यौवनावस्‍था के दौरान लड़की के शरीर में आने वाले सामान्‍य बदलाव

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 04, 2014

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

यौवन में लड़की बाल्‍यावस्‍था से यौवनावस्‍था में प्रवेश करती है। ऐसे में प्राकृतिक रूप से उसका शरीर कई परिवर्तनों का सामना करता है। आइए जानें, यौवनावस्‍था के दौरान लड़की को किसी प्रकार के शारीरिक बदलावों से गुजरना पड़ता है।
  • 1

    यौवन में बदलाव

    सब कुछ बदल जाता है, आपका शरीर, आपका मूड, लेकिन आखिर इन बदलावों के पीछे वजह क्‍या होती है। हर कोई यौवन के बारे में बात करता है। यह सब हार्मोंस के कारण होता है, यह एक तरह से सच है। आइए जानते हैं, आखिर कैसे यौवन आपके शरीर में बदलाव का कारण बनता है।

  • 2

    कब क्‍या होते हैं बदलाव

    स्‍तनों के आकार में बदलाव आमतौर पर 8 से 13 वर्ष की आयु में प्रारंभ होता है और यह पूरी यौवनावस्‍था में चलता रहता है। वहीं जननांगों पर बाल आने की प्रक्रिया 8-14 वर्ष की आयु में शुरू होती है। कद में इजाफा साढ़े नौ दस वर्ष की आयु में शुरू होता है। वहीं, पहली माहवारी भी 10 से लेकर 16 1/2 वर्ष की आयु में होती है।

  • 3

    माहवारी

    अधिकतर महिलायें अपने प्रजनन क्षमता के समय के दौरान मासिक धर्म चक्र से गुजरती हैं। माहवारी के दौरान महिला की योनि से रक्‍त स्राव होता है, जो पांच से छह दिनों तक रह सकता है। शुरुआती दिनों में यह स्राव अधिक होता है। कुछ महिलाओं को इस चक्र से पहले अथवा दौरान अकड़न की शिकायत भी हो सकती है।

  • 4

    डिस्‍चार्ज

    इस दौरान लड़की की योनि से कभी-कभार सफेद, पीला और हरापन लिये चिपचिपा पदार्थ स्रावित होता है। इससे आपके अंगवस्‍‍त्रों पर निशान भी पड़ सकते हैं। जब तक यह पदार्थ चिढ़ पैदा न करे, तब तक आपको परेशान होने की जरूरत नहीं। अगर आपको इससे चिढ़ और खुजली होने लगे, तो बेहतर रहेगा कि डॉक्‍टर से बात की जाए।

  • 5

    जनानांगों पर बाल

    यौवनावस्‍था के दौरान आपके जनानांगों के बाहरी हिस्‍से पर बाल उगने लगते हैं। समय के साथ-साथ ये बात गहरे और खुरदरे होते जाते हैं। कई बार ये जांघों के अंदरूनी हिस्‍से तक फैल जाते हैं। इसके साथ ही आपकी बगलों में भी बाल उगने लगते हैं।

  • 6

    हार्मोंस में बदलाव

    वे हॉर्मोन्‍स जो अब तक सुप्‍तावस्‍था में थे, वे जागृत हो जाते हैं और शरीर को यौवन में प्रवेश करने का संकेत देते हैं। सुनने में भले ही यह बहुत बड़ी बात न लगे, लेकिन वास्‍तव में ये हार्मोन ही हैं, जिनका संबंध यौवन से होता है और किसी लड़की के शरीर में इस प्रकार के बदलाव लाते हैं। यदि हार्मोंस का संतुलन ठीक न हो, तो समुचित शारीरिक विकास संभव नहीं।

  • 7

    कद में इजाफा

    यौवनावस्‍था के दौरान लड़की के कद में भी बढ़ोत्तरी होती है। यह बढ़ोत्तरी सालाना 3.5 इंच तक हो सकती है। सबसे पहले आपके सिर, हाथों और पैरों का आकार बढ़ता है। इसके बाद बाजुयें और टांगों के आकार में इजाफा होता है। इसके बाद धड़ और कंधों के आकार में भी अनुपातिक बढ़ोत्तरी होती है।

  • 8

    वजन में इजाफा

    इस दौरान क्‍योंकि आपको शा‍रीरिक अंगों का आकार बढ़ता है, तो जाहिर सी बात है कि इसका असर आपके वजन पर भी पड़ता है। वजन बढ़े बिना आपके कद में इजाफा होना मुश्किल है। इसके बिना न तो आपके स्‍तनों के आकार में बदलाव आ सकता है और न ही आपको पहली बार मासिक धर्म ही हो सकता है।

  • 9

    एक्‍ने

    अंत में बगलों में बाल आना शुरू होते है और आपके शरीर तेल और पसीना उत्‍पन्‍न करने वाली ग्रंथियां भी विकसित होनी शुरू हो जाती हैं, जो आखिर में जाकर एक्‍ने का कारण बनती है। एक्‍ने से बचने के‍ लिए अपना चेहरा दिन में दो बार धोयें। अगर इसके बाद भी यह समस्‍या ठीक न हो, तो किसी त्‍वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।

  • 10

    कामोत्तेजना उत्‍पन्‍न होना

    यौवनावस्‍था के दौरान आपको कामोत्तेजना भी उत्‍पन्‍न होने लगती है। कई बार इसे लेकर आपको शर्म का भी अहसास होता है या कई बार यह स्थिति आपके नियं‍त्रण से बाहर हो जाती है। इसे कामोत्‍तेजना को शांत करने के लिए असुरक्षित सेक्‍स व्‍यवहार न अपनायें। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी आप इस उत्‍तेजना की आदि हो जाएंगी और यह भावना आपको कम परेशान करेगी।

  • 11

    स्‍तनों के आकार में परिवर्तन

    स्‍तनों के आकार में परिवर्तन 8 वर्ष की आयु से लेकर 13 वर्ष की आयु के बीच परिवर्तन आना शुरू होता है और यह पूरी यौवनावस्‍था के दौरान चलता रहता है। वक्ष स्‍थल पर स्‍तनों के उत्तक समय आने पर विकसित होने प्रारंभ हो जाते हैं। स्‍तनों का आकार अलग-अलग हो सकता है इसलिए इसे लेकर किसी प्रकार की हीनता से ग्रस्‍त होने की आवश्‍यकता नहीं।

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर