हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

न्‍यूट्रीशन टेबल पर इन चीजों की अनदेखी न करें

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 07, 2014
आजकल डिब्‍बाबंद खाने का चलन बढ़ रहा है। और इसलिए एक जागरुक उपभोक्‍ता होने के नाते आपके लिए न्‍यूट्रीशन टेबल पर नजर डालना लाजमी है। और यह देखना भी कौन सा पोषक तत्‍व किस मात्रा में है।
  • 1

    खाने में रखें ध्यान

    कई बार आप पैकेट पर तमाम तरह के लुभावने वादे लिखे देखते हैं। जैसे 'लाइट', 'नेचुरल' और 'फ्री रेंज' आद‍ि। ये सब आपको पहले भी चकराता रहा है और आगे भी करता रहेगा। हमारे देश में भी डिब्बाबंद आहार का चलन बढ़ रहा है। भागती दौड़ती जिंदगी के कारण ये हमारे जीवन का अहम अंग बन गए हैं।

    खाने में रखें ध्यान
  • 2

    न्यूट्रीशनिस्ट टेबल है अहम

    हम पैकेट उठाते हैं, देखते हैं, उसे पढ़ते हैं। हम देखते हैं कि उसमें कितनी कैलोरी है, कितनी वसा है, कितना प्रोटीन है और भी तमाम तरह की ऐसी बातें। लेकिन, अकसर हम इस बात से अनजान रहते हैं कि आखिर किस तत्व की कितनी मात्रा हमारे लिए जरूरी होती है। और क्या सबके बारे में जानना जरूरी होता है। शायद नहीं, जानने का प्रयास करते हैं ऐसे पांच उत्पादों के बारे में जिनके बारे में पैकेट खाना खरीदते समय आपको ध्यान देना चाहिये।

    न्यूट्रीशनिस्ट टेबल है अहम
  • 3

    कैलोरी

    पैकेड फूड खरीदते समय सबसे पहले आप उसमें मौजूद कैलोरी पर नजर डालते हैं। कैलोरी को प्रमुखता से लिखा जाता है। इसलिए इस पर आपकी नजर आसानी से चली जाती है। अगर आप पैकेट फूड में मौजूद कैलोरी पर ध्‍यान दें, तो आप अपने लिए बेहतर आहार योजना बना सकते हैं। इससे आपको अंदाजा रहता है कि आपने कितनी कैलोरी का सेवन कर लिया और आपको कितनी कैलोरी और लेनी चाहिये।

    कैलोरी
  • 4

    सर्वरिंग साइज

    लेबल पर लिखे सर्वरिंग साइज भी आपको अधिक व्‍यावहारिक और सही तस्‍वीर बनाने में मदद करते हैं। इससे आपको अंदाजा रहता है कि पैकेट फूड की कितनी मात्रा में कितनी कैलोरी होंगी और आपको कितना खाना चाहिये। किसी खाद्य पदार्थ में पर्याप्‍त मात्रा में कैलोरी हो सकती हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि आप सारे दिन की आपूर्ति के लिए दोगुना, तीगुना या चौगुना करने की जरूरत नहीं। कैलोरी और सर्वरिंग साइज एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, आप एक को दूसरे से अलग करके नहीं देख सकते।

    सर्वरिंग साइज
  • 5

    पोटेशियम

    एक अनुमान के अनुसार 97 फीसदी अमेरिकियों को इस बात का अंदाजा नहीं होता कि उन्‍हें भोजन में कितना पोटेशियम लेना चाहिये। हालांकि, अगर हम अपने आहार में फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ा दें तो इस कमी को पूरा कर सकते हैं। लेकिन फिर भी हममें से अधिकतर लोग 3500-4700  मिलीग्राम की न्‍यूनतम आवश्‍यकता की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। तो, बेहतर होगा कि आप अपने फूड लेबल पर यह जरूर जांच लें कि उसमें पोटेशियम की मात्रा कितनी है।

    पोटेशियम
  • 6

    शर्करा

    आहार को प्रोसेस करते समय उसमें शुगर की मात्रा बढ़ा दी जाती है। इसे अतिरिक्‍त शर्करा कहा जाता है। यह मात्रा फलों और अन्‍य खाद्य पदार्थों में पहले से मौजूद शर्करा से अतिरिक्‍त होती है। यह अतिरिक्‍त शुगर आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह होती है। लेकिन, एक जागरुक उपभोक्‍ता बनिये और यह जानने का प्रयास कीजिये कि आखिर आपके भोजन में यह अतिरिक्‍त शर्करा किन स्रोतों से आ रही है। इसके लिए आपको पैकेट फूड के इन्‍ग्रेडिएंस के बारे में पता लगाना होगा।

    शर्करा
  • 7

    सोडियम

    सोडियम को हम सभी नापसंद करते हैं। और यह बात सही भी है कि सोडियम की अधिक मात्रा हमारी सेहत पर विपरीत असर डालती है। लेकिन इसके साथ ही यह बात भी जाननी जरूरी है कि सोडियम की मात्रा यदि हमारे शरीर में कम हो जाए तो वह भी अच्छा नहीं होता। यहां एक बात ध्यान रखने वाली है कि हमारे भोजन में सोडियम की अधिकतर मात्रा पैकेटबंद और उच्च संतृप्त आहार से आती है। और कई बार सोडियम आपको ऐसे स्रोतों से प्राप्त होता है जिसके बारे में आपने शायद विचार भी नहीं किया होता, जैसे ब्रेड। हमारे शरीर के लिए रोजाना 2300-2400 मिलीग्राम सोडियम की आवश्यकता होती है।  इतना सोडियम हमें एक छोटे चम्मच नमक से मिल जाता है।

    सोडियम
  • 8

    आखिर में

    आहार विशेषज्ञ, फूड इंडस्ट्री और सरकार की यह साझा जिम्मेदार है कि एक दूसरे का सहयोग करें और जनता को इस दिशा में जागरुक बनायें कि उन्हें किस प्रकार का भोजन करना चाहिये। और वहीं जागरुक उपभोक्ता होने के नाते यह हमारा भी दायित्व है कि हम इस दिशा में विचार करें। हम ऐसे तत्वों के बारे में जानकारी हासिल करें जो हमारी सेहत के लिए उपयोगी अथवा नुकसान पहुंचाने वाले हैं।

    आखिर में
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर