इन 7 तरीकों से सूजन आपके स्‍वास्‍थ्‍य को कर रही है प्रभावित

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 30, 2015

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कभी-कभी पूरे शरीर में या फिर किसी अंग विशेष में सूजन आ जाती है, आमतौर पर हम इसकी अनदेखी करते हैं या फिर दर्द निवारक तेल व मरहम से इसे दूर करने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह शरीर को प्रभावित करती है, अधिक जानें इस स्‍लाइडशो में।
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    सूजन का कारण

    दिल से जुड़ी बीमारियों, किडनी की समस्या, असंतुलित हार्मोन और स्टेरॉयड दवाओं के सेवन की वजह से एडिमा की समस्या हो सकती है। दरअसल इन सभी स्थितियों में हमारी किडनी सोडियम को संचित कर लेती है। हालांकि कुछ महिलाओं को मासिक धर्म के एक सप्ताह पहले भी कुछ ऐसे ही लक्षण नजर आते हैं। इस दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है, जिसकी वजह से किडनी ज्यादा पानी रोकना शुरू कर देती है। हमारा अनियमित भोजन व जीवनचर्या भी एडिमा की बड़ी वजह है। यह शरीर को प्रभावित करती है।
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    चेहरे पर सूजन

    इसके कई कारण हो सकते हैं, मसलन फ्लूइड का इकट्ठा होना, चोट लगना, संक्रमण या फिर कैंसर। यह सूजन गाल, आंख व होठों के पास भी होती है। इस तरह की सूजन को मेडिकल साइंस में फेशियल एडिमा कहते हैं। यदि चेहरे की सूजन थोड़े समय के लिए होती है तो ऐसा संक्रमण के कारण हो सकता है, पर बार-बार ऐसा होने के साथ-साथ चेहरा लाल, बुखार या सांस लेने में परेशानी होती है तो यह गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टरी सलाह लेकर पूरा उपचार करवाएं।
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    पैरों में सूजन

    पैरों में सूजन के भी कई कारण हो सकते हैं, जैसे मोच, लंबी दूरी तक सैर करना, ज्यादा देर तक खड़े रहना, व्यायाम या फिर खेल-कूद आदि। लेकिन अचानक एक या दोनों पैर में भारी सूजन, लाली और गर्माहट तथा चलने-फिरने पर पैर में खिंचाव जैसे लक्षण डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) की परेशानी हो सकते हैं। इसमें टांगों की नसों में खून के कतरों का जमाव होता है। अक्सर लोग अज्ञानता के कारण इसे नस में खिंचाव, चोट, थकान, सामान्य संक्रमण या फाइलेरिया मान कर इलाज कराने लगते हैं।
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    हाथों में सूजन

    हाथों व उंगलियों में सूजन एक आम परेशानी है,  खासकर बढ़ती आयु में जब शरीर का मेटाबॉलिज्म घटने लगता है तो यह समस्या आमतौर पर देखी जाती है। ऐसा एडियोपैथिक एडिमा के कारण होता है। ऐसे में हाथों के कुछ सरल व्यायाम और स्ट्रेचिंग सहायक हो सकते हैं। हालांकि कुछ स्थितियों में यह सूजन लिवर व किडनी रोग का संकेत भी होती है। इसके अतिरिक्त हृदय रोग, गठिया, रक्त विकार, हाइपो थाइरॉएड, रूमेटाइड  अर्थराइटिस में यह एक महत्वपूर्ण संकेत है। इस स्थिति में शरीर के विभिन्न जोड़ों में सूजन आ जाती है।
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    जीभ में सूजन

    जीभ में कई कारणों से सूजन आ सकती है, जैसे दवाओं का साइड इफेक्ट, एलर्जी, हारमोन थेरेपी। इसे एंजियोडिमा कहते हैं। इस स्थिति में संक्रमण त्वचा के भीतर गहराई में पहुंच जाता है। हमारी जीभ एपिथेलियम नाम की कोशिकाओं से बनी होती है। इसकी सतह पर बने टेस्ट बड्स से ही हमें खट्टे, मीठे या कड़वेपन का एहसास होता है। जब जीभ पर सूजन आ जाती है तो टेस्ट बड्स भी सूज जाते हैं, जिसकी वजह से सांस लेने में भी परेशानी होती है।
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    आंखों की सूजन

    आंखों की सूजन ज्यादातर संक्रमण, एलर्जी, कॉर्नियल अल्सर, कंजक्टिवाइटिस, स्टाई, ट्यूमर बनने या वायरल इन्फेक्शन के कारण होती है। आंखें शरीर का सबसे जरूरी व नाजुक अंग होती हैं। उनके उपचार में कोई जोखिम न लें। डॉक्टर की सलाह से स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक आई ड्रॉप की मदद से आंखों की सूजन को ठीक किया जा सकता है।
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    पेट में सूजन

    पेट में सूजन कब्ज, गैस, काबरेनेटेड ड्रिंक्स और फूड एलर्जी के कारण हो सकती है। अधिक फास्ट व जंक फूड के सेवन से भी ऐसा होता है। हाई प्रोसेस्ड फूड में सोडियम की मात्रा अधिक और फाइबर कम होता है, जो पेट में भारीपन और सूजन का कारण बन सकता है। इसलिए डिब्बा बंद आहार या प्रोसेस्ड आहार लेते समय सोडियम की मात्रा जांच लें। अधिक सोडियम का शरीर में जाना सूजन का कारण बन जाता है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, डायबिटीज की दवाओं व हारमोनल थेरेपी की वजह से भी सूजन देखने को मिलती है।
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    सूजन को कम करने के उपाय

    सामान्य स्थितियों में जीवनशैली व खान-पान में बदलाव करके सूजन की समस्या से राहत पायी जा सकती है। हरी सब्जियों व फल के सेवन से विटामिन बी-वन की कमी पूरी होती है। प्रोटीन के लिए दूध, सोयाबीन व दाल का सेवन लाभकारी होता है। इनके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। एडिमा की स्थिति में शराब और कैफीनयुक्त चीजों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और पानी के अवशोषण की समस्या बढ़ जाती है। हर्बल चाय पिएं। खासतौर पर अजवायन की चाय सबसे अच्छी मानी जाती है।  
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