प्रेग्‍नेंसी में कमर की ऐंठन का प्रबंधन कैसे करें

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 08, 2015

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गर्भावस्‍था के दौरान गर्भवती को कई प्रकार की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्‍था के दौरान होने वाली समस्‍याओं में सबसे आम कमर में दर्द, विशेष रूप से कमर में ऐंठन है। गर्भावस्था में नियमित एक्‍सरसाइज और कुछ उपायों को अपनाकर कमर दर्द की समस्‍या को कम किया जा सकता हैं।
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    प्रेग्‍नेंसी में कमर की ऐंठन

    मां बनने वाली महिलाओं के लिए गर्भावस्‍था एक रोमांचक समय होता है, लेकिन बच्‍चे को दुनिया में लाने के लिए मां को कभी-कभी असहज उत्‍तेजना का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्‍था के दौरान होने वाली समस्‍याओं में सबसे आम कमर में दर्द, विशेष रूप से कमर में ऐंठन है। रॉकविल, मैरीलैंड में स्थित गयनेकोलॉजिस्ट डॉ स्टीव बेहराम, बताते हैं कि "गर्भावस्था में पीठ के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन किसी तूफान की तरह होती है," "सामान्यतया, गर्भावस्था महिलाओं को सामान्यीकृत कई प्रकार मांसपेशियों में ऐंठन सहित पीठ में ऐंठन के प्रति और अधिक असुरक्षित बना देती हैं।"
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    कमर में ऐंठन के कारण

    आमतौर पर गर्भावस्था के समय में महिलाओं का वजन बढ़ता है। बढ़े हुए वजन का प्रभाव मांसपेशियों और मुख्य रूप से कमर की हडि्डयों पर होता है। गर्भावस्‍था के दौरान हर गर्भवती महिला को पीठ के दर्द से जूझना ही पड़ता है। उनका शरीर अपने अंदर एक शिशु को लिए होता है जिसके भार से उन्‍हें यह दर्द झेलना पड़ता है। दर्द होने का मात्र यही कारण नहीं है बल्कि महिला के अंदर हर समय हो रहे हार्मोन में बदलाव भी दर्द का कारण बनते हैं।
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    गर्भाशय संकुचन के कारण दर्द

    हालांकि कई बार कमर में ऐंठन में अक्‍सर हानिरहित जलन होती है, और यह कुछ अतिरिक्‍त जटिलताओं का प्रतीक भी हो सकता है। बेहराम कहते हैं कि कभी-कभी गर्भाशय की संकुचन भी दर्द का कारण बनता है और इससे कमर में दर्द होने लगता है।  
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    गर्भाशय संकुचन के संकेत

    यह निर्धारित करना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है कि कही कमर में दर्द गर्भाशय की संकुचन के कारण तो नहीं हैं। गर्भाशय के संकुचन समय से पहले प्रसव का संकेत हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को गर्भाशय का संकुचन अतिरिक्‍त चेतावनी संकेत के बिना एक घंटे में छह या उससे अधिक बार होता है तो वह गर्भवती को चिकित्‍सा सहायता लेने की सलाह देते हैं।
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    सियाटिका के कारण होने वाला दर्द

    सियाटिका, सियाटिक नर्वस के कारण होता है, यह दर्द हॉप्‍स के माध्‍यम से पीठ के निचले हिस्‍से से पैर को जोड़ता है। गर्भावस्था में महिलाओं का एक छोटा प्रतिशत सियाटिका से पीडि़त होता है। इसमें पीठ के शोथ या दबाव के कारण नितंत्र-तंत्रिका दर्द करने लगती है। कभी-कभी, इस तंत्रिका का कार्य करना बाधित हो सकता है, नतीजन कमजोरी आती है या सुन्नपन या झनझनाहट महसूस होती है।
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    कमर दर्द को कम करने के उपाय

    गर्भावस्था में नियमित व्यायाम करके कमर दर्द प्रकट होने की अपनी संभावना को कम कर सकती हैं। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को हल्‍के फुल्‍के व्‍यायाम करने चाहिये। टहलने और स्‍ट्रेचिंग करने से नीचे का शरीर कडा होने से बच जाता है। पर ध्‍यान रहें कि इसे करते वक्‍त आपके लिगामेंट्स में ज्‍यादा खिंचाव न हो। इस दौरान स्‍विमिंग एक अच्‍छी एक्‍सरसाइज है, क्‍योंकि इससे आपका वजन कम होगा और हाथ-पैर भी स्‍ट्रैच होगें। इसके साथ ही योगा भी काफी फायदेमंद होगा।
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    दर्द दूर करें मसाज

    गर्भावस्‍था के दौरान अगर कमर में दर्द हो रहा हो तो गर्म तेल या बाल्‍म से मसाज करने से फायदा होता है। पीठ के निचले हिस्‍से में मालिश करने से ब्‍लड सर्कुलेशन को तेज़ होता है जिससे अक्‍सर थकी हुई मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द नहीं होता। साथ ही गर्म स्नान, हॉट पैक या शॉवर से पानी का गर्म जेट, ये सभी पीठ दर्द में मदद कर सकते हैं।
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    पॉश्‍चर हो सही

    गर्भावस्‍था के दौरान पेट का भार लगातार नीचे की ओर होता है। पेट के नीचे होने के कारण गर्भावस्‍था में मांसपेशियों पर दबाव ज्‍यादा होता है। ऐसे में गर्भवती महिला को अपना पोस्‍चर हमेशा बनाएं रखना चाहिये। टहलना, सीधा बैठना, पैरों को खींचना और नीचे की ओर न झुकना आपकी कमर पर बिल्‍कुल भी दबाव नहीं डालेगा और कमर दर्द को कम कर देगा। लेकिन अगर दर्द और ऐंठन लगातार बनी रहे तो अपने डॉक्टर से जांच करवाये।
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