बच्‍चों में एसिड रिफ्लक्स के लिए घरेलू उपचार

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 14, 2016

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वयस्‍कों की तरह, शिशुओं में भी एसिड रिफ्लक्‍स की समस्‍या होती है। शिशुओं में, एसोफैगस और पेट के बीच की मसल्‍स पूरी तरह परिपक्व नहीं होने के कारण यह समस्‍या होती है। लेकिन आप घबराइए नहीं क्‍योंकि कुछ प्राकृतिक उपचार बच्‍चे में एसिड रिफ्लक्‍स और उनसे संबद्ध असुविधाओं को कम करने में प्रभावी हो सकते हैं।
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    बच्‍चों में एसिड रिफ्लक्स को दूर करने के उपाय

    बच्‍चे में कम ग्रोथ के साथ लार निकलना, बार-बार उल्‍टी, मल में खून, क्रोनिक खांसी और खाने के बाद असामान्‍य चिड़चिड़ापन की समस्‍या दिखाई दें तो तुरंत अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें। यह  संकेत गंभीर समस्‍या जैसे गैस्ट्रोइसोफेजियल एसिड रिफ्लक्‍स के हो सकते हैं। वयस्‍कों की तरह, शिशुओं में भी एसिड रिफ्लक्‍स की समस्‍या होती है। शिशुओं में, एसोफैगस और पेट के बीच की मसल्‍स पूरी तरह परिपक्व नहीं होने के कारण यह समस्‍या होती है। समय से पहले जन्‍म, ज्‍यादातर समय सीधा लेटना और सिर्फ तरल आहार का सेवन, ज्‍यादातर मामलों में एसिड रिफ्लक्‍स को योगदान देता है। लेकिन आप घबराइए नहीं क्‍योंकि कुछ प्राकृतिक उपचार बच्‍चे में एसिड रिफ्लक्‍स और उनसे संबद्ध असुविधाओं को कम करने में प्रभावी हो सकते हैं।
    Image Source : telegraph.co.uk

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    पेट की मसाज और एक्‍सरसाइज

    छोटे बच्चों के पेट की मसाज इस आम समस्या से निजात पाने का सबसे आसान तरीका है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि मसाज भी तभी करें जब आपका बच्चा पूरी तरह से रिलैक्स हो। दर्द के समय उसके पेट की मसाज कभी न करें। बच्चों की नाभि के आस-पास वाले हिस्से में अंगूठे से गोलाई में मसाज करें फिर धीरे-धीरे पूरे पेट की मसाज करें। इसके अलावा बच्‍चे के पेट से गैस निकालने के लिये उसे पीठ के बल लिटाएं और उसके दोनों पैरों को पकड़ कर जिस तरह साइकिल चलाते हैं, ठीक उसी अंदाज में घुमाएं। इससे पाचन क्रिया तेज होगी और पेट से जल्‍द गैस बाहर निकलेगी।

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    सेब का सिरका

    एसिड रिफ्लक्‍स से बचने के लिए एप्पल साइडर सिरका शिशुओं के लिए बहुत अच्छा उपाय है। यह पेट में एसिड के स्‍तर को संतुलित करता है, जो भोजन को पचाने में आसान बनाता है और लार को रोकता है। इसके अलावा यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और लगातार होने वाली बीमारी से बच्चे को सुरक्षित रखने में मदद करता हैं। समस्‍या होने पर ¼ चम्‍मच कच्चे, अनफ़िल्टर्ड सेब साइडर सिरके को एक गिलास गुनगुने पानी में मिला लें। फिर इस मिश्रण के कुछ चम्‍मच अपने बच्‍चे को नियमित अंतराल में दें। अगर आपका बच्‍चा एक साल से बड़ा है तो आप उसे स्‍वाद और पोषण संबंधी लाभ देने के लिए आर्गेनिक शहद भी मिला सकते हैं।

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    नारियल का तेल

    नारियल के तेल में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण एसिड रिफ्ल्‍क्‍स के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है। यह अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए पाचन तंत्र को चिकनाई प्रदान करने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद लॉरिक एसिड, एक शक्तिशाली एंटी-माइक्रोबियल फैटी एसिड, नवजात शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली को सुरक्षा प्रदान करता है। समस्‍या होने पर बच्‍चे को खिलाने से पहले आधा से 1 चम्‍मच एक्‍सट्रा वर्जिन नारियल तेल गर्म पेय या सीरियल में मिला दें। ऐसा दिन में दो से तीन बार करें। स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को अपने बच्‍चे के इम्‍यून सिस्‍टम को बढ़ावा देने के लिए एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन ऑयल के 2 बड़े चम्‍मच निगलना चाहिए। इसके अलावा आप नारियल तेल और अदरक के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर अपने बच्‍चे के पेट पर एक मिनट के लिए दिन में कई बार क्‍लॉकवाइज मसाज भी कर सकती हैं।

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    कैमोमाइल चाय

    कैमोमाइल शिशु में एसिड रिफ्लक्‍स की समस्‍या को दूर करने का एक और उत्कृष्ट प्राकृतिक उपाय है। इसके एंटी-स्पस्मोडिक और सीडेटिव गुण (दर्द दूर करने वाले गुण) पाचन में सुधार, पेट के दर्द  से राहत और रिलैक्‍स करने में मदद करता है। समस्‍या होने पर आधा चम्‍मच सूखे कैमोमाइल फूलों को एक कप गर्म पानी में मिलायें। इसे ढककर 5 से 10 मिनट के लिए ऐसे ही रख दें। फिर इसे ठंडा होने दें और अपने बच्‍चे को 1 से 2 चम्‍मच दिन में थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल में देते रहें। स्‍तनपान करने वाली महिलाओं को दिन में एक कप कैमोमाइल चाय 2 से 3 बार लेने चाहिए।
    Image Source : Getty

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