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इन 5 आसान तरीकों से कम करें अपना ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 16, 2015
डायबिटीज और मोटापे की समस्या को लेकर आजकल हर उम्र का इंसान परेशान है और इसे नियंत्रित करने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम करने पर जोर दे रहे हैं, ये क्‍या है और इसे कैसे कम करें, इसके बारे में हम आपको बता रहे हैं।
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    क्या होता है ग्लाइसेमिक इंडेक्स

    ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक प्रकार का अंक है जिसकी गणना आसानी से की जा सकती है। अगर आपको 25 ग्राम ग्लूकोज दिया जाये और कुछ समय बाद आपके रक्त में ग्लूकोज के स्तर की जांच की जाये। तो आपने जो खाया है और रक्त में मौजूद ग्लूकोज की मात्रा के भागफल को 100 से गुणा करने पर खाए हुए पदार्थ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स आ जायेगा। ऐसे आहार का सेवन कीजिए जिससे ग्लाइसेमिक इंडेक्स 50 से अधिक न हो।
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    क्या होता है ग्लाइसेमिक इंडेक्स
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    जीआई कम करना क्यों जरूरी

    आहार में ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स की मात्रा कम होती है वह ब्‍लड ग्‍लूकोज के स्‍तर को बढ़ाता नहीं बल्कि उसे सामान्‍य रखता है। इससे खून में ग्‍लूकोज की मात्रा नहीं बढ़ती और मोटापे के साथ-साथ डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी के होने की संभावना भी कम होती है। इसलिए खाने में लो ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स वाले आहार का सेवन अधिक कीजिए।
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    जीआई कम करना क्यों जरूरी
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    प्रोटीन बढ़ायें

    मांसपेशियों के लिए ईंधन का काम करने वाला प्रोटीन आपके पेट में पेपटाइड्स (सिंथेसाइज्ड अमीनो एसिड) का स्तर भी बढ़ाता  है। सेसिएटी सिग्नल भेजने के लिए ये पेपटाइड्स मॉलेक्यूलर लेवल पर दिमाग के साथ बातचीत करते हैं। हर बार भोजन करने पर उसमें 20-40 ग्राम प्रोटीन जरूर जोड़ना चाहिए। इसके लिए शाकाहारी भोजन सबसे बेहतर है, क्योंकि इनमें प्रोटीन ज्यादा रहता है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) कम रहता है। जीआई जितना कम होगा, आपको पेट उतनी ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस होगा। भारतीय भोजन को ध्यान में रखा जाए, तो सेला चावल और दालें बढ़िया विकल्प हैं।
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    प्रोटीन बढ़ायें
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    फाइबर लें

    फाइबर आपके ब्लड शुगर के स्तर को भी संतुलित रखता है। फाइबर रक्त के अवशोषण को धीमा कर देता है जिससे आपका ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।ओट्स में भरपूर मात्रा में फाइबर होते हैं। यह ब्‍लड़ सुगर को मैनेज करने में मददगार साबित होते हैं। इसके सेवन से शरीर को भरपूर ऊर्जा, कम कैलोरी और कम मात्रा में ग्‍लूकोज मिलता है। इसमें बीटा ब्‍लूकॉन होता है जो इंसुलिन की मात्रा को बढ़ा देता है।
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    फाइबर लें
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    एप्‍पल साइडर

    सेब का सिरका, स्‍वाद में खट्टा होता है लेकिन इसके हर दिन पीने से डायबटीज की समस्‍या दूर हो जाती है। इसमें इंसुलिन को उच्‍च करने की क्षमता होती है जिसके कारण, ब्‍लड़ सुगर का उच्‍च स्‍तर स्‍वत: कम हो जाता है।
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    एप्‍पल साइडर
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    दालचीनी

    दालचीनी का इस्‍तेमाल भोजन बनाने में सिर्फ ज़ायके के लिए नहीं किया जाता है बल्कि इससे कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होते हैं। इसके सेवन से शरीर में ब्‍लड़ ग्‍लूकोज की मात्रा की संतुलित रहती है।
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    दालचीनी
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    बादाम

    बादाम में विटामिन ई, हेल्‍दी फाइबर होते हैं जो शरीर में ब्‍लड़ सुगर के स्‍तर को मेंटेन रखते हैं। इसमें आयरन, मैग्‍नीशियम, जिंक, प्रोटीन आदि भी होते हैं जो शरीर में शर्करा के स्‍तर को उचित बनाएं रखते हैं। यह कोलेस्‍ट्रॉल भी नहीं बढ़ाता है।
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    बादाम
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    फल

    संतरा खट्टा फल होता है जिसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। इसमें पेक्टिन नामक फाइबर होता है जो कोलेस्‍टॉल और ब्‍लड सुगर को संतुलित रखता है। यह जीआई में बहुत कम होता है जिसके कारण इसके सेवन से हाई ब्‍लड़ सुगर लेवल की टेंशन भूल जाना चाहिए।ब्‍लूबेरी, साइज में छोटी जरूर होती हैं लेकिन इनमें गुण बहुत सारे होते हैं। एक बार में 4 ब्‍लूबेरी का सेवन करने पर छ: महीनों के भीतर इंसुलिन की मात्रा शरीर में संतुलित हो जाती है यानि ब्‍लडशुगर लेवल सही आ जाता है।
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    फल
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