कैसे समझें कि आप जो चाहते हैं वही करें

By:Devendra Tiwari , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 14, 2015

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लोग यह समझ नहीं पाते कि वास्‍वत में वे करना क्‍या चाहते हैं, इसी उलझन में वे अपनी मंजिल से भटक जाते हैं, इस स्‍लाइडशो को पढ़कर आप समझ जायेंगे कि आप वास्‍तव में क्‍या चाहते हैं।
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    आप क्या चाहते हैं

    व्यस्त रहना एक समस्या है, उन लोगों के लिए जो आज ऐसे काम में व्यस्त हैं जिसे वास्तव में वे करना नहीं चाहते। न्‍यूयार्क यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये एक अध्ययन में लोगों ने यह स्वीकार कि वे अपने रास्ते से भटक गयें हैं और ऐसे काम कर रहे हैं जिसे वे वास्त‍व में करना नहीं चाहते। कुछ ने यह भी स्वीकारा वे आजतक यह समझ नहीं पाये कि वास्त‍व में वे करना क्या चाहते हैं। यह कहानी न सिर्फ अमेरिका की है बल्कि पूरी दुनिया की है। लोग ऐसे काम कर रहे हैं जिसका सपना उन्होंने कभी देखा ही नहीं। ऐसे में उनको सही रास्ते पर कैसे लाया जाये, उनको इसका एहसास कैसे कराया जाये, इसके बारे में इस स्‍लाइडशो में विस्‍तार से चर्चा करते हैं।

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    क्यों है ये उलझन

    वर्तमान में हमारे दिमाग पर हमसे अधिक कब्‍जा तकनीक का है। हम इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग में उलझ गयें हैं। इसके कारण हम दिमाग का प्रयोग कम करते हैं जिससे उलझन सुलझने का नाम नहीं लेती। क्योंकि जब भी हम खाली होते हैं सोशल साइट्स पर समय बर्बाद करते हैं। इसका सबसे बुरा असर हमारी भावनाओं पर पड़ा है, शायद इसी कारण हम भावना शून्य भी हो रहे हैं, क्योंकि हमारे पास भावनाओं को समझने का वक्त ही नहीं है।

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    शरीर भी प्रतिक्रिया देता है

    आपका शरीर यह अच्छे से जानता है कि आप क्या करना चाहते हैं और आप क्या कर रहे हैं। इसलिए अपने अंतर्मन की आवाज को सुने और अपने शरीर के संकेतों को भी समझें। अगर आप कोई काम कर रहे होते हैं तो अक्सर आपका दिमाग उसे करने के लिए मना करता है और शरीर भी आपके दिमाग का साथ देता है। ऐसे में आपको निर्णय करना है कि वास्तव में आप क्या चाहते हैं।

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    कुछ इस तरह से करें

    हर रोज अपने लिए कुछ वक्त निकालें, इस दौरान कोई काम न करें, केवल अपने अंतर्मन में झांकें और दिमाग के जंजाल को अनजाने भंवरों से लहराने दें। हमारे दिमाग की तंत्रिकायें हर उस बात को सामने नहीं ला पाती हैं जो दिमाग में होता है। इसे बाहर निकालने के लिए अपने अंदर देखने की जरूरत होती है। शॉवर लेते वक्त, किसी लाइन में खड़े होने के दौरान, खाली वक्त में 20 मिनट तक खुले आसमान को निहारें और अंतर्मन को सुनें।

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    अपने आभास को अनुभव करें

    अपने अंदर होने वाले एहसास का अनुभव करना बहुत मुश्किल काम नहीं है, और आप जो अनुभव करते हैं उसे आप कर नहीं पाते। ऐसे में आपके मन में जो भी ख्याल आये उसका चित्र बनायें, उनको अपने शब्दों में या चित्रों के माध्यम से उकेरने की कोशिश करें।

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    एहसास को स्वीकारें

    कई बार हम दूसरे काम में इतने उलझ जाते हैं और उस काम को नहीं कर पाते जिसे हम चाहते हैं। इससे निकलने के लिए यह भी जरूरी है कि आप उस बात को स्वीकार करें जिसे आप वास्तव में चाहते हैं। आप जो करना चाहते हैं उसको स्वीकार करने के बाद ही आप उसे करने के लिए कदम उठायेंगे।

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    बदलाव से डर कैसा

    जब से आपने इस दुनिया में कदम रखा है तब से लेकर अब तक बदलाव ही बदलाव देखें हैं। चाहे वह बाहरी दुनिया हो या फिर खुद का विकास। ऐसे में अगर आपके जीवन में किसी तरह का बदलाव हो रहा है उसे डरें नहीं बल्कि उसको खुशी-खुशी स्वीकार कीजिए। क्योंकि ये ऐसे बदलाव हैं जिनको आप वास्तव में चाहते थे, आप जो करना चाहते थे ये उसी का नतीजा है। आप इससे अगर डर जायेंगे तो अपने सपने को कभी नहीं पूरा कर पायेंगे। इसलिए इसे प्यार करें, स्वीकार करें और उस मंजिल की तरफ कदम बढ़ायें जिसे आप चाहते थे।

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