इन सात कदमों से स्‍वयं करें अपना उपचार

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 27, 2014

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सिरदर्द, पीठ में दर्द, तनाव, पाचन संबंधी विकार के उपचार के लिए दर्दनिवारक दवाओं की बजाय वैकल्पिक तरीके आजमाकर स्‍वयं से इनका उपचार कर सकते हैं और इससे शरीर की खोई हुई ऊर्जा भी वापिस आती है।
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    उपचार के लिए कदम

    सामान्‍य सा दर्द होने, बदनदर्द, सीने में दर्द आदि समस्‍या होने पर हम दर्द निवारक दवाओं का प्रयोग करते हैं। ये दवायें तुरंत असर तो करती हैं, लेकिन इनका साइड इफेक्‍ट भी हो सकता है। इसलिए लोग पेनकिलर्स की तुलना में स्‍वयं के उपचार के लिए वैकल्पिक तरीके आजमा रहे हैं, इन वैकल्पिक तरीकों से तुरंत आराम मिलता है और इनका साइड-इफेक्‍ट भी नहीं होता। तो अगर आपको सिरदर्द, सीने में संक्रमण या पाचन संबंधी किसी प्रकार की समस्‍या हो तो इन तरीकों को आजमाकर केवल 20 मिनट के अंदर इसका फायदा पा सकते हैं। तो क्‍यों न इन तरीकों से इन सामान्‍य बीमारियों का उपचार किया जाये।

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    खुद को तैयार करें

    दर्द निवारक दवाओं का बेहिचक प्रयोग आप करते हैं और इसके लिए आपको किसी भी प्रकार की तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन किसी भी समस्‍या के लिए वैकल्पिक उपचार के लिए स्‍वयं को तैयार करने की जरूरत है। इस तरीके को आजमाने के लिए पीठ के बल बेड या सोफे पर लेट जायें, गर्दन के नीचे तकिया रख लीजिए। इससे आपके शरीर और मांसपेशियों को आराम मिलेगा। अब अपने हाथ से जांघों को आराम से पकड़ें। कपड़े गरम और आरामदायक होने चाहिए। आंखों और मुंह को बंद करके आराम से गहरी सांसे लीजिए। गहरी सांसे लेने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। इस क्रिया को दो मिनट तक कीजिए।

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    शरीर को ऊर्जावान बनायें

    शरीर की खोई हुई ऊर्जा को चार्ज कीजिए। इसके लिए अपने उंगलियों से सिर से लेकर पैर तक आराम से पूरे शरीर की मालिश कीजिए। उंगलियों से आराम से माथे से मालिश की शुरूआत करें और धीरे-धीरे पैरों की उंगलियों तक करें। इससे आपके शरीर की खोई हुई ऊर्जा दोबारा मिल जायेगी और आप फिर से खुद को ऊर्जावान महसूस करने लगेंगे। इसे करते हुए यह कल्‍पना करें कि आपका शरीर फिट और रोगमुक्‍त हो गया है और आप पहले की तरह जवान और शक्तिवर्धक हो गये हैं।

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    अपने आपको उत्‍साहित करें

    स्‍वयं के उपचार के लिए जरूरी है कि आप अपने आपको उत्‍साहित करें। इसके लिए अपनी दाहिनी हथेली को अपने नाभि के पास रखें, नाभि के ऊपर का हिस्‍सा जिसे ऊर्जा का केंद्र बिंदु भी माना जाता है। अब अपने दाहिने हाथ के पास बायें हाथ को भी रखें। अब अपने दोनों हथेलियों को ऊर्जा के केंद्र बिंदु पर रखें। इससे आपके पूरे शरीर को ऊर्जा का आभास होगा। इस स्थिति में रहते हुए लंबी सांसे लीजिए, सांसे लेते वक्‍त दो तक गिनती करें। थोड़ी ही देर में आपको गर्दन, सिर और पीठ में ऊर्जा का आभास होने लगेगा।

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    शरीर को दें आराम

    अब तक आपने जो भी क्रिया की है उस दौरान आपकी आंखें बंद ही रहनी चाहिए। अब बंद आंखों से शरीर के उस स्‍थान का आभास कीजिए जहां पर अभी भी किसी प्रकार की समस्‍या है। अगर आपके कंधें में दर्द हो रहा है तब उसके बारे में कल्‍पना कीजिए, फिर कल्‍पना के जरिये ही अपने कंधें को आराम देने की कोशिश करें। इस दौरान कंधे के आसपास के जितने भी अंग हैं उनके बारे में कल्‍पना कीजिए, फिर दिल की धड़कन को महसूस कीजिए। इस दौरान आप एहसास करेंगे कि आपका दिल आराम से लेकिन मजबूती के साथ धड़क रहा है। इस क्रिया को दो मिनट तक करें। इससे दिमाग शांत होता है और शरीर के किसी भी अंग में दर्द हो तो वह दूर होता है और तनाव भी नहीं होता।

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    बीमारियों का उपचार

    अब तक आपने अपने पूरे शरीर को ऊर्जावान बनाने पर और अपनी खोई होई ऊर्जा को वापिस पाने पर ध्‍यान दिया। अब अपने वा‍स्‍तविक समस्‍या पर ध्‍यान दीजिए। आपकी समस्‍या जैसे - सिरदर्द, पीठ दर्द, सीने में संक्रमण आदि। अब अपने दाहिने हाथ को अपनी ऊर्जा देने वाली बिंदु यानी नाभि के पास वाले हिस्‍से पर रखें, जिस जगह पर दर्द हो रहा हो बायां हाथ वहां रखें। अपनी आंखों को बंद करके 1 से 5 तक की‍ गिनती करें। इसे 'चक्र' की ऊर्जा कहते हैं जो दर्द वाली जगह पर आराम देता है और दर्द दूर करता है। अगर एक साथ दो जगह पर दर्द हो तो दोनों को बारी-बारी से पकड़ें।

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    उपचार प्रक्रिया के दौरान

    आपने अपनी समस्‍याओं के उपचार कर लिये, इससे आपको आराम भी मिल गया है तो जल्‍दबाजी न करें। बेड पर या सोफे पर लेटे ही रहें। यह कल्‍पना करें कि आपके बेड के पास बाहर से एक प्रकार की बैंगनी ऊर्जा प्रवेश कर रही है, यह ऊर्जा सीधे आपके सिर से टकरा रही है। फिर कल्‍पना करें कि यह ऊर्जा आपके पूरे शरीर पर पड़ रही है। वास्‍तव में बैंगनी रंग ऐसा रंग है जिससे दर्द के उपचार के लिए पारंपरिक तौर से प्रयोग किया जा रहा है। इस तरीके से उपचार करने वालों को लगता है कि यह शरीर से सभी प्रकार के दर्द को दूर करेगी साथ ही इससे शरीर में मौजूद किसी भी प्रकार की नकारात्‍मक ऊर्जा भी चली जायेगी और शरीर निरोग हो जायेगा।

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    उपचार प्रक्रिया को पूरा करें

    अब वक्‍त आ गया है कि उपचार की प्रक्रिया को पूरा किया जाये। अभी भी अपनी आंखों को बंद रखिये और अपने दिमाग को रिलैक्‍स करते हुए ध्‍यान की मुद्रा में जायें, इसे अल्‍फा स्‍टेट भी कहते हैं। इससे आपके शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर मजबूत होता है। जब आपके शरीर के सभी अंग अच्‍छे से काम करने लगें तब तनाव, अवसाद, दिल की बीमारी, पाचन संबंधित बीमारी, एलर्जी और अनिद्रा के उपचार के लिए प्रयास कीजिए। इसके लिए 5 मिनट तक मेडीटेशन कीजिए।

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