जानें स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कितना फायदेमंद है मुंडन संस्‍कार

By:Gayatree Verma , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 16, 2016

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

हिंदू धर्म में ऐसी कई मान्यताएं हैं जिनका कारण तो लोगों को नहीं पता लेकिन मानते जरूर हैं। ऐसी ही एक मुंडन की परंपरा है। इस परंपरा के स्वास्थ्य लाभ को जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान।
  • 1

    हिंदू परंपरा मुंडन

    हिंदू धर्म में ऐसी कई परंपराएं और कार्य किए जाते हैं जिन पर लोग आंख बंद करके विश्वास कर लेते हैं। ऐसी ही एक परंपरा है - मुंडन संस्‍कार। बच्चे की उम्र के पहले वर्ष के अंत में या तीसरे, पांचवें या सातवें वर्ष के पूर्ण होने पर उसके बाल उतारे जाते हैं और यज्ञ किया जाता है जिसे मुंडन संस्कार या चूड़ाकर्म संस्कार कहा जाता है। इस स्लाइडशो में जानते हैं कि मुंडन करवाने से क्या स्वास्थ्य लाभ होते हैं।
    Image source @ astrosage

  • 2

    हिंदू धर्म और तर्क-वितर्क

    एक हिंदू को मुंडन, उपनयन संस्कार, और शादी जैसी परंपराओं का पालन जन्म से ही करना पड़ता है। यह हिंदू धर्म की सदियों पुरानी परंपरा है जिस पर लोग अब आंख बंद कर विश्वास करते हैं। जिसके कारण कई बार बहुत सारे तर्क-वितर्क भी होते हैं। लेकिन सारे तर्क धरे रह जाते हैं जब पता चलता है कि हर परंपारओं के पीछे वैज्ञानिक मान्यता और फायदे भी हैं। ऐसा ही फायदा हिंदू धर्म के मुंडन संस्कार से है।
    Image source @ rathinasviewspace

  • 3

    कीटाणु मारें

    इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तो उसके सिर के बालों में बहुत से कीटाणु, बैक्टीरिया और जीवाणु लगे होते हैं। यह हानिकारक तत्व साधारण तरह से धोने से नहीं निकल सकते इसलिए एक बार बच्चे का मुंडन जरूरी होता है। अत: जन्म के एक से तीन साल के भीतर बच्चे का मुंडन कराया जाता है। कुछ ऐसा ही कारण मृत्यु के समय मुंडन का भी होता है। जब पार्थिव देह को जलाया जाता है तो उसमें से भी कुछ ऐसे ही जीवाणु हमारे शरीर पर चिपक जाते हैं।
    Image source @ getty

  • 4

    दिमाग ठंडा करें

    जन्म के बाद भी शिशु को मां की जरूरत, मां के पेट के गर्मी की आदत लग जाने के कारण होती है जो किसी दूसरे इंसान से नहीं मिलती। लेकिन एक उम्र के बाद शिशु को इस गर्मी की जरूरत नहीं होती। ऐसे में इस अनावश्यक गर्मी को खत्म करने के लिए बाल कटवाएं जाते हैं जिसे मुंडन कहा जाता है। इसलिए भी बच्चों का मुंडन नदी किनारे होता है। इससे दिमाग व सिर ठंडा रहता है व बच्चों में दांत निकलते समय होने वाला सिर दर्द व तालु का कांपना बंद हो जाता है। शरीर पर और विशेषकर सिर पर विटामिन-डी (धूप के रूप) में पड़ने से कोशिकाएं जाग्रत होकर खून का प्रसारण अच्छी तरह कर पाती हैं जिनसे भविष्य में आने वाले केश बेहतर होते हैं।
    Image source @ getty

  • 5

    मान्यता और मिथ

    इस संस्कार को मन्नत पूरी करने के दौरान भी पूरी की जाती है। लोग खासकर पुत्र होने की ये मन्नत मांग कर पूरी करते हैं। जबकि ये पूरी तरह से मिथ है और अपना-अपना विश्वास। जबकि इस संस्कार से बच्चे का सिर मजबूत होता है तथा बुद्धि तेज होती है।
    Image source @ parmarth

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर