पीएमएस ब्रेकआउट को कैसे करें नियंत्रित

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 27, 2015

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प्री-मेन्‍स्‍ट्रुअल सिंड्रोम के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन का स्राव अधिक होता है, इसके कारण ही एक्‍ने की समस्‍या होती है, ऐसे में कुछ सावधानी बरतकर इनसे छुटकारा पाया जा सकता है।
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    पीएमएस ब्रेकआउट और समस्‍यायें

    पीएमएस यानी प्री-मेन्‍स्‍ट्रुअल सिंड्रोम महिलाओं से संबंधित समस्‍या है जिसका सामना लगभग हर महिला को करना पड़ता है। पीएमएस मासिक चक्र से एक या दो हफ्ते से पहले होता है, इसके कारण महिलाओं में सूजन, चिड़चिड़ापन, पेट में ऐंठन, पैरों में दर्द और तनाव बढ़ जाता है। शरीर में होने वाले हार्मोन असंतुलन के कारण ऐसा होता है। पीएमएस ब्रेकआउट होने पर एक्‍ने की समस्‍या अधिक होती है। इसलिए इस समस्‍या से निजात पाना बहुत जरूरी है। कुछ तरीकों को आजमाकर आप इसपर आसानी से काबू पा सकती हैं।

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    पीएमसए ब्रेकआउट और मुहांसे

    पीएमएस ब्रेकआउट के समय मुहांसे होने की संभावना अधिक होती है, क्‍योंकि पीएमए के कारण हार्मोन में असंतुलन होता है। दरअसल प्री-मेंस्‍ट्रुअल सिंड्रोम मासिक धर्म से 3 से 7 दिन पहले आता है, इसके कारण एस्‍ट्रोजन और प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन का स्‍तर बढ़ जाता है। प्रोजेस्‍टेरॉन का स्‍तर बढ़ने के कारण सीबम का उत्‍पादन भी अधिक होता है, और चेहरे पर अधिक मुहांसे होते हैं।

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    चेहरे को साफ रखें

    चेहरे की सफाई में बिलकुल भी कोताही न बरतें, नियमित रूप से दिन में 2 बार चेहरे की सफाई करें। चेहरे को साफ करने के लिए साबुन का प्रयोग बिलकुल न करें, इसकी जगह पर फेस वॉश का प्रयोग फायदेमंद होता है। सामान्‍य पानी की तुलना में हल्‍के गुनगुने पानी से चेहरे को साफ करें, इससे चेहरा तैलीय नहीं होगा। चेहरे को धुलने के बाद साफ तौलिये से मुंह को पोछें। इसके बाद मॉइश्‍चराइजर क्रीम का प्रयोग करें। इसके अलावा आप जो कपड़े (तकिया, चादर आदि) प्रयोग करते हैं उनकी सफाई पर भी ध्‍यान दें।

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    चाय के पेड़ का तेल

    पीएमएस के एक्‍ने से को नियंत्रित करने के लिए चाय के पेड़ के तेल का प्रयोग कीजिए, इसके उपचार के लिए प्रयोग की जाने वाला यह असरकारी घरेलू नुस्‍खा है। अगर इसका प्रयोग आप पहली बार कर रहे हैं तो थोड़ी सावधानी बरतें, इसे सीधे तौर पर चेहरे पर लगाने से पहले इसकी 2-3 बूंदे लेकर एक चम्‍मच में पानी से मिला लें, इसे चेहरे पर लगायें। इसके साथ ही सालिसिलिक एसिड या बेंजॉयल पेरोक्‍सॉइड युक्‍त क्रीम का प्रयोग चेहरे पर करें।

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    तनाव से बचें

    तनाव आपका सबसे बड़ा दुश्‍मन है, चाहे वह पीएमएस का वक्‍त हो या फिर सामान्‍य दिन। तनाव से बचने की कोशिश कीजिए। दरअसल तनाव के कारण दिमाग में एंड्रोजन हार्मोन का स्राव होता है, इसके कारण हार्मोन और भी असंतुलित हो जाता है। तनाव से बचने के लिए नियमित रूप से व्‍यायाम और योग करें, सुबह का नाश्‍ता करना न भूलें और नकारात्‍मक सोच से बचें।

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    हार्मोन की जांच करायें

    अगर आपने इन पीएमएस के कारण होने वाले उपचार के दौरान किसी तरह की दवा का सेवन किया है तो इसके कारण स्थिति बदतर हो सकती है। ऐसी स्थिति में अपने हार्मोन का स्‍तर जानने के लिए चिकित्‍सक के पास जाकर इसकी जांच करायें। दरअसल इन दवाओं में प्रोजेस्टिन और एथिनिल एस्‍ट्रेडियल होता है जो हार्मोन के कारण बनने वाले एक्‍ने को कम करने में मदद तो करता है, लेकिन इसके कारण एक्‍ने होने की संभावना भी बढ़ती है। इसके कारण ही चिकित्‍सक गर्भनिरोधक दवाओं के सेवन के लिए भी सावधानी बरतने की स‍लाह देते हैं।

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    लहसुन आपका अच्‍छा दोस्‍त है

    लहसुन का नियमित सेवन करने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव किया जा सकता है और इससे कई बीमारियों का खतरा भी टल जाता है। लहसुन में सल्‍फर युक्‍त यौगिकों की मात्रा काफी होती है इसके कारण ही इसकी गंध तीखी होती है। इसमें पाएं जाने तत्‍वों में एक ऐलीसिन भी है जिसे एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्‍सीडेंट के रूप में जाना जाता है। इसका सेवन करने के अलावा, लहसुन को दो टुकड़ों में काटकर अपने मुहांसो पर लगायें। कुछ दिनों तक इसे चेहरे पर लगाने से त्‍वचा साफ हो जायेगी।

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    खान और पान पर ध्‍यान दें

    इन दिनों में खानपान पर विशेष ध्‍यान देने की जरूर होती है। आप जो भी खाते या पीते हैं उसका सीधा असर हार्मोन पर पड़ता है। इसलिए इन दिनों में भरपूर मात्रा में पानी के साथ दूसरे तरल पदार्थों (फलों का जूस) का सेवन करना चाहिए। ताजी और पत्‍तेदार सब्जियों का सेवन कीजिए, कोशिश करें कि आपके खाने में स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी पौष्टिक तत्‍व जैसे - फाइबर, विटामिन, प्रोटीन, आदि हों। इसके लिए बींस, सूखे मेवे, मछली, सलाद, फल आदि का सेवन करें।

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