हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

कामयाबी के लिए धूर्त होना क्या वाकई है जरूरी

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 24, 2016
मूवीज़ में विलेन के पास ही सारी दौलत और शोहरत होती है। तो क्या जीवन में कामयाबी के लिए निर्दयी और अहंकारी होना जरूरी है? चलिये जानें क्या है इसके पीछे की सच्चई!
  • 1

    कामयाबी और धूर्तता


    हम अपने इर्द-गिर्द कई ऐसे लोगों को देख सकते हैं जो कामयाब नज़र आते हैं और संवेदनहीन, निर्दयी और बेदिल हैं। मूवीज़ में भी विलेन के पास ही सारी दौलत और शोहरत होती है। तो क्या जीवन में कामयाबी के लिए निर्दयी और अहंकारी होना जरूरी है? आज हम बीबीसी के एक लेख के आधार पर इस विषय पर थोड़ा गहन चिंतन कर इसके पीछे की सत्यता को जानने की कोशिश करते हैं।
    Images source : © Getty Images

    कामयाबी और धूर्तता
  • 2

    निर्दयी लोगों के प्रकार


    निर्दयी लोगों के भी कई प्रकार होते हैं। मनोवैज्ञानिकों ने कई शोध कर ये पाया कि ऐसे लोग तीन प्रकार के होते हैं। पहले, अहंकारी (अंग्रेज़ी में नार्सिसिस्ट)। ऐसे लोग अपने में ही खोए रहते हैं। ये खुद को सबसे बेहतर समझते हैं, और इनके सामने दूसरों की कोई बिसात नहीं होती है। दूसरे होते हैं, मनोरोगी। ये लोग दूसरों की भावनाओं का तनिक भी खयाल नहीं करते और अक्सर बिना सोचे समझे, आवेग में फैंसले लेते हैं। ये लोग बेरहमी और बेअदबी से पेश आते हैं। वहीं बेदर्द लोगों की सबसे खतरनाक किस्म है, धूर्त मनोवैज्ञानिक अंग्रेज़ी में 'मैकियावेलियन' कहते हैं। मैकियावेली, दरअसल राजनीति में धूर्तता और दोगलेपन से काम लेने के पक्षधर थे। धूर्त लोग कामयाबी पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वे आपकी भावनाओं से खेलने में नहीं हिचकते, दोगलेपन का सहारा लेते हैं।
    Images source : © Getty Images

    निर्दयी लोगों के प्रकार
  • 3

    तीनों मिलकर बनते हैं 'डार्क ट्राएड'


    वैज्ञानिकों ने इन तीनों गुणों को 'डार्क ट्राएड' नाम दिया। कई बार दुर्भग्यवश कुछ लोगों में ये तीनों ही ऐब देखे जाते हैं। ये लोग, अहंकारी, खोखले, बेदर्द और दोगला होते हैं। इन लोगों के इतने दुर्गुणों के चलते इन्हें मनोरोगी ही कहा जाएगा। बड़ी कंपनियों के कुछ सीईओ व अन्य बड़े अधिकारियों में मनोरोगी के लक्षण पाए जाते हैं। अंग्रेज़ी भाषा में इन्हें 'स्नेक्स इन सूट्स' यानी सूटेड-बूटेड सांप कहा जाता है। ये लोग बेदर्द होते हैं, लेकिन इनके बर्ताव में अजब तरह की अस्थिरता भी होती है। ऑफिस में इस तरह के लोगों की ज़रूरत भी होती है, जो सख्त फैंसले लागू कर सकें। हालांकि पुराने अनुभवों से पूरी तरह साफ नहीं हो पाया था कि बेदर्दों के अन्य गुण रखने वाले लोग असल जिंदगी में कितने कामयाब होते हैं।
    Images source : © Getty Images

    तीनों मिलकर बनते हैं 'डार्क ट्राएड'
  • 4

    डेनियल स्पर्क के अध्ययन से आए परिणाम

     
    स्विटज़रलैंड की बर्न यूनिवर्सिटी के डेनियल स्पर्क ने इससे जुड़ो सवाल का जवाब तलाशने के लिये जर्मनी के हर क्षेत्र में काम करने वाले तकरीबन आठ सौ लोगों का ऑनलाइन सर्वे किया। सर्वे के परिणाम की सबसे दिलचस्प बात ये थी कि आमतौर पर कामयाब माने जाने वाले सूटेड-बूटेड सांप की श्रेणी वाले लोग (मनोरोगी केटेगिरी), अपने करियर में उतने सफल नहीं देखे गए, जितना कामयाब उन्हें समझा जा रहा था। वे अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। डेनियल के मुताबिक, "मनोरोगियों की जोखिम लेने की क़ाबिलियत कई जगह काम भले आ जाए लेकिन इन्हें अपने बर्ताव पर कंट्रोल नहीं होता है"
    डेनियल स्पर्क मानते हैं कि अगर कोई मनोरोगी, बुद्धिमान है, तो वो अपनी इन कमियों को कंट्रोल कर लेता है और वो जीवन में कामयाब हो जाता है।  
    Images source : © Getty Images

    डेनियल स्पर्क के अध्ययन से आए परिणाम
  • 5

    नार्सिसिस्टों ने मारी बाज़ी


    लेकिन, यदि कामयाबी को पैसे से आंका जाए, तो नार्सिसिस्ट, अर्थात अपने आप में खोए रहने वाले लोग सब पर बाज़ी मार लेते हैं। डेनियल के मुताबिक आत्ममुग्ध लोग, दूसरों पर अपना अच्छा प्रभाव जमाने में अधिक कामयाब होते हैं। ऐसे लोग मोल-तोल में अच्छे होते हैं। इसीलिए ये कमाई के मामले में भी आगे निकल जाते हैं। लेकिन, डेनियल के सर्वक्षण में एक और बात सामने आई कि करियर में कामयाबी पा लेने वाले, पैसे कमाने में आगे निकलने वाले ये मनोरोगी या आत्ममुग्ध लोग, ज़िंदगी के दूसरे पहलुओं में अक्सर पीछे रह जाते हैं।
    Images source : © Getty Images

    नार्सिसिस्टों ने मारी बाज़ी
  • 6

    हुनर और बुद्धिमानी सबसे जरूरी है


    ध्यान रखें कि नेकी से आप करियर में भले बहुत आगे न जा पाएं और उतना पैसा और पद उतना शीघ्र ना पा सकें, लेकिन, इतना तय है कि नेकी करने वाले ज़िंदगी में अधिक खुश रहते हैं और उनकी सेहत भी बेहतर रहती है। महत्वाकांक्षा से तरक्की की कुछ सीढ़ियां तो चढ़ी जा सकती हैं, लेकिन असल कामयाबी के लिए हुनर और बुद्धिमानी होनी सबसे जरूरी है। आप ही फैंसला करें, नेक बनना चाहेंगे या निर्दयी!
    Images source : © Getty Images

    हुनर और बुद्धिमानी सबसे जरूरी है
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर