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साइनस की समस्या से छुटकारा दिलाएंगे ये घरेलू उपचार

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 27, 2014
साइनस एक स्वास्थ्य समस्या है जिसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हालांकि कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से इसके लक्षणों से राहत जरूर पायी जा सकती है।
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    साइनस

    साइनस खोपड़ी में हवा भरी हुई कैविटी होती है, जो सिर को हल्कापन व श्वास वाली हवा लाने में मदद करती है। सांस लेने में अंदर आने वाली हवा इस थैली से होकर फेफड़ों तक जाती है। इस थैली में हवा के साथ आई गंदगी यानी धूल और दूसरे तरह की गंदगियों को रोकती है और बाहर फेंक दी जाती है। साइनस का संक्रमण होने पर साइनस की झिल्ली में सूजन आ जाती है। सूजन के कारण हवा की जगह साइनस में मवाद या बलगम आदि भर जाता है, जिससे साइनस बंद हो जाते हैं।

    साइनस
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    साइनस के लक्षण

    साइनस मकी वजह से माथे पर, गालों व ऊपर के जबड़े में दर्द होने लगता है। सिरदर्द आगे झुकने व लेटने से और बढ़ जाता है। कई बार तो नाक बंद होना, थकान, सर्दी के साथ बुखार, चेहरे पर सूजन व नाक से पीला या हरे रंग द्रव्य बहना आदि लक्षण होते हैं। इसे साइनोसाइटिस कहा जाता है। साइनस एक स्वास्थ्य समस्या है जिसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हालांकि कुछ एहतियात व घरेलू नुस्खों की मदद से इसके लक्षणों से राहत पायी जा सकती है।

    साइनस के लक्षण
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    सही भोजन

    संक्रमण के दौरान कम मात्रा में खाएं। ऐसे में साबुत अनाज, सेम, दाल, हल्की पकायी सब्जियों, सूप, आदि का सेवन करें। बलगम बनाने वाले खाद्य पदार्थों जैसे, फ्लोर प्रोडक्ट्स, अंडे, चॉकलेट, तला हुआ और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, चीनी और डेयरी उत्पादों आदि के सेवन से बचें। साथ ही खूब सारा पानी पियें।

    सही भोजन
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    सेब साइडर सिरका

    साइनस का पहला संकेत महसूस होते ही लगभग 180ml पानी में 1-2 चम्मच अनफ़िल्टर्ड सेब साइडर सिरका और 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3 बार 5 दिनों तक लें। सेब साइडर सिरका बलगम को तोड़ता है, जिससे वह आसानी से बाहर आ जाता है।

    सेब साइडर सिरका
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    ग्रेपफ्रूट सीड एक्स्ट्रैक्ट

    ये खट्टे एक्स्ट्रैक्ट शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीबायोटिक होते हैं। जो कि और रोगाणुओं, परजीवी, बैक्टीरिया, वायरस और कैंडीडा यीस्ट सहित 30 प्रकार के कवकों को रोकने के लिए उपयोग किये जाते हैं। साइनस संक्रमण होने पर आप इसका नाक में डालने वाला स्प्रे भी ले सकते हैं।

    ग्रेपफ्रूट सीड एक्स्ट्रैक्ट
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    जीरा

    साइनस एक श्वास संबंधी समस्या है। इस प्रकार की समस्याओं से राहत पाने के लिए, थोड़ा काला जीरे के बीज ले और उन्हें एक पतले कपड़े में बांधे। तुरंत राहत पाने के लिए थोड़ी देर इस कपड़े के माध्यम से सांस लें। ऐसा करने से सायनस के दर्द से राहत मिलती है।

    जीरा
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    युकलिप्टस या पाइन ऑयल

    साइनस का दर्द होने पर भाप लेना फायदेमंद होता है। इसके लिए गर्म पानी में युकलिप्टुस तेल यी पाइन तेल की कुछ बूंदें मिला कर उसकी भाप लें। साइनस के लक्षणों से राहत पाने के लिए आप दिन में 1 दो 2 बार इसकी भाप ले सकते हैं।

    युकलिप्टस या पाइन ऑयल
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    प्याज और लहसुन

    एक छोटी प्याज और लहसुन को एक साथ कूट कर पानी में उबाल कर भाप लेने से साइनस के सिरदर्द में लाभ होता है। साथ ही गर्म कपड़ा या फिर गर्म पानी की बोतल गालों के ऊपर रखकर सिकाई करने से भी फायदा होता है। यह प्रक्रिया लगभग एक मिनट के लिए दिन में तीन बार करनी चाहिए।  आप अपने नियमित भोजन में प्याज और लहसुन को शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा साइनस के सिरदर्द को कम करने के लिए प्रत्येक नथुने पर प्याज के रस की दो-दो बूंदें भी रख सकते हैं।

    प्याज और लहसुन
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    जैतून का तेल

    अपनी नाक और आंखों के चारों ओर जैतून का तेल की हल्के से मसाज करें। यह आपकी नाक की रुकावट को साफ करने मे मदद करता है और सायनस के दर्द को भी कम करता है।

    जैतून का तेल
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    सब्जियों का रस

    साइनस संक्रमण के लिए सब्जियों का प्रयोग एक सबसे अच्छा घरेलू उपचार है। अगर आप 300 एमएल गाजर का रस, 100 एमएल चुकंदर का रस, 200 एमएल पालक का रस और 100 एमएल ककड़ी का रस रोज पियें तो आपको साइनस की समस्या से जल्द फायदा होगा। गाजर के रस में कामाल के चिकित्सा गुण होते हैं जो साइनस के इलाज में भी फायदेमंद हैं। आप एक ग्लास गाजर का रस को चुकंदर, खीरे या फिर पालक के रस के साथ ले सकते हैं।

    सब्जियों का रस
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    योग

    जैसा कि सायनस एक श्वास संबंधी समस्या है, अत: शुद्ध वायु प्रप्त करने के लिए सभी तरह के उपाय जरूर करें। इसके लिए सूत्रनेती, जल नेती क्रियाएं तथा प्राणायाम में अनुलोम-विलोम और भ्रामरी व आसनों में सिंहासन और ब्रह्ममुद्रा करें। असके अलावा मुंह और नाक के लिए बनाए गए अंगसंचालन जरूर करें। कुछ योग हस्त मुद्राएं भी इस रोग में लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं। प्राणायाम और ब्रह्ममुद्रा नियमित करें।

    योग
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