हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

क्‍या आपको एकाग्रचित होने में हो रही है परेशानी

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 01, 2014
व्यस्त जीवन शैली और बढ़ते तनाव के कारण आज-कल लोगों की एकाग्रता क्षमता तेजी से घटती जा रही है, इसकी वज़ह से लोग चिंचित, उदास, चिड़चिड़े और सहमे से रहते हैं।
  • 1

    एकाग्रता में कमी

    व्यस्त जीवन शैली और बढ़ते तनाव के कारण आज-कल लोगों की एकाग्रता क्षमता तेजी से घटती जा रही है। एकाग्रता की कमी के कारण होने वाली आम दुर्घटनाओं में दरवाजे की चाबी भूलना, लंबे समय तक बर्तनों के जलने से उनमें आग लगना, रेफ्रिजरेटर के दरवाजों को खुला छोड़ना और बिजली के उपकरणों को चालू छोड़ देना शामिल हैं। किसी भी काम को पूरी एकाग्रता से करने से वो काम जल्दी और अच्छी तरह से पूरा हो जाता है। एकाग्रता में कमी के के चलते हम काम पर फोकस नहीं कर पाते, और काम करते समय हमारा मन इधर-उधर भटकता रहता है। तो यदि आप भी इस प्रकार की समस्या से जूझ रहे हैं, तो जल्द ही इससे निपटने के प्रयस शुरू करें।
    Image courtesy: © Getty Images

    एकाग्रता में कमी
  • 2

    एकाग्रता में कमी के नुकसान

    लंदन में हुए एक नए शोध से पता चला कि ब्रिटेन के लोगों की एकाग्रता क्षमता बीते एक दशक में 12 मिनट से घटकर केवल पांच मिनट ही रह गई है। एकाग्रता में कमी की वजह से घरेलू दुर्घटनाएं बढ़ी हैं और केवल पिछले साल ही इनसे 1.6 अरब पाउंड का नुकसान हुआ। इनमें से 37,000 दुर्घटनाएं पानी से संबंधित थीं, जिनमें बाथ टब या सिंक का नल खुला छोड़ने से नुकसान हुआ था। सबसे अधिकांश घरेलू दुर्घटनाएं सुबह 7 बजकर 55 मिनट के करीब होती हैं जब ज्यादातर लोग काम पर जाने की दौड़ में होते हैं। समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक इस सर्वे में 1,000 लोगों को छोटे काम करने और उनसे जुड़ी घटनाओं को याद रखने के लिए कहा गया था।
    Image courtesy: © Getty Images

    एकाग्रता में कमी के नुकसान
  • 3

    एकाग्रता में कमी के लक्षण

    जिन लोगों में एकाग्रता की कमी होती है वे ज्यादातर चिंचित, उदास, चिड़चिड़े और सहमे से रहते हैं। इनमें से कुछ हीन और अपराध भावना के शिकार भी हो जाते हैं। ऐसे लोगों में आत्मविश्वास की कमी, असुरक्षा की भावना, कुंठा, गुस्सा, चिड़चिड़ापन व घबराहट भी बढ़ जाती है। ध्यान भटकने की समस्या में मनोदशा में भी जल्दी-जल्दी उतार-चढ़ाव आते हैं।
    Image courtesy: © Getty Images

    एकाग्रता में कमी के लक्षण
  • 4

    मेडीटेशन और योग

    एकाग्रता बढ़ाने के लिए मेडीटेशन और योग करें। योग और ध्यान से दिमाग के दोनों हिस्से सक्रीय होते हैं औक इससे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में विकास होने लगता है। रोज़ कुछ समय योग और ध्यान आपकी एकाग्रता को मजबूत करता है।
    Image courtesy: © Getty Images

    मेडीटेशन और योग
  • 5

    ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास

    अपनी कम होती जा रही एकाग्रता को बढ़ाने के लिए किसी केंद्र बिंदु पर जितनी देर हो सके, ध्यान केंद्रित करें। धीरे-धीरे ध्यान केंद्रित करने का समय बढ़ाएं। कुछ समय तक इस अभ्यास को करने पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ जाती है। बच्चों के मामले में माता-पिता को चाहिए कि वे शुरुआत से ही बच्चों को ध्यान केंद्रित करने की सीख दें।
    Image courtesy: © Getty Images

    ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास
  • 6

    योजनाबद्ध तरीके से काम करें

    अपने कामों को योजनाबद्ध तरीके से और समय पर पूरा करें, इससे काम का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और किसी तरह की चिंता भी नहीं रहेगी। साथ ही समय समय पर अपने काम को रिव्यू करते रहें और ख़ामियों को ठीक करते रहें।
    Image courtesy: © Getty Images

    योजनाबद्ध तरीके से काम करें
  • 7

    सकारात्मक सोच अपनाएं

    सफलता प्राप्त करने व इसके लिए एकाग्रता को मजबूत बनाने के लिए स्वयं को सकारात्मक सोच से भरें। इससे काम करने का उत्साह बना रहेगा। बचपन से ही बच्चों की क्षमताओं और कमजोरियों को पहचानने का प्रयास करें और घर के माहौल को हंसी-खुशी का बनाकर रखें, ताकि बच्चों में नकारात्मक सोच को बढ़ावा मिले।
    Image courtesy: © Getty Images

    सकारात्मक सोच अपनाएं
  • 8

    एक समय पर एक ही काम

    एकाग्रतापूर्वक कार्य करने के लिए शांतिपूर्ण माहौल का होना जरूरी होता है। इसलिए काम करते वक्त रेडियो या टीवी आदि न चलाएं। यदि काम करते समय ध्यान टीवी या किसी और चीज में रहेगा तो इससे ध्यान भटकेगा और काम में संतुष्टि भी नहीं मिल पाएगी।
    Image courtesy: © Getty Images

    एक समय पर एक ही काम
  • 9

    मस्तिष्क के दोनों पक्षों को संतुलित करें

    अपने मस्तिष्क के दोनों पक्षों को संतुलित करें। इसके लिए आप योग और ध्यान की सहायता ले सकते हैं। या फिर आप कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज कर भी मस्तिष्क के दोनों पक्षों को संतुलित बना सकते हैं। प्रणायाम, जैसे अनुलोम विलोम इसमें काफा मददगार होता है।
    Image courtesy: © Getty Images

    मस्तिष्क के दोनों पक्षों को संतुलित करें
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.