इन 3 टिप्‍स की मदद से सूर्य नमस्‍कार को प्रभावी और बेहतर बनाये

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 02, 2016

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सूर्य नमस्‍कार को करने से शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी बनता है। यह अकेला योग सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। लेकिन कुछ सरल उपाय करके आप इस योग से अधिकतम लाभ पा सकते है। आइए सूर्य नमस्‍कार को प्रभावी और बेहतर बनाने के उपायों के बारे में जानें।
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    सूर्य नमस्‍कार को प्रभावी बनाने के उपाय

    यदि आपके पास समय की कमी है, और आप चुस्त दुरुस्त रहने का कोई अच्‍छा तरीका ढूंढ रहे हैं, तो आपके लिए सूर्य नमस्‍कार एक बहुत अच्‍छा उपाय है। जीं हां सूर्य नमस्कार 12 शक्तिशाली योग आसनों का एक समूह है, जो एक उत्तम कार्डियो एक्‍सरसाइज भी है। 'सूर्य नमस्कार' का शाब्दिक अर्थ सूर्य को नमस्कार करना है। यह योग आसन शरीर को सही आकार देने और मन को शांत व स्वस्थ रखने का उत्तम तरीका है। इस योग को करने से शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी बनाता है। यह अकेला योग सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। लेकिन कुछ सरल उपाय करके आप इस योग से अधिकतम लाभ पा सकते है। आइए सूर्य नमस्‍कार को प्रभावी और बेहतर बनाने के उपायों के बारे में जानें।

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    ठंडे पानी से स्नान करें

    योग शुरू करने से पहले, सामान्य तापमान से थोड़े ठंडे पानी से स्नान करें। योग करने के लिए बहुत जरूरी है कि कोशिकाएं संकुचित हों और कोशिकाओं के बीच का अंतर खुल जाए क्योंकि शरीर की कोशिका संरचना को एनर्जी के एक अलग आयाम से सक्रिय करती हैं। अगर कोशिकाएं संकुचित होकर बीच में जगह बनाती हैं, तो योग का अभ्यास कोशिका की संरचना को ऊर्जावान बनाता है। इसलिए शरीर के सामान्य तापमान पर कुछ ठंडे पानी से कोशिकाएं संकुचित होती हैं और कोशिकाओं के बीच का अंतर बढ़ता है। अगर आप गुनगुने या गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं, तो कोशिकाओं के रोमछिद्र खुल जाते हैं और पानी को सोख लेते हैं, हम ऐसा नहीं चाहते।

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    पसीने को पोंछें नहीं

    कोई भी योग चाहे वह सूर्य नमस्‍कार ही क्‍यों न हो- अगर आपको पसीना आता है तो आपको तौलिये से पसीना नहीं पोंछना चाहिए, पानी नहीं पीना चाहिए या योग के दौरान बॉथरूम जाने से भी बचना चाहिए, जब तक कि बहुत जरूरी न हो। जीं हां पसीने को तौलिये से न पोछें बल्कि – हमेशा उसे वापस शरीर में जाने दें, कम से कम अपने शरीर के खुले हिस्सों में। क्‍योंकि अगर आप पसीने को पोंछ देते हैं तो आप योग से पैदा होने वाली एनर्जी को बहा देते हैं। पानी में याददाश्त और एनर्जी को धारण करने की क्षमता होती है। इसीलिए योग के कम से कम डेढ़ घंटे बाद स्नान करें।

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    सही मात्रा में पानी पिएं

    अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से पानी पीयें। अगर आप अपनी प्यास के हिसाब से 10 प्रतिशत अतिरिक्त पानी पीते हैं, तो यह काफी होगा। यानी अगर दो घूंट पानी पीने से आपकी प्यास बुझ जाती है तो 10 प्रतिशत पानी और पी लें। इससे आपके शरीर की पानी की जरूरत पूरी हो जाएगी। लेकिन तेज धूप में या परिश्रम करने से अगर आपको बहुत पसीना आ रहा है और शरीर से तेजी से पानी निकल रहा है, तो आपको ज्यादा पानी पीने की जरूरत है। तब नहीं, जब आप एक छत के नीचे योग कर रहे हो।
    Image Source : Getty

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