पेरीमेनोपॉज से निपटने के लिए करें ये 7 एक्सरसाइज

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 18, 2015

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

पेरीमेनोपॉज के दौरान महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, इन परेशानियों से निपटनें के लिए कुछ एक्सरसाइज मददगार हो सकती है, जिनको आजमाने से फायदा होता है।
  • 1

    क्या होता है पेरीमेनोपॉज

    उम्र बढ़ने के साथ शारीर बीमारियों से घिरने लगता है, महिलाओं को मेनोपॉज का भी सामना करना पड़ता है। लेकिन मेनोपॉज से पहले इससे जुड़ी कुछ समस्‍यायें होती हैं जिसके कारण उनको परेशानी हो सकती है। महिलाओं मे अक्सर खराब खान-पान के चलते खून की कमी रहती है। जिससे उन्हें एनीमिया की शिकायत हो जाती है। एनीमिया के अलावा महिलाओ में कैल्शियम और विटामिन डी की भी कमी रहती है। इन वजहों से मेनोपॉज की स्थिति में महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ती है। इसके कारण मेनोपॉज से हॉट फ्लैशेज, अनियमित पीरियड्स, उदासी, यूरिन लीकेज, मूड में बदलाव और अनिद्रा की समस्‍या हो सकती है। इन समस्‍यायों को दूर करने में कुछ व्‍यायाम मददगार हो सकते हैं।

    ImageCourtesy@GettyImages

  • 2

    डीप स्क्वैट्स

    यह शरीर के निचले हिस्से में रक्त संचार बढ़ाता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इसके कारण शरीर की क्षमता भी बढ़ती है। इसे करने के लिए पहले दोनों पैरों के बीच गैप रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। कमर सीधी रखें और घुटने मोड़ें। धीरे-धीरे कुर्सी पर बैठने की मुद्रा में आएं और हाथ को सामने की ओर बढ़ाएं। 8-10 मिनट तक इस अवस्था में रहें और फिर सीधे हो जाएं, इस क्रिया को दोहरायें।
    ImageCourtesy@GettyImages

  • 3

    पुश-अप

    पुश-अप करने के लिए, जमीन पर घुटने के बल बैठें और फिर पैर सीधे कर हाथों और पंजों पर पूरे शरीर का भार लें। अब कुहनी को मोड़ें और सीने को फर्श के पास लाएं, फिर हाथों के दम पर वापस लौट जाएं। बेहतर नतीजों के लिए, 15 से 20 पुश अप रोज करें। इससे आपके सीने व बाहों को संतुलित बनाने एवं मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे आपके कंधे और मांसपेशिया मजबूत होंगी मजबूत बनते हैं।
    ImageCourtesy@GettyImages

  • 4

    ट्राइसेप्‍स डिप्स

    कोहनियों को पतला बनाने के लिए ट्राइसेप्स डिप्स अच्‍छा विकल्‍प है। इसमें दोनों हाथों को शरीर के पीछे की तरफ रखकर पैरों को कुर्सी के सामने थोड़ी दूरी पर रखते हुए कुर्सी के किनारे पर बैठें। पैरों को सीधे रखकर कुर्सी को घुमाएं ताकि आप शरीर को भुजाओं से नियंत्रित कर सकें और धीरे-धीरे कोहनी को 90 डिग्री कोण पर ले जाएं।
    ImageCourtesy@GettyImages

  • 5

    प्‍लैंक

    इस एक्सरसाइज के जरिए आपकी मांसपेशिंया मजबूत होती हैं, जो आपकी कमर को सहारा देता है। साथ ही ये एब्स को भी फ्लैट रखता है। इसे करने के लिए पेट के बल जमीन पर लेट जाए। कोहनी और पैरों के बल पर खुद को ऊपर उठाएं। कोहनी आपके कंधे के ठीक नीचे रखें। अपने कंधें, हिप्स घुटनों को एक लाइन में सीधा रखें। अपने हिप्स को बिल्कुल भी ना हिलाएं। इस तरह 20 से 60 सेंकेड तक करें।
    ImageCourtesy@GettyImages

  • 6

    रिवर्स क्रंचेज

    इस व्यायाम को करने के लिए जमीन पर सीधी लेट जाएं। अपने हाथों को कमर और कूल्हों के नीचे रखें। पैरों को नब्बे डिग्री के कोण पर उठाकर रखें। इसके बाद टांगों को इसी मुद्रा में ऊपर उठायें। ऐसा करते समय आपके घुटने आपके मुंह के करीब आ जाएंगे। टांगों को ऊपर लाते समय सांस अंदर लें और नीचे ले जाते समय सांस छोड़ें। इस व्यायाम को करते समय इस बात का ध्यान रखें कि अपनी टांगों को सीधा न करें।
    ImageCourtesy@GettyImages

  • 7

    तेज दौड़ना


    आप पहले 100 मीटर दौड़ लगाइये और 25 मीटर चलिये। ऐसा आपको 6-7 बार करना होगा। रोज सुबह आधा घंटा टहलने व दौड़ने से आपके शरीर में जमा फैट कम करने में काफी मदद मिलती होता है। टहलने से आपका मोटापा तो कम होता ही है साथ ही आप तनावमुक्त भी रहते हैं। इससे आपको अच्छा फायदा मिलेगा।
    ImageCourtesy@GettyImages

  • 8

    बॉडी में होगा सुधार

    पेरीमेनोपॉज के दौरान व्यायाम काफी उपयोगी होता है। एक्सरसाइज करने से मोटापे के अलावा हृदय रोग और ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका कम हो जाती है। एक्सरसाइज से मूड बेहतर होता है और टेंशन कम होती है। इससे एंडोर्फिन एक्टिविटी बढ़ जाती है जिससे रात में सोने के दौरान आने वाला पसीना कम हो जाता है और महिलाएं ठीक से सो पाती हैं।साथ ही अपने खआन पान का भी अच्छा ख्याल रखें।  
    ImageCourtesy@GettyImages

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर