आदतें जो बन रही हैं युवाओं में हार्ट अटैक की जिम्‍मेदार

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 24, 2015

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युवाओं मे हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ेत्तरी हुई है। कोलेस्ट्रॉल, तनाव, मोटापा आदि बीमारियां भी आपके दिल की धड़कनों को रोक सकती है। अपनी आदतों को सुधारे औऱ ऱखें दिल का ख्याल।
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    रखें दिल का ख्याल

    जवां दिल कब धड़कते-धड़कते बंद हो जाए इसका कोई भरोसा नहीं होता है। जी, कई शोधों के अनुसार युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में बहुत वृद्धि हुई है। तकरीबन 30 से 39 वर्ष के लोगों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है। बदलती जीवन शैली ने दिल के हाल भी बदल कर रख दिए है। आजकल के युवा अपनें शौक और आदतों के चलते सेहत के साथ खिलवाड़ कर कर रहे है। हम आपकों बताते किन वजहों से आपका दिल हार्ट अटैक का शिकार हो सकता है।

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    कोलेस्ट्रॉल कम रखें

    कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार के होते हैं -बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) औऱ गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL)।बैड कोलेस्ट्रॉल एलडीएल ही हार्ट अटैक का कारण होता है लेकिन इसमें भी A और B टाइप के दो LDL होते हैं | इसलिए कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाते हुए यह जानना आवश्यक है कि इसमें LDL की मात्रा क्या है और उसमें भी A और B टाइप के LDL की मात्रा कितनी है |

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    डायबीटीज का रखें ख्याल

    कोरोनरी हार्ट डिजीज पेशंट में 90 पर्सेंट लोग टाइप टू डायबीटीज के शिकार होते हैं। डॉक्टर का कहना है कि एक तिहाई ऐसी समस्या को कम किया जा सकता है। इसके लिए सही डाइट मेनटेन करना, नियमित रूप से एक्सरसाइज करना और स्मोकिंग छोड़ना जरूरी है।

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    स्मोकिंग और अल्कोहल से बचें

    स्मोकिंग और अल्कोहल युवाओं मे कोलेस्ट्रॉल के खतरनाक लेवल तक पहुंचने की सबसे बड़ी वजह है। केवल स्मोकिंग की वजह से ही 22 पर्सेंट कॉर्डियोवस्कुलर बीमारियां होती हैं और इसके अलावे कैंसर और क्रॉनिक रेसप्रेटरी डिजीज का खतरा अलग से रहता है। शराब दिल की मांसपेशियों को स्थायी रूप से निहायत कमजोर कर देती है।

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    मोटापा कम करें

    ओवर वेट और मोटे लोगों में हार्ट डिजीज का ज्यादा खतरा रहता है। इसकी कई वजहें हैं जिसमें फैट, सॉल्ट और शुगर का बढ़ता चलन लोगों को बीमारी दे रहा है। यही नहीं , इनकी लाइफ स्टाइल भी इस बीमारी की मुख्य वजह बन रहा है।

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    तनाव से रहें दूर

    युवाओं को जीवनशैली में सुधार लाना जरूरी है। रोज का अत्यधिक तनाव ब्लड प्रेशर को बढ़ाता तो है ही, साथ ही यह हृदय की पेशियों को भी प्रभावित करता है। ये उन लोगों में ज्यादा है जो काफी महत्वाकांक्षी हैं। एक-दूसरों से आगे बढ़ने की होड़ में लगातार प्रयासरत रहते हैं। आपका छोटा सा दिल इना बोझ नहीं उठा सकता तो खुद के दिमाग को शांति दे।

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    मांस से बचें

    मांस और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे मक्खन, चीज में वसा अधिक पाई जाती है, साथ ही पकाए गए बिस्कुट या केक में भी यह अधिक होता है। इनसे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में तेजी से इजाफा हो जाता है। शरीर में सोडियम की मात्रा सही अनुपात में बनाए रखने के लिए भोजन में नमक की कुछ मात्रा होनी जरूरी है, पर ज्यादा नमक हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का कारण भी बन सकता है।

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    हेल्दी फूड लें

    स्वस्थ हृदय के लिए जरूरी है कि रोज आपके भोजन में पांच प्रोटीनयुक्त पदार्थ, फल और सब्जियां हों। विटामिन और प्रोटीनयुक्त डाइट एलडीएल को कम करने में सहायक होती है तथा कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकती है। तनाव से दूर रहें। सूखे मेवे से सेवन से हार्ट अटैक के खतरे के 20-40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

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    शारीरिक श्रम करें

    नियमित रूप से शारीरिक श्रम हृदय से जुड़ी कई बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, अत्यधिक वजन के जोखिम को काफी हद तक कम कर देता है। एक सप्ताह में 150 मिनट अर्थात तकरीबन ढाई घंटे के हल्के व्यायाम या 75 मिनट अर्थात सवा घंटे के कड़े व्यायाम की सलाह दी जाती है। साथ ही तनाव से दूर रहें, क्योंकि कि तनाव हार्ट अटैक होने के मुख्य कारणों में से एक होता है।

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