जब कोई न समझे आपकी बात, तो कैसे पायें मदद

By:Anubha Tripathi, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Sep 09, 2014

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कई बार चीजें आपको समझ में नहीं आतीं। ऐसे में आपको मदद की जरूरत होती है। लेकिन, दूसरों की मदद लेने से पहले आपको खुद स्थ‍िर और शांत होने की जरूरत होती है। जब कोई आपकी बात न समझ पा रहा हो, तो भला मदद की उम्मीद की जाए, तो भला कैसे। लेकिन, कदम दर कदम चलकर आप इसे हासिल कर सकते हैं और पा सकते हैं अपनी अच्छे स्वास्थ्य और प्रसन्नता का खजाना।
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    सेहत को लेकर परेशान

    सेहत को लेकर आप अकसर परेशान रहते हैं। और इलाज करवाने के बाद भी हालात में कोई मूलभूत सुधार नहीं आता। इसका कारण यह है कि रोग के मूलभूत कारण के स्थान पर सामान्यत: उसके लक्षणों का निदान किया जाता है। फिर चाहे रोग माइग्रेन हो या फिर कोई और। कई बार आपका वजन बेवजह कम होने लगता है। स्किन पिग्मेंटेशन की श‍िकायत होने लगती है। कमर में दर्द होता है, नजर कमजोर होने लगती है। आपकी ऊर्जा अपने निम्नतर स्तर पर पहुंच जाती है। डॉक्टर के पास जाकर भी आपको किसी मदद की उम्मीद नहीं होती। आपकी समझ में नहीं आता कि क्या किया जाए। आपके लक्षण लगातार खराब होते जाते हैं। चिकित्सक आपको मनोचिकित्सक या विशेषज्ञ के पास भेजता है।

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    करें जरूरी शोध

    डॉक्टर या विशेषज्ञ चुनने से पहले जरूरी शोध करना चाहिये। क्या आपका विशेषज्ञ आपके परिचय में है। क्या आप उससे आसानी से मिल सकते हैं। क्या उसकी निजी सहायक का व्यवहार सौहार्द्रपर्ण और आकर्षक है। क्या वह आपको विशेषज्ञ से मिलने का उचित समय मुहैया करा सकती है।

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    और पुख्ता करें

    क्या आप जानते हैं कि किस प्रकार के विशेषज्ञ कौन सी बीमारी का इलाज करते हैं। इस बारे में जानकारी हासिल करें। पता करें कि आपकी समस्या के लिए कौन से विशेषज्ञ मददगार साबित होंगे। आपकी सलामती और स्वस्थ होने के लिए यह जानकारी बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।

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    सही विशेषज्ञ चुनें

    हर कोई अपनी सलाह देता है। सही विशेषज्ञ बीमारी के साइड इफेक्ट दूर करने में मदद करेगा। वह बीमारी के मूल तक जाएगा और उसका संपूर्ण ईलाज करेगा। आमतौर पर आपका ईलाज कर रहा डॉक्टर ही आपको किसी विशेषज्ञ के बारे में सुझाता है। ईलाज कर रहे डॉक्टर को इस बात का अंदाजा हो जाता है कि वास्तव में यह बीमारी किस प्रकार की है और किस प्रकार का विशेषज्ञ इसका जड़ से ईलाज कर सकता है।

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    रखें अच्छे व्यवहार की उम्मीद

    बेडसाइड वे- विशेषज्ञ आपसे जिस व्यवहार से पेश आता है, उसे बेडसाइड वे कहते हैं। क्या वह हमेशा अपनी सीट पर ही बैठा रहता है। क्या वह आपकी बातों को पूरी तवज्जो से सुन रहा है। क्या उसकी बातों से लग रहा है कि वह वाकई आपकी सेहत को लेकर फिक्रमंद है। क्या वह सभी जरूरी सवालों के बारे में तहकीकात कर रहा है। क्या वह आपको सभी जरूरी बातों की जानकारी दे रहा है। क्या आप समझ पा रहे हैं कि वह क्या कह रहा है। वास्तव में विशेषज्ञ से बात करने के बाद आपको ऐसा अहसास होना चाहिये कि अब आपकी सेहत ठीक हो जाएगी। आपकी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। और जल्द ही आपके पास संपन्नता और संपूर्णता होगी।

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    आपका इतिहास ही आप हैं

    जब आप किसी विशेषज्ञ से पहली बार मिलने जाते हैं, तो वह आपको नहीं जानता। वह आपके इलाज की पूर्व प्रक्रिया देखकर ही आपके बारे में राय बनाता है। वह आपके व्यवहार और स्वभाव के बारे में नहीं जानता। वह नहीं जानता कि आपको क्या पसंद है और क्या नहीं। सेहत के तार व्यवहार और स्वभाव से भी जुड़े होते हैं, तो अपने विशेषज्ञ को अवसर दें कि वह आपके अंतर्मन को समझ सके। वह जान सके कि आख‍िर आपके जीवन में किस प्रकार के बदलाव आए हैं। आप कैसे काम करते हैं और आपका नजरिया क्या है।

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    मानसिकता का रखें खयाल

    सही और अच्छा विशेषज्ञ आपकी मानसिकता का खयाल रखकर ही बीमारी का निदान रखने का प्रयास करेगा। अपने मन को शांत रखने का प्रयास करें। सकारात्मक, किंतु व्यावहारिक सोच अपनाये रखें। अपने विशेषज्ञ चिकित्सक को धन्यवाद कहें कि उसने आपके लिए समय निकाला। यदि आप मानसिक रूप से स्थ‍िर और शांत हैं, तो स्वास्थ्य आपसे ज्यादा दूर नहीं है।

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    सामाजिक जीवन को सुधारें

    कई जानकार आपको अपने सामाजिक जीवन में सुधार करने की सलाह देते हैं। रोग का निदान करने से पहले वे यह जानने का प्रयास करते हैं कि आख‍िर आपके सामाजिक सरोकार किस तरह के हैं। विशेषज्ञ के दिशा-निर्देशों और अपनी जरूरत के बीच संतुलन बनाकर स्वस्थ रहने के तरीके तलाशे जा सकते हैं। याद रख‍िये स्वास्थ्य और संपन्नता के लिए आपको कई पहलुओं पर नजर रखनी पड़ती है।

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    सबसे जरूरी अपने अंतर्मन की सुनें

    इस पर एकाग्र करना मुश्किल होता है। आपको कई बार अहसास होता है कि आपके शरीर के साथ सब कुछ ठीक नहीं है। आपका शरीर इस बारे में संकेत भी दे रहा है। तो, समय आ गया है कि आप इन संकेतों को गंभीरता से लें। और कोशिश करें कि आगे बढ़ा जाए। अंतर्मन की इस आवाज को सुनें और इस पर अमल करें। दरअसल, आपकी तबीयत और सीरत के बारे में आपसे बेहतर कोई नहीं जानता। जरूरत है कि आप इसे अच्छे से समझें और अपने शरीर का खयाल रखें।

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