते हैं। हो सके तो ऑफिस में ही 30 मिनट की पॉवर नैप लें, 40 मिनट से अधिक समय तक एक जगह कुर्सी पर न बैठें, थोड़ा सा टहले, लंच के बाद टहलें, ब्रेकफास्‍ट जरूर करें, व्‍यायाम को अपनी दिनचर्या बनायें, नींद आने पर कॉफी का सेवन करें, भरपूर नींद लें और समय-समय पर चिकित्‍सक से परामर्श लें।
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