स्‍वाइन फ्लू से बचाव के लिए कैसे बढ़ाये इम्‍यूनिटी

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 28, 2015

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स्‍वाइन फ्लू का खतरा उन लोगों को ज्‍यादा रहता है जिनका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर होता है, इसलिए इस संक्रामक बीमारी से बचने के लिए अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ायें।
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    स्‍वाइन फ्लू से बचने के उपाय

    स्‍वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है जो कि जानलेवा है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसकी चपेट में कमजोर इम्‍यून‍ सिस्‍टम वाले लोग आसानी से आ जाते हैं। यह बीमारी एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति में संक्रमण के जरिये फैलती है, इसलिए इसकी रोकथाम और बचाव के लिए मजबूत इम्‍यू‍न सिस्‍टम की जरूरत है। तो अगर आप स्‍वाइन फ्लू जैसी संक्रामक बीमारी से बचाव के बारे में सोच रहे हैं तो सबसे पहले अपनी इम्‍यूनिटी को बढ़ाइये। आगे की स्‍लाइड में जानिये कैसे आसानी से इम्‍यूनिटी बढ़ा सकते हैं।
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    इम्‍यूनिटी बढ़ाने के उपाय

    हालांकि फ्लू में शॉट और मास्क पहनना उपयोगी होता है, लेकिन एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले वायरस को रोकने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए आपको सबसे पहले प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाले कारणों को जानना होगा। खराब जीवन-शैली जैसी धूम्रापन, पर्याप्‍त नींद की कमी, उचित आहार न लेना, तनावपूर्ण जीवन आदि आपकी इम्‍यूनिटी पर बुरा असर करती है। इन आदतों के चलते आप आसानी से स्‍वाइन फ्लू का शिकार हो जाते हैं। तो आइए इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाने और दृढ़ता से संक्रमण से लड़ने के लिए ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में जानें।
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    स्‍वस्‍थ खान-पान

    इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए आपका आहार पोषक तत्‍वों से भरपूर होना चाहिए। यानी आपके आहार में विटामिन जैसे ए, बी, सी और ई के साथ जिंक और सेलेनियम से भरपूर होना चाहिए। इसके लिए अपने आहार में क्रसटेशियन, मांस, सूरजमुखी के बीज और ब्राउन राइस को शामिल करें। इसके अलावा, शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए अदरक और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थ भी आपकी मदद करते है।   
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    आहार में प्रोबायोटिक्स शामिल करें

    प्रोबायोटिक्‍स एक बैक्‍टीरिया है जो आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है और पाचन में मदद करता है। इसके अलावा यह अम्‍लीय वातावरण बनाकर आपकी इम्‍यूनिटी में सुधार करने के लिए जाना जाता है, जो पेट में अन्य हानिकारक जीवाणुओं के विकास को रोकता है। प्रोबायोटिक्स का बहुत अच्‍छा प्राकृतिक स्रोत होने के कारण अपने आहार में दूध और दही जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
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    तनाव कम करें

    तनाव लगभग हर बीमारी का मित्र है और इम्यूनिटी का दुश्मन। तनाव चाहे काम को लेकर हो या फिर भावनात्‍मक, दोनों ही प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। तनाव के स्‍तर के बढ़ने से तनाव हार्मोंन का स्राव होता है। यह हार्मोंन थाइमस की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर, बदले में शरीर में प्रतिरक्षा कोशिकाओं के उत्पादन को प्रभावित करता है। इसलिए तनाव को दूर करने की कोशिश करें।
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    पर्याप्त नींद लें

    शरीर के सभी कार्य सही तरीके चलते रहे इसके लिए कम से कम 7 घंटे की नींद बहुत जरूरी होती है। जबकि नींद की कमी से तनाव हार्मोंन और अन्‍य उत्‍तेजक पदार्थों के स्राव से आपकी इम्‍यूनिटी पर बुरार प्रभाव पड़ने लगता है।
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    नियमित एक्‍सरसाइज करें

    नियमित एक्‍सरसाइज करने से रक्‍त प्रवाह में सुधार होता है, जिसके परिणामस्‍वरूप अधिक कुशलता से पूरे शरीर में प्रतिरक्षा कोशिकाओं के प्रचलन में मदद मिलती है। इसके अलावा यह फील गुड या एंडोर्फिन नामक हार्मोंन के स्राव में मदद करता है, जिससे लसीका प्रणाली उत्तेजक होकर रक्‍त कोशिकाओं की रिहाई में मदद करती है। इसके लिए आप नियमित एक्‍सरसाइज में वॉक, साइकिलिंग, योग और एरोबिक्‍स को शामिल कर सकते हैं।
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    साफ-सफाई का ध्‍यान रखें

    स्वच्छता हर बीमारी को रोकने के लिए पहली सुरक्षा ढाल होती है। स्‍वाइन फ्लू में तो खासतौर पर। लेकिन साफ-सफाई के अभाव में हमारे आसपास बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल जाता है। यही छोटी-छोटी बातें हमारी सेहत को प्रभावित करती हैं। कामों को टालिए मत, आदतों को बदलने का प्रयास करें। कल कभी नहीं आएगा, सफाई का महत्‍व आज ही जानने से आपके शरीर को बहुत फायदा होगा और इससे आप प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
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