इस तरह योग से कम करें सेल्‍यूलाइट

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 27, 2016

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यदि आप सेल्यूलाइट को अपने शरीर से हटाना चाहती हैं तो कुछ योग मुद्राएं सेल्यूलाइट से छुटकारा पाने में आपकी मदद कर सकती है। आइए ऐसी ही कुछ योग मुद्राओं की जानकारी लेते हैं।
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    सेल्‍यूलाइट दूर करने वाले योग

    लगभग हर उम्र की महिलाओं के पैरों, हिप्‍स या पेट पर सेल्‍यूलाइट होता है। 90 प्रतिशत महिलाएं सेल्यूलाइट से पींडित होती ही हैं। कई महिलाओं में इसका कारण हार्मोनल बदलाव होता है, तो कई महिलाओं में यह समस्या वंशानुगत या वसा जमा होने के कारण हो जाती है। फैट सेल्स के त्वचा के बाहरी परत से होकर बाहर की ओर उभरने से बनी एक डिम्पल जैसी गड्ढेदार दिखने वाली चीज को सेल्यूलाइट कहते हैं। यानी सेल्यूलाइट ऐसी क्लंपी असमान टेक्शचर स्किन है जो अक्सर आपकी थाइस, बटक्स और पेट पर दिखती है। यदि आप सेल्यूलाइट को अपने शरीर से हटाना चाहती हैं तो कुछ योग मुद्राएं सेल्यूलाइट से छुटकारा पाने में आपकी मदद कर सकती है। आइए ऐसी ही कुछ योग मुद्राओं की जानकारी लेते हैं।

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    उत्तानासन

    उत्तानासन के नियमित अभ्यास से शरीर के पिछले भागों का सम्पूर्ण एक्‍सरसाइज होती है और इन भागों में मौजूद तनाव दूर होता है। यह पैरों के पार्श्व भागों को लचीला और मजबूत बनाने वाली योग मुद्रा है। साथ ही सेल्‍यूलाइट भी आपके शरीर से दूर होता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं। लंबी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की तरफ ले जाएं। फिर आगे झुककर दोनों हाथों से जमीन छुएं। इस दौरान घुटने न मोड़ें। कुछ देर इस मुद्रा में रहने के बाद हाथ पुनः ऊपर की तरफ ले जाएं और सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में खड़े हो जाएं।

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    उत्कटासन (चेयर मुद्रा)

    उत्कटासन कोर की मांसपेशियों यानी जांघों और नितंबों को मजबूत बनाने और टोन में मदद करता है। जिससे सेल्‍यूलाइट शरीर से दूर होता है। उत्‍कटासन में आपकी मुद्रा चेयर के सामान हो जाती है इसलिए इसे चेयर मुद्रा भी कहते हैं। इसे करने के लिए सीधे हाथ जोड़कर (नमस्ते की मुद्रा) खड़े हो जाओ। पैरों के पंजे भूमि पर टिके हुए हों तथा एड़ियों के ऊपर नितम्ब टिकाकर बैठ जाइए। दोनों हाथ घुटनों के ऊपर तथा घुटनों को फैलाकर एड़ियों के समानान्तर स्थिर करें। अपने सिर को हल्का आगे मोड़ें। इस मुद्रा में तब तक रहें जब तक आप सहज हो। आसन से बाहर आने के लिए आराम से सीधा खड़ा हो जाएं।

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    गरुड़ासन

    गरुड़ासन को ईगल मुद्रा भी कहते है। पैरों की मजबूत मांसपेशियों के निर्माण के अलावा ईगल मुद्रा पूरे शरीर को एनर्जी प्रदान करने और पाचन में मदद करती है। इस आसन को करने के लिए सावधान मुद्रा में खड़े होकर बाएं पैर को ऊपर उठाते हुए दाहिने पैर में लपेटकर इस तरह जमीन पर रखें कि बाएं घुटने पर दाहिने घुटने का निचला भाग टिका रहे। अब दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाते हुए कोहिनों को क्रास कर लपेट लें और दोनों हथेलियों को मिलाकर चेहरे के सामने नमस्कार मुद्रा बना लें। सांसों को सामान्य रखते हुए कुछ देर इसी अवस्था में रहें। फिर दूसरी तरफ से भी इस मुद्रा को दोहराये।

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    गोमुखासन

    गोमुखासन योग मुक्त कणों और तनाव का मुकाबला कर झुर्रियों की समस्‍या को दूर करता है। साथ ही यह मसल्‍स को टोन और स्‍ट्रेच कर आपको बेहतर, लंबा और सुंदर पोश्चर देता है। गोमुख आसन में आकृति गाय के मुख के समान बनने के कारण इसे गोमुखासन कहते हैं। यह आसन कूल्‍हों और कमर की चर्बी को कम, रीढ की हड्डी को सीधा और बॉडी पॉश्‍चर को सुधरता है। इसे करने के लिए बायें पैर की एड़ी को दायें कूल्‍हे के नीचे रखें और दायें पैर को बायें पैर के ऊपर से ले जाते हुए जमीन पर रखें। अब दायें हाथ को कान के पास से ले जायें और दूसरे हाथ को पीठ के पीछे पकड़ें। दोनों हाथों की उंगलियां आपस में पकड़कर रखें और सिर को सीधा रखें।
    Image Courtesy: udaipurpost.com

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    सेतुबंधासन

    सेतुबंधासन से जांघ व घुटनों को मजबूती मिलती है और कोर मसल्स मजबूत बनते हैं और पाचन तंत्र स्वस्थ व मजबूत बना रहता है। इस आसन को करने के लिए चटाई के बल सीधे लेट जाये। अब सांस छोड़ते हुए पैरों के बल ऊपर की ओर उठें। अपने शरीर को इस तरह उठाएं कि आपकी गर्दन और सिर फर्श पर ही रहे और शरीर का बाकी हिस्सा हवा में। ज्‍यादा सहारा पाने के लिए आप अपने हाथों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। अगर आपमें लचीलापन है तो अतिरिक्त स्ट्रेचिंग के लिए आप अपनी उंगलियों को ऊपर उठी पीठ के पीछे भी ले जा सकते हैं। लेकिन अगर आपकी गर्दन या पीठ में चोट लगी हो तो इस आसन को न करें।
    Image Source : Getty

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