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गर्भावस्था की पहली तिमाही में होने वाले परिवर्तन

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 30, 2013
कई बार महिलाएं गर्भावस्‍था के प्रथम तिमाही में होने वाले लक्षणों को समझ नहीं पाती, जिससे कि स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं के होने का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानें महिलाओं में गर्भावस्‍था के प्रथम तिमाही में कौन-कौन से परिवर्तन होते हैं।
  • 1

    मार्निग सिक्‍नेस

    मार्निग सिक्‍नेस गर्भाधान के बाद तीन सप्‍ताह के अन्‍दर शुरू हो जाती है। यह पूरे पहली तिमाही के माध्यम में रहता हैं। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन के बढ़ता स्तर पेट को धीरे धीरे खाली करता है। भोजन का इस धीमी गति से पारित होने के कारण महिलाओंको उल्‍टी जैसी समस्‍या होती है। यह उल्‍टी या मतली जैसी फिलिंग सुबह के समय होती है इसलिए इसे आमतौर पर सुबह में नाम 'मार्निग सिक्‍नेस' के नाम से जानते हैं।

    मार्निग सिक्‍नेस
  • 2

    स्‍तनों में निविदा और सूजन

    स्तनों के आकार में वृद्धि गर्भावस्था का पहले संकेतों में से एक है। स्तनों के आकार में वृद्वि और सूजन आमतौर पर पहली तिमाही के समय हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन के स्तर में वृद्धि के कारण होती है।

    स्‍तनों में निविदा और सूजन
  • 3

    खून बहना

    लगभग 20 से 30 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं हल्‍की से खून बहने जैसे अनुभव से गुजरती हैं। खून बहना आरोपण रक्तस्राव के कारण थोड़ा स्‍टेनिंग वाला हो सकता है या फिर यह अस्थानिक गर्भावस्था या गर्भपात जैसी गंभीर समस्याओं का एक संकेत हो सकता है।

    खून बहना
  • 4

    यूरीन ज्‍यादा आना

    हालांकि पहली तिमाही में बच्चा छोटा होता है, लेकिन बढ़ता हुआ गर्भाशय, मूत्राशय पर दबाव डालता है। जिससे बार-बार यूरीन जाना पड़ता हैं। इससे निजात पाने के लिए तरल पदार्थों का सेवन कम न करें बल्कि कैफीन की मात्रा कम कर दें। पेशाब की फिलिंग होने पर इसे रोकें नही।

    यूरीन ज्‍यादा आना
  • 5

    चक्कर आना

    गर्भावस्था आपके शरीर में रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करने का कारण बनता है। इससे कारण रक्तचाप कम होने लगता है और आप को चक्‍कर आने लगते हैं। अगर चक्कर आना के साथ ही पेट में दर्द या योनि से खून भी बह रहा है तो यह गंभीर मामलों हो सकता है। ऐसे में शीघ्र अपने डाक्‍टर से संपर्क करें।

    चक्कर आना
  • 6

    कब्‍ज

    गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान खाना देर से पचता है यहां तक की पेट को भी अपने आप को खाली करने में लंबा समय लगता है। इस धीमी गति के कारण पोषक तत्वों को खून में अवशोषित होने और बच्चे तक पहुंचने में अधिक समय लगा जाता है। दुर्भाग्यवश इससे कब्ज हो सकती है। इसलिए गर्भवस्‍था के दौरान चिकना और मसालेदार भोजन से बचें।

    कब्‍ज
  • 7

    थकान

    गर्भावस्था के दौरान हार्मोन प्रोजेस्टेरोन के स्तर चढ़ता है जिससे आप लगभग पूरा दिन सो सकते हैं। इसी समय, ब्‍लड शूगर का कम स्तर, निम्न रक्तचाप और रक्त उत्पादन में वृद्वि से भी थकान हो सकती है। इस थकान, का मुकाबला करने के लिए आप जितना आराम कर सकती हैं करें। और साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आपके खाने में पर्याप्‍त मात्रा में आयरन और प्रोटीन हो।

    थकान
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