जानें इस मानसून साइनसाइटिस की समस्‍या से कैसे करें बचाव

By:Devendra Tiwari , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 11, 2016

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

इस मानसून के दौरान साइनसाइटिस से ग्रस्‍त लोगों को गंभीर समस्‍या होने वाली है। इसलिए ऐसे लोगों को इससे बचने के उपाय खोजने चाहिए। आइए इस इस मानसून में साइनसाइटिस की समस्‍या से बचाव के उपायों के बारे में जानें।
  • 1

    मानसून और साइनसाइटिस की समस्‍या

    मानसून का मौसम हमारे जीवन में खुशियां लेकर आता है, क्योंकि यह गर्मियों की झुलसा देने वाली धूप के बाद वातावारण को बिलकुल ठंडा कर देता है। परन्तु मानसून की ठंडक का मजा लेने के बावजूद ऐसी कुछ बातें हैं, जिनसे आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। क्‍योंकि मानसून अपने साथ कुछ ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है। इस समय लोग आमतौर पर बदहज़मी, एलर्जी और कई तरह के संक्रमणों से पीड़ित होते हैं। इनमें से एक समस्‍या साइनसाइटिस भी है। इस मानसून के दौरान उन लोगों को गंभीर दर्द होने वाला है जो साइनसाइटिस से ग्रस्‍त है। इसलिए ऐसे लोगों को इससे बचने के उपाय खोजने चाहिए। एक रिपोर्ट के अनुसार कम से कम पचास प्रतिशत साननसाइटिस के संकेतों को आक्रामक उपचार की जरूरत होती है। साइनसाइटिस के इलाज के लिए प्राथमिक लक्ष्‍य सूजन कम करना, संक्रमण को रोकना और साइनस को खाली करना और साइनस को हमेशा खुला जरूरी होता है। आइए इस इस मानसून में साइनसाइटिस की समस्‍या से बचाव के उपायों के बारे में जानें।

  • 2

    नेति पॉट

    इस मानसून में साइनसाइटिस से लड़ने के लिए नेति पॉट सबसे अच्‍छा उपाया है। इस प्राचीन उपाय का इस्‍तेमाल आयुर्वेंद में कई सालों से किया जा रहा है। नेति पॉट एक सरल उपाय है, जो साइनस कैविटी को फ्लश और क्रोनिक साइनस संक्रमण का रोकने में मदद के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। नेति पॉट के द्वारा साइनस को दूर होने में काफी सहायता मिलती है। इस नेति बर्तन में हमें गुनगुने पानी में नमक और थोड़ी सा बेकिंग सोडा डालकर मिश्रण डालना होता हे। इसके बाद उस बर्तन के द्वारा धीरे-धीरे हमारे नासिका छिद्र में वह पानी डालकर बाहर निकालना होता है। ऐसा करने से हमारे नाक की नली का दबाव काफी कम होने लगता है। लेकिन नेति बर्तन को इस्‍तेमाल करने के दौरान दो बातों को ध्‍यान में रखना चाहिए। पहला हमेशा उबला, साफ और छने हुए पानी का उपयोग करना चाहिए। दूसरा हर बार उपयोग में लाने के बाद नेति बर्तन को अच्‍छी तरह धोकर खुली हवा में सुखाना चाहिए।

  • 3

    डेयरी उत्पादों से बचें

    अधिकांश स्वास्थ विशेषज्ञों का मानना है कि हमारा स्वास्थ मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि हम क्या खाते हैं और क्या नहीं। क्योंकि स्वास्थवर्धक भोजन रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। मानसून में अपने भोजन से जो चीजें बाहर निकाल देनी चाहिए उसमें डेयरी उत्‍पादों का नाम सबसे पहले आता है। दूध और चीज़ जैसे उत्‍पाद बलगम को अधिक मोटा करते हैं और डेयरी उत्‍पाद आसानी से रोगाणुओं से संक्रमित हो जाते हैं। इसलिए इनसे पूरी तरह से बचना अच्‍छा रहता है।

  • 4

    सिकाई और स्‍टीम थेरेपी

    यह दोनों ही उपाय साइनसाइटिस से मुक्‍त करने में मदद करते हैं। स्‍टीम थेरेपी नाक की सफाई की पुरानी प्रक्रिया है जिसे एक प्राकृतिक सर्दी खाँसी की दवा माना जाता है। बारी-बारी दोनों नाक साफ करने के बाद एक बर्तन या स्टीमर में लगभग 300 मिलीलीटर पानी लेकर उबलने तक गर्म करें। जब उबलने लगे तो डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा उचित मात्रा में डालकर, पंखे व कूलर बंद कर कपड़ा ढककर नाक व मुंह से लंबे-लंबे सांस आठ से दस मिनट तक लें। आप इसमें नीलगिरी के तेल केी कुछ बूंदे भी मिला सकते हैं। चेहरे पर एक भाप से भरा तौलिया रखकर नम साइनस सिकाई भी  साइनसाइटिस और सूजन को रोकने की एक बहुत ही बुनियादी प्रक्रिया है। या गर्म कपड़ा या फिर गर्म पानी की बोतल गालों के ऊपर रखकर सिकाई करनी चाहिए। यह प्रक्रिया लगभग एक मिनट के लिए दिन में तीन बार करनी चाहिए। इससे काफी आराम मिलता है।

  • 5

    हर्बल चाय

    मानसून में होने वाली साइनसाइटिस की समस्‍या के लिए हर्बल चाय का एक कप गर्म प्‍याला बहुत फायदेमंद होता है। साइनस की समस्या से राहत के लिए हर्बल चाय एक अच्छी साइनसाइटिस इंफेक्शन को रोकने में से एक है। इसे बनाने के लिए एक कप पानी में सेज, पुदीना और सौंफ को मिलाये। अब इस मिश्रण को अच्छे से उबालें। मिश्रण को गाढ़ा होने दें। अब अपनी नासिका-मार्ग को खाली करने के लिए इस मिश्रण या हर्बल चाय को दिन में 2 बार पीएं। हर्बल चाय की भाप आपकी नाक की गंध हो होने वाले नुकसान को दूर करती है। साथ ही चाय की गर्माहट आपके गले में बलगम को तोड़ने में मदद करती है। और अदरक, कैमोमाइल और नींबू की हर्बल चाय बलगम से छुटकारा पाने के लिए विशेष रूप से उपयोगी होती हैं।
    Image Source : Getty

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर