हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

कैसे की जाती है यौन संचारित रोगों की जांच

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 03, 2014
एसडीटी रोगों में हर संक्रमण की जांच अलग-अलग तरीके से होती है। इस स्‍लाइड शो के जरिये आप जान सकते हैं कि एसडीटीज में जांच किस तरह की जाती है।
  • 1

    एसडीटी की जांच

    यदि आपको यौन संचारित रोग के लक्षण नजर आते हैं या असुरक्षित सेक्‍स के बाद आपको लगता हैं कि आपको यह हो सकता है तो आपको तुरन्‍त डाक्‍टर से जांच करवानी चाहिए। एसडीटी रोगों में हर संक्रमण की जांच अलग-अलग तरीके से होती है। इस स्‍लाइड शो के जरिये आप जान सकते हैं कि एसडीटीज में जांच किस तरह की जाती है।

    एसडीटी की जांच
  • 2

    क्लैमिडिया की जांच

    यौनसंचारित रोग क्‍लै‍मिडिया में महिलाओं और पुरुषों की जांच अलग-अलग तरीके से होती है। महिलाओं में इसी जांच करने के लिए योनि में रूई का एक फाहा डालकर योनि के अंत में सर्विक्स से एक सैम्पल लिया जाता है और जांच के लिए भेज दिया जाता है। जबकि पुरुषों में इसकी जांच दो तरीके से की जाती है। यूरीन के सैम्पल या लिंग के स्राव से। इसमें यूरेथ्रा से रूई के फाहे पर सैम्पल लेकर क्लैमिडिया की जांच के लिए भेजा जाता है।

    क्लैमिडिया की जांच
  • 3

    ट्रिकोमिनासिस में जांच

    ट्रिकोमिनासिस जिसे ट्रिक भी कहते हैं। इसमें महिलाओं की जांच करने के लिए डाक्टर योनि के अंदर से या यू‍रीन का सैम्पल लेता है। जबकि पुरुषों में ट्रिक की जांच के लिए डाक्‍टर मूत्र नली से ट्रिक की जांच के लिए तरल सैम्पल या यूरीन का सैम्‍पल लेता हैं।

    ट्रिकोमिनासिस में जांच
  • 4

    गोनोरिया की जांच

    गोनोरिया की जांच भी क्‍लैमिडिया में जांच की तरह ही होती है। महिलाओं में गोनोरिया की जांच करने के लिए योनि में रूई का फाहा या स्वैब डालकर योनि के अंत में गर्भग्रीवा से सैम्पल लेकर जांच के लिए भेज दिया जाता है। पुरुषों में गोनोरिया की जांच दो तरीके यानि रूई के फाहे या स्वैब पर सैम्पल या पेशाब की जांच से होती हैं।

    गोनोरिया की जांच
  • 5

    जेनिटल वार्ट्स की जांच

    अक्‍सर जेनिटल वार्ट्स एसटीडी जानलेवा नहीं होते हैं। लेकिन अतिरिक्‍त सावधानी बरतते हुए टिशू का सैम्पल लेकर इस बात की जांच करने के लिए भेज देता हैं कि कहीं कोई गंभीर बात, जैसे गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर आदि तो नहीं है। डॉक्टर जांच कर बता सकता है कि जेनाइटल वार्टस हुआ हैं कि नहीं।

    जेनिटल वार्ट्स की जांच
  • 6

    सिफि़लिस की जांच

    डाक्टर ब्‍लड का सैम्पल लेकर सिफि़लिस की जांच करते हैं। पुरुषों और महिलाओं दोनों में सिफि़लिस की जांच एक ही तरह से की जाती है। वह इस बात की भी जांच करता है कि आपके शरीर पर कोई ऐसे ददोरे या घाव तो नहीं हैं, जो सिफि़लिस के कारण होते हैं।

    सिफि़लिस की जांच
  • 7

    जेनिटल हर्पीज की जांच

    जे‍निटल हर्पीज में डॉक्‍टर घाव का सैम्‍पल लेकर जेनिटल हर्पीज का पता लगता है। हर्पीज़ सिम्प्लेक्स वायरस का पता लगाने के लिए ब्‍लड की जांच भी की जा सकती है। हालांकि हर्पीज़ सिम्प्लेक्स वायरस के लिए टेस्ट पॉजि़टिव आने का अर्थ, हमेशा यह नहीं होता है कि आपको जेनिटल हर्पीज़ है। इसीलिए जब आपको छाले या घाव हो तो जेनिटल हर्पीज़ का पता लगाने का सबसे असरदार तरीका घाव के द्रव की जांच करना होता है।

    जेनिटल हर्पीज की जांच
  • 8

    बैक्टीरियल वेजिनोसिस की जांच

    जब योनि के जीवाणुओं का सामान्‍य संतुलन बिगड़ने लगता है और हानिकारक जीवाणु बढ़ने लगते है तो बैक्टीरियल वेजिनोसिस की समस्‍या होती है। डाक्टर बैक्टीरियल वेजिनोसिस के लक्षण की जांच करने के लिए स्वैब से सैम्पल लेकर करता है।

    बैक्टीरियल वेजिनोसिस की जांच
  • 9

    कैन्डिडा की जांच

    कैन्डिडा यानि यीस्ट इन्फेक्शन से संक्रमित होने पर आप अपनी जांच डाक्टर से करवा सकते हैं। इसके लिए डाक्टर आपके शरीर में संक्रमित जगह की जांच करेंगे और हो सकता है कि रूई के फाहे से सैम्पल लेकर उसे कैन्डिडा का पता लगाने के लिए जांच के लिए भेजें।

    कैन्डिडा की जांच
  • 10

    वाटर वाटर्स की जांच

    त्वचा के किसी दूसरे की त्वचा से सीधे संपर्क में आने से आपको वाटर वाटर्स हो सकते हैं। इसकी जांच के लिए डाक्टर टिशू का बायोप्सी लेते हैं और इसकी जांच के बाद यह बता सकते हैं कि आपको वाटर वार्ट्स हुए हैं कि नहीं।

    वाटर वाटर्स की जांच
  • 11

    यूरेथ्राइटिस की जांच

    एसटीडी यूरेथ्राइटिस की जांच की करने के लिए डॉक्‍टर जननांगों, पेट के निचले हिस्‍से और मलाशय की जांच करते हैं। पेशाब की जांच के जरिये भी इसका पता लगाया जा सकता है। किसी भी प्रकार के स्राव की जांच रोग की पुष्टि में सहायक होती है। हालांकि यूरेथ्राइटिस का पता लगाने के लिए आमतौर पर रक्‍त जांच की जरूरत नहीं होती, लेकिन कुछ मामलों में यह की जा सकती है।

    यूरेथ्राइटिस की जांच
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर