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कैविटी से छुटकारा दिलायेंगे ये घरेलू उपचार

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 19, 2015
मुंह में मौजूद एसिड के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं जिसके कारण कैविटी का निर्माण होता है। लेकिन कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर दांतों में मजबूती बनाने के साथ प्राकृतिक रूप से कैविटी से लड़ा जा सकता है।
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    कैविटी से छुटकारा पाने के उपाय

    दांतों में छेद होने को वैज्ञानिक भाषा में दन्त क्षय या कैविटी कहते है। मुंह में मौजूद एसिड के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं जिसके कारण कैविटी का निर्माण होता है। मुंह में मौजूद बैक्‍टीरिया (लार, खाद्य कणों एवं अन्य पदार्थों के साथ) दांतों कि सतह पर जमा होने लगते हैं जिसे प्लॉक कहा जाता है। प्‍लॉक में मौजूद बैक्‍टीरिया आपके खाने में मौजूद शुगर एवं कार्बोहाइडेट को अम्ल में परिवर्तित कर देता है इसी अम्ल के कारण दांत खोखले होने लगते हैं, फलत: कैविटी का निर्माण होता है। लेकिन कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर दांतों में मजबूती बनाने के साथ प्राकृतिक रूप से कैविटी से लड़ा जा सकता है।
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    कैविटी से छुटकारा पाने के उपाय
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    लौंग

    लौंग कैविटी के साथ-साथ किसी भी प्रकार की दांतों से जुडी समस्‍याओं के लिए रामबाण होता है। एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एनाल्‍जेसिक और एंटी-बैक्‍ट‍ीरियल गुणों के कारण लौंग दर्द को कम करने और कैविटी को फैलने से रोकता है। समस्‍या होने पर 1/4 चम्‍मच तिल के तेल में 2 से 3 बूंदें लौंग के तेल की मिलाकर लें। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले कॉटन बॉल में लेकर प्रभावित दांत में लगाये।   
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    लौंग
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    नमक

    नमक में मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के कारण यह कैविटी के इलाज के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। यह दर्द और सूजन को कम करने, किसी भी प्रकार के संक्रमण और मुंह में बैक्‍टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करता है। इसके लिए एक चम्‍मच नमक को गर्म पानी में मिला लें। फिर इस पानी को मुंह में कुल्‍ला करें। समस्‍या के दूर होने तक इस उपाय को दिन में तीन बार करें। इसके अलावा, आधा चम्‍मच नमक, थोड़ा सा सरसों का तेल और नींबू का रस मिलाकर पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट से कुछ मिनटों तक मसूड़ों पर मसाज करें। बैक्‍टीरिया को मारने के लिए इस उपाय को कुछ दिन तक दिन में दो बार करें।
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    नमक
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    ऑयल पुलिंग

    ऑयल पुलिंग बहुत ही पुराना नुस्‍खा है जो कैविटी को कम करने के साथ-साथ मसूढ़ों से खून बहना और सांस की बदबू को भी दूर करता है। साथ ही यह दंत समस्याओं के विभिन्न प्रकारों के लिए जिम्मेदार हानिकारक बैक्‍टीरिया को मुंह से साफ करने में मदद करता है। इसके लिए तिल के तेल की एक चम्‍मच को मुंह में रखें। फिर इससे 20 मिनट तक मुंह में रखकर थूक दें। लेकिन इसे निगलने से बचें। फिर अपने मुंह को गुनगुने पानी से धो लें। रोगाणुरोधी लाभ पाने के लिए नमक के पानी का प्रयोग करें। फिर हमेशा की तरह अपने दांतों को ब्रश करें। इस उपाय को रोजाना सुबह खाली पेट करें। यह उपाय सूरजमुखी या नारियल के तेल के साथ भी किया जा सकता है।
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    ऑयल पुलिंग
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    लहसुन

    एंटी बैक्‍टीरियल के साथ-साथ एंटीबायोटिग गुणों से समृद्ध होने के कारण, लहसुन दांतों के टूटने और कैविटी की समस्‍या को दूर करने में मदद करता है। यह दर्द से राहत देने और स्‍वस्‍थ मसूड़ों और दांतों के लिए भी अच्‍छा होता है। 3 से 4 लहसुन की कली को कुचलकर और 1/4 चम्‍मच सेंधा नमक मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इसे संक्रमित दांत पर लगाकर 10 के लिए छोड़ दें। कैविटी को कम करने के लिए इस उपाय को कुछ दिनों के लिए दिन में दो बार करें।  
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    लहसुन
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    मुलेठी

    अमेरिकन केमिकल सोसायटी के जर्नल ऑफ नेचुरल प्रोडक्ट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मुलेठी की जड़ दांतों को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करती है। मुलेठी में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुण बैक्‍टीरिया के कारण होने वाली कैविटी के विकास को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा यह जडी-बूटी प्‍लॉक को कम करने में भी मदद करती है। नियमित रूप से दांतों में ब्रश करने के लिए मुलेठी की जड़ के पाउडर का प्रयोग करें। इसके अलावा आप टूशब्रश करने के लिए मुलेठी की स्‍टीक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
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    मुलेठी
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    हल्दी

    आयुर्वेद में, हल्दी को कैविटी दर्द से राहत प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के साथ एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण मसूढ़ों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ बैक्‍टीरियल संक्रमण के कारण दांतों के गिरने की समस्‍या को भी रोकता है। प्रभावित दांत पर थोड़ी सा हल्‍दी पाउडर लगाकर इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से अच्‍छे से कुल्‍ला कर लें।
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    हल्दी
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    नीम

    नीम भी कैविटी के इलाज के लिए एक अन्‍य लोकप्रिय उपाय है। इसकी एंटी-बैक्‍टीरियल गुण बैक्‍ट‍ीरिया के कारण होने वाली कैविटी को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह दांतों और मसूड़ों को स्‍वस्‍थ और मजबूत बनाने में भी मदद करता है। दांतों और मसूड़ों पर नीम के पत्तों के रस रगड़ें, कुछ मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। इस उपाय को दिन में एक या दो बार करें। इसके अलावा आप नीम की स्टिक का इस्‍तेमाल दांतों में ब्रश करने के लिए भी कर सकते हैं।
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    नीम
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    आंवला

    आंवला जैसी जड़ी-बूटी भी कैविटी के इलाज में मददगार होती है। इसमें भरपूर मात्रा में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन सी के कारण यह बैक्‍टीरिया और संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। यह संयोजी ऊतक के विकास को बढ़ावा देकर मसूड़ों के लिए बहुत लाभकारी होती है। इसके अलावा, यह मुंह को साफ करने और बदबूदार सांस से छुटकारा पाने में आपी मदद करता है। नियमित रूप से ताजा आंवला खाये। यह आधा गिलास पानी के साथ आधा चम्‍मच आंवला पाउडर नियमित रूप से लें।
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    आंवला
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