पानी में मौजूद फ्लोराइड है स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 13, 2015

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फ्लोराइड एक ऐसा ही रसायन है जो दूषित पानी में मौजूद होता है। पानी में मौजूद फ्लोराइड के कारण दांतों में पीलापन, हड्डियों का कमजोर होना, पेट की समस्‍या होना आदि कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें हो सकती हैं। इसलिए आप जो भी पानी पी रहे हैं उसमें यह सुनिश्चित कर लें कि वह पूरी तरह स्‍वस्‍थ और उसमें फ्लोराइड जैसे रसायन मौजूद न हों।
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    पानी में मौजूद फ्लोराइड

    पानी हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए हमें नियमित 10-12 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसलिए पानी पीते वक्‍त इसकी स्‍वच्‍छता का ध्‍यान रखें, क्‍योंकि इसमें मौजूद विभिन्‍न तरह के रसायन हमारे स्‍वास्‍थ्‍य पर नकारात्‍मक प्रभाव डालते हैं। फ्लोराइड एक ऐसा ही रसायन है जो दूषित पानी में मौजूद होता है। पानी में मौजूद फ्लोराइड के कारण दांतों में पीलापन, हड्डियों का कमजोर होना, पेट की समस्‍या होना आदि कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें हो सकती हैं। इसलिए आप जो भी पानी पी रहे हैं उसमें यह सुनिश्चित कर लें कि वह पूरी तरह स्‍वस्‍थ और और उसमें फ्लोराइड जैसे रसायन मौजूद न हों। आगे की स्‍लाइड में विस्‍तार से जानिये किस तरह फ्लोराइड से हमारा स्‍वास्‍थ्‍य प्रभावित होता है।
    Image Courtesy : Getty Images

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    फ्लोराइड का असर

    फ्लोराइड दोधारी तलवार की तरह काम करती है। जहां इसकी अधिक मात्रा शरीर में फ्लोरोसिस नामक समस्‍या उत्पन्न करती है और कम मात्रा मसूडों की सड़न जैसी समस्‍या का कारण बनती है। पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने पर जल के रंग व स्वाद पर कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए लोग इसकी उपस्थिति से अनजान प्रदूषित जल का प्रयोग करते जाते हैं और फ्लोरोसिस का शिकार हो जाते हैं।
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    फ्लोरोसिस

    पानी में फ्लोराइड के होने से फ्लोरोसिस की समस्‍या हो सकती है। ज्यादा फ्लोराइड के इस्तेमाल से फ्लोरोसिस हो जाता है जिसमें दांतों का रंग हल्का हो जाता है या दांतों की सतह पर अनियमितताये पैदा हो जाती हैं। एक बार दांत पूरी तरह से विकसित हो जाता है तब उसपर ज्यादा फ्लोराइड का प्रभाव नहीं पड़ता। फ्लोरोसिस दांत की बीमारी से ज्यादा कॉस्मेटिक समस्या है। कई मामलों में यह इतना हल्का होता है कि इसे डेंटिस्ट हीं पहचान सकते हैं। पीने के पानी में पर्याप्त मात्रा में फ्लोराइड होने के बावजूद अगर बच्चे फ्लोराइड की अतिरिक्त खुराक (दवा या टूथ पेस्ट निगलने के रूप में लेते हैं) तो उन्हें फ्लोरोसिस हो सकता है।
    Image Courtesy : fluoridealert.org

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    जोड़ों को नुकसान

    पानी में मौजूद फ्लोराइड शरीर में जाकर जोड़ों के बीच में जमा हो जाता है तथा शरीर की मांसपेशियों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाता है। फ्लोराइड के घुटनों अन्य जोड़ों में जमा होने के कारण उनकी मूवमेंट बंद हो जाती है तथा मांसपेशियां कमजोर होने के कारण घुटने काम करने ही बंद कर देते हैं। फ्लोराइड मुख्य तौर पर पानी के रास्ते शरीर में जाता है इसलिए पानी को पूरी तरह से शुद्ध करके ही पीएं।
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    खून में हीमोग्लोबिन के स्तर का कम होना

    पहले यह माना जाता था कि फ्लोराइड केवल दांतों व हड्डियों पर ही असर डालता है परन्तु हाल में किए गए शोध से यह बात सामने आई कि शरीर में अधिक फ्लोराइड खून में हीमोग्लोबिन के स्तर को कम करता है। पेट तथा अंतड़ियों के विकार पैदा करता है, तथा ज्यादा प्यास लगना, मांसपेशियों का विघटन व त्वचा के रोग पैदा करने में योगदान देता है।
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    हड्डियों का टेढ़ा होना

    हड्डियों के फ्लोरोसिस का उस समय तक पता नहीं चलता जब तक हड्डियां टेढ़ी नहीं हो जाती। कई मामलों में तो हड्डियां पोलियो ग्रस्त रोगी जैसी हो जाती है। हड्डियों का फ्लोरोसिस गर्दन, कोहनी, कन्धे, घुटनों, हाथों व पैरों के जोड़ों पर सबसे ज्यादा असर डालता है। फ्लोरोसिस की समस्या तेजी से बढ़ रही है इसलिए समय रहते इसका उपचार कराना आवश्यक है।
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    गर्भावस्‍था में नुकसानदेह

    गर्भवती महिलाओं को खानपान का विशेष ध्‍यान देना चाहिए, क्‍योंकि इससे न केवल मां बल्कि बच्‍चे की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है। गर्भावस्‍था के दौरान फ्लोराइड युक्‍त पानी का सेवन करने गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा इससे बच्‍चे का मा‍नसिक विकास भी सही तरीके से नहीं हो पाता है। इसलिए गर्भावस्‍था के दौरान स्‍वच्‍छ और केमिकलरहित पानी का सेवन करना चाहिए। हो सके तो गर्भवती महिला केवल प्‍यूरीफायर के पानी का ही सेवन करें।
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    पेट की समस्‍याएं

    शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए पेट को बीमारियों से बचाना जरूरी है, क्‍योंकि आपका पेट आपकी सेहत के बारे में बताता है। हम जिस आहार का सेवन करते हैं वो पेट मे मौजूद ग्रंथियों के जरिये ही पूरे शरीर को मिलता है। यानी आपका पूरा स्‍वास्‍थ्‍य पेट पर निर्भर है। फ्लोराइड युक्‍त पानी का सेवन करने से पेट में गैस पेट फूलने की समस्‍या हो सकती है। इसके अलावा अगर पानी में फ्लोराइड अधिक मात्रा में मौजूद हो तो खाना भी सही तरीके से नहीं पच पाता है और पेट में भारीपन महसूस होता है।
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