मेनोपॉज का महिला के सेक्‍स और सामान्‍य जीवन पर असर

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 10, 2014

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मेनोपॉज में हार्मोनल परिवर्तन के कारण महिलाओं को तीव्र शारीरिक और भावनात्मक लक्षण का अनुभव होता है। इस स्‍लाइड शो के जरिये हम जानेगें कि मेनोपॉज महिलाओं के सेक्‍स और सामान्‍य जीवन को कैसे प्रभावित करता है।
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    मेनोपॉज का महिलाओं पर असर

    जब किसी महिला को एक वर्ष तक महावारी नहीं होती तो उसे मेनोपॉज या रजोनिवृत्ति कहा जाता है। इस दौरान हार्मोनल परिवर्तन के कारण महिलाओं को तीव्र शारीरिक और भावनात्मक लक्षण का अनुभव होता है। इस स्‍लाइड शो के जरिये हम जानेगें कि मेनोपॉज महिलाओं के सेक्‍स और सामान्‍य जीवन को कैसे प्रभावित करता है।

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    कामेच्‍छा की कमी

    मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कामेच्‍छा की कमी हो जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन्‍स के स्‍तर के कम होना है। हार्मोंस के स्‍तर में कमी के कारण योनि में रूखापन आ जाता है और यौन संबंध बनाना बहुत मुश्किल और दर्दभरा हो जाता है।

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    स्‍तनों में कोमलता

    वैसे तो पीएमएस के दौरान भी स्‍तन कोमल हो जाते हैं। लेकिन यह मेनोपॉज से भी संबंधित होता है। शरीर में होने वाले परिवर्तन और हार्मोंस के स्तर में कमी का सबसे अधिक प्रभाव स्‍तनों पर पड़ता है। इनसे स्‍तन कोमल हो जाते हैं, और उनमें दर्द होने लगता है।

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    योनि में सूखापन

    योनि में होने वाले प्राकृतिक स्राव के कारण कामोत्तेजना बढ़ जाती है। लेकिन मेनोपॉज के दौरान इसकी मात्रा कम हो जाती है। जिससे योनि में सूखापन आ जाता है। ऐसा शरीर में हार्मोंस का स्तर बदलने और एस्ट्रोजन की मात्रा कम होने के कारण होता है।

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    संक्रमण

    मेनोपॉज के बाद मूत्रमार्ग में संक्रमण बार बार हो सकते हैं जैसे सिस्टाइटिस। इसमें जल्‍दी-जल्‍दी यूरीन करने का अनुभव, यूरीन करते समय जलन, यूरीन में तेज बदबू का आना, यूरीन के साथ ब्‍लड का आना और कभी कभी तो पेट के नीचे और पीठ में दर्द होने लगता है।

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    योनि में खुजली की समस्‍या

    मेनोपॉज के बाद महिलाओं को कई तरह की समस्‍याओं से गुजरना पड़ता हैं। इसमें से एक समस्‍या योनि में खुजली होने की भी है। जिसमें कई बार इन्फेक्शन भी हो जाता है और घाव होने का भी डर बना रहता है।

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    पेट में सूजन

    हार्मोनल बदलाव के चलते महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान पेट में सूजन का सामना करना पड़ता है। रजोनिवृति के दौरान महिलाएं एस्ट्रोजेन के स्तर में गिरावट का अनुभव करती हैं जिसकी वजह से महिलाओं में गैस व पेट संबंधी अन्य समस्याएं सामने आती हैं।

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    शारीरिक समस्या

    मेनोपॉज के बाद महिलाओं को कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता हैं, जिसमें दिल की धड़कन बढ़ना, अत्यधिक गर्मी या ठंड लगना, सिर दर्द, मोटापा, थकावट, बदन दर्द, कमर दर्द एवं जोड़ों का दर्द मुख्य है।

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    मानसिक समस्या

    एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के कारण मेनोपॉज के बाद महिलाओं को मानसिक परेशानियों से भी गुजरना पड़ता है। मानसिक समस्याओं में तनाव, चिन्ता, याददाश्त का कमजोर होना, मानसिक अस्थिरता, अकेलापन महसूस होना, भूख न लगना एवं शारीरिक संबंधों में अरुचि प्रमुख हैं।

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    गरमाहट लगना या पसीना आना

    हॉट फ्लैश में बहुत गर्म लगता है और वह गरमाहट सारे शरीर में फैल जाती है, ज्यादातर सिर और छाती में बहुत अधिक महसूस होती है। कभी कभी गरमाहट के बाद महिला को लगता है कि वह बेजान सी हो रही है या उसे बार बार पसीना आता है। यह गरमाहट 30 सेकण्ड से लेकर कई मिनट तक रह सकती है।

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    वजन का बढ़ना

    जब कोई महिला मासिक धर्म के चक्र से मुक्ति के पड़ाव पर पहुंच जाती है तो उसके वजन में वृद्धि होने का खतरा बढ़ जाता है। मेनोपॉज में शरीर में हार्मोंस के उतार चढ़ाव के कारण महिलाओं को वजन भी बढने लगता है।

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